महाराष्ट्र के अमरावती में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित अमरावती लोकसभा क्षेत्र में कमल खिलाने के लिए पहली बार 'सोलापुर पैटर्न' लागू होने की संभावना है. अमरावती से मौजूदा सांसद नवनीत राणा की संभावित उम्मीदवारी का विरोध किया जा रहा है. बीजेपी के स्थानीय नेताओं ने इस संबंध में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की.
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बीजेपी के स्थानीय नेताओं का कहना है कि अमरावती सीट से बीजेपी के किसी कार्यकर्ता को टिकट दिया जाना चाहिए, जिन्हें जिताकर लाने की जिम्मेदारी उनकी होगी.
क्या है सोलापुर पैटर्न?
सोलापुर से मौजूदा सांसद डॉ. जयसिद्धेश्वर शिवाचार्य महास्वामी को इस बार टिकट नहीं दिया गया है. उनकी जगह बीजेपी ने एक नए चेहरे राम सतपुते पर दांव लगाया है. अमरावती में ठीक उसी पैटर्न को लागू करने के लिए बीजेपी में हलचल तेज हुई है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बीजेपी अमरावती से मौजूदा सांसद नवनीत राणा की जगह एक नए चेहरे को लाने के लिए प्लान बी के साथ तैयार है.
बता दें कि अमरावती और सोलापुर निर्वाचन क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं. इन दोनों संसदीय क्षेत्रों के मौजूदा सांसद नवनीत राणा और डॉ. जयसिद्धेश्वर शिवाचार्य महास्वामी के जाति प्रमाण पत्र को लेकर मामला कोर्ट में प्रलंबित है.
अमरावती में नवनीत राणा का विरोध
बीजेपी नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आग्रह किया गया है कि कुछ भी करें, लेकिन नवनीत राणा को टिकट न दें. इस बीच अमरावती में बीजेपी नेताओं ने 'कुछ भी करो, लेकिन नवनीत राणा को उम्मीदवार मत बनाओ' का नारा तेज कर दिया है. स्थानीय नेताओं का ये भी कहना है कि बीजेपी का उम्मीदवार एक कोर कार्यकर्ता होना चाहिए और हम उसे विजयी करने की जिम्मेदारी लेते हैं.
अमरावती लोकसभा में पहली बार कमल!
महाराष्ट्र के बीजेपी अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि बीजेपी अमरावती लोकसभा चुनाव लड़ेगी. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि इस सीट से उम्मीदवार कौन होगा. बीजेपी के गठन के बाद पहली बार अमरावती लोकसभा सीट पर कमल निशान पर उम्मीदवार होगा. मतदाता भी यह जानने का इंतजार कर रहे हैं कि आखिर यह प्रत्याशी कौन है.
अमरावती की सांसद नवनीत राणा 2019 में कांग्रेस-एनसीपी के समर्थन से निर्दलीय चुनी गई थीं. हालांकि, राणा ने कुछ ही महीनों में एनडीए सरकार को समर्थन देने का फैसला किया. तब से वह बीजेपी के साथ हैं. इस साल वह बीजेपी से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं. इसलिए 17 मार्च को आयोजित युवा स्वाभिमान पार्टी की कार्यकर्ता बैठक में नवनीत राणा ने 'स्वाभिमान' के कार्यकारी अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया.
नवनीत राणा के पति विधायक रवि राणा ने मेलघाट में होली के मौके पर आदिवासियों से बातचीत में बताया कि वह बीजेपी के कमल पर चुनाव लड़ेंगी. हालांकि, नवनीत राणा की जाति प्रमाणपत्र पर फैसला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. बॉम्बे हाईकोर्ट पहले ही राणा के जाति प्रमाणपत्र को मुद्दा बना चुका है. बीजेपी के वरिष्ठों को संकेत मिले हैं कि ये नतीजे किसी भी वक्त आ सकते हैं इसलिए बीजेपी ने प्लान बी के तहत 'SC' महिला उम्मीदवारों की तलाश की है.