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महाराष्ट्र Exit Poll: बीजेपी-शिवसेना की डबल सेंचुरी में रोड़ा बने बागी!

एग्जिट पोल में दिलचस्प विश्लेषण सामने आया है. एग्जिट पोल के आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र में दलबदलू और बागी उम्मीदवार एक बड़े चुनावी गेमचेंजर बने हैं. अनुमान है कि करीब 22 से 32 सीटों पर दलबदलू और बागी उम्मीदवार चुनाव जीत सकते हैं. यहां तक कि कुछ सीटों पर बीजेपी के बागी उम्मीदवार शिवसेना को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं.

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस

  • महाराष्ट्र के एग्जिट पोल में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को बहुमत
  • बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को 166-194 सीटें मिलने का अनुमान
  • 22 से 32 सीटों पर जीत सकते हैं दलबदलू या बागी प्रत्याशी

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के रिजल्ट से पहले आए एग्जिट पोल के अनुमानों ने भारतीय जनता पार्टी को दिवाली पर बड़े धमाके का मौका दे दिया है. इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को 166-194 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है. हालांकि, देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में बीजेपी गठबंधन दोहरा शतक लगाने से चूकता हुआ दिखाई दे रहा है और इसके पीछे बागियों को भी बड़ा फैक्टर माना जा रहा है.

एग्जिट पोल में भी इससे जुड़ा दिलचस्प विश्लेषण सामने आया है. एग्जिट पोल के आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र में दलबदलू और बागी उम्मीदवार एक बड़े चुनावी गेमचेंजर बने हैं. अनुमान है कि करीब 22 से 32 सीटों पर दलबदलू और बागी उम्मीदवार चुनाव जीत सकते हैं. यहां तक कि कुछ सीटों पर बीजेपी के बागी उम्मीदवार शिवसेना को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं.

चुनाव से पहले दिखी थी बागियों की चिंता

यूं तो चुनाव से पहले कांग्रेस और एनसीपी में भी बागियों को लेकर चिंता देखने को मिली है, लेकिन बीजेपी-शिवसेना गठबंधन पर इसका काफी असर देखने को मिला है. चुनाव से पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ये चेतावनी तक देनी पड़ी थी कि अगर बागी चुनावी मैदान से नहीं हटे तो 'उन्हें उनकी जगह दिखा दी जाएगी'.

चुनाव से पहले ही यह जानकारी आ रही थी कि बीजेपी और शिवसेना करीब तीस सीटों पर बागियों के गुस्से का सामना कर रही है. चुनाव के अंतिम समय तक छोटे स्तर के नेता पार्टी छोड़कर जाते रहे हैं.

जहां आमने-सामने लड़ी बीजेपी और शिवसेना

बागियों के अलावा दो सीटें ऐसी भी हैं, जहां बीजेपी और शिवसेना के प्रत्याशी आमने-सामने चुनाव लड़े हैं. इनमें एक सीट है कणकवली और दूसरी माण. ये दोनों सीटें ऐसी हैं, जहां बीजेपी का प्रत्याशी होने के बावजूद शिवसेना ने अपने कैंडिडेट उतारे. कणकवली सीट से बीजेपी ने पूर्व सीएम नारायण राणे के बेटे नितेश राणे को टिकट दिया है, जबकि माण से जयकुमार गोरे को मैदान में उतारा है. ये दोनों ही नेता 2014 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर जीते थे और हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए थे.

लिहाजा, एक तरफ जहां बीजेपी और शिवसेना ने कांग्रेस-एनसीपी के बड़े नेताओं को अपने पाले में लाकर विपक्ष की कमर तोड़ने का काम किया है, वहीं दूसरी तरफ टिकट बंटवारे के मुद्दे पर दोनों ही दलों को अपने नेताओं की बगावत का भी सामना करना पड़ा है. एग्जिट पोल के विश्लेषण भी बागियों से होने वाले नुकसान की ओर इशारा कर रहे हैं.

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