कर्नाटक की उडुपी चिकमंगलूर सीट पर जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के प्रमोद माधवराज और भारतीय जनता पार्टी की शोभा करंदलाजे के बीच मुख्य मुकाबला रहा. शोभा करंदलाजे ने 349599 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. उन्हें 717482 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के प्रमोद माधवराज 368932 वोट से संतोष करना पड़ा.
बता दें कि उडुपी चिकमंगलूर सीट पर दूसरे चरण के तहत 18 अप्रैल को वोट डाले गए. चुनाव आयोग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक,उडुपी चिकमंगलूर लोकसभा सीट पर 75.91 फीसदी मतदान हुआ था.
कौन थे प्रमुख उम्मीदवार
उडुपी चिकमगलूर लोकसभा सीट पर बहुजन समाज पार्टी से परमेश्वर, जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) से प्रमोद माधवराज, भारतीय जनता पार्टी से शोभा करंदलाजे, शिवसेना से पी गौतम प्रभु, प्रोटिस्ट सर्व समाज से एमके दयानंद, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया मार्क्सिस्ट लेनिनिस्ट रेड स्टार से कॉमरेड विजय कुमार, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (कर्नाटक) से शेकर हवानजे और उत्तम प्रजाकीय पार्टी से सुरेश कुंदेर चुनाव मैदान में थे. इसके साथ ही अब्दुल रहमान, अमृत शेनॉय पी, मग्गालमक्की गणेश और केसी प्रकाश बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे.
2014 का चुनाव
कर्नाटक की उडुपी चिकमंगलूर सीट पर साल 2014 में 74.56 फीसदी फीसदी वोटिंग हुई थी, जबकि इससे पहले 2009 के चुनाव में यहां 50.45 फीसद वोट पड़े थे.
सामाजिक ताना-बाना
उडुपी चिकमंगलूर लोकसभा सीट की आबादी 18,18,242 है, जिसमें करीब 13.87 लाख मतदाता शामिल हैं. इस सीट पर 6.79 लाख पुरुष और 7.08 लाख महिला वोटर आते हैं. इस लोकसभा सीट की 70 फीसदी आबादी ग्रामीण जबकि 30 फीसदी आबादी शहरी इलाके से आती है. इस क्षेत्र में अनुसूचित जाति वर्ग की आबादी 14.44 फीसदी और अनुसूचित जनजाति की आबादी 5 फीसदी के करीब है. उडुपी चिकमंगलूर लोकसभा सीट के अंतर्गत विधानसभा की 8 सीटें भी आती हैं.
सीट का इतिहास
कर्नाटक की उडुपी चिकमंगलूर सीट 2008 के हुए परिसीमन के बाद ही अस्तित्व में आई है और इस सीट पर अब तक तीन बार लोकसभा चुनाव हुए हैं, जिनमें 2012 का उपचुनाव भी शामिल है. उडुपी चिकमंगलूर सीट पर बीजेपी हावी रही है और यहां सिर्फ एक बार उपचुनाव में कांग्रेस को जीत मिली थी.
उडुपी चिकमंगलूर सीट पर 2009 में पहली बार चुनाव हुए थे और तब बीजेपी के डी.वी. सदानंद गौड़ा यहां से चुनकर लोकसभा पहुंचे थे. गौड़ा ने इस चुनाव में कांग्रेस के के. जयप्रकाश हेगड़े को करीब 27 हजार वोटों से हराया था. इसके बाद 2011 में जब बी.एस. येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा तो उनकी जगह सदानंद गौड़ा को सूबे का मुख्यमंत्री बनाया गया. इसके बाद साल 2012 में हुए उपचुनाव में इस सीट पर कांग्रेस के जयप्रकाश हेगड़े ने बीजेपी के वी. सुनील कुमार को शिकस्त दी. इसके बाद साल 2014 के लोकसभा चुनाव में शोभा कारनदलाजे उडुपी लोकसभा सीट जीतकर बीजेपी की वापसी कराने में सफल रहीं.
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