बिहार में लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के लिए चुनाव प्रचार रविवार को समाप्त हो गया. अब राज्य के पांच लोकसभा सीटों पर कुल 54 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 7 मई को वोटर्स करेंगे. अररिया, सुपौल, झंझारपुर, मधेपुरा और खगड़िया के मतदाता 7 मई को वोटिंग करेंगे. बता दें कि ये सभी सीटें फिलहाल सत्तारूढ़ एनडीए के पास है.
वोटरों को अपने पाले में लाने के लिए एनडीए की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमांचल के अररिया में चुनावी रैली की थी और पार्टी सांसद प्रदीप सिंह को फिर से जिताने के लिए लोगों से वोट देने की अपील की थी.
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झंझारपुर में रैली की थी जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सुपौल में चुनावी सभा को संबोधित किया था. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जो एनडीए के साझेदार हैं उन्होंने सभी पांच निर्वाचन क्षेत्रों में रैलियां और रोड शो किया था.
इन पांच सीटों पर होगी वोटिंग
तीसरे चरण में जिन पांच सीटों पर मतदान होना है, उनमें से तीन सीट, सुपौल, झंझारपुर और मधेपुरा अभी जेडीयू के कब्जे में हैं. इन सीटों पर पार्टी ने मौजूदा सांसदों को ही टिकट दिया है.
अररिया और खगड़िया में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी चुनावी सभाओं को संबोधित किया था. खगड़िया सीट चिराग पासवान की अगुवाई वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के खाते में चली गई है.
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने खगड़िया और झंझारपुर सहित सभी पांच सीटों पर प्रचार किया. हालांकि उनकी पार्टी इन सीटों पर चुनाव नहीं लड़ रही है. सीपीआई (एम) के बड़े नेता खगड़िया में अपनी अनुपस्थिति के कारण चर्चा में रहे, पार्टी इस बार बिहार में एकमात्र सीट पर चुनाव लड़ रही है.
झंझारपुर में वीआईपी उम्मीदवार की किस्मत दांव पर
झंझारपुर में बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश साहनी की अगुवाई वाली विकासशील इंसान पार्टी चुनाव लड़ रही है, साहनी की पार्टी बिहार में कुल तीन सीटों पर चुनाव लड़ रही है. साहनी को बिहार में 'महागठबंधन' में निषाद समुदाय के वोटों का साथ लाने के लिए शामिल किया गया है.