कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए मतदान से पहले बीजेपी को करारा झटका लगा है. मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति (MCMC) ने कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस के खिलाफ बनाए गए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तीन वीडियो विज्ञापनों के प्रसारण पर रोक लगा दी. कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति (KPCC) द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत के बाद यह रोक लगाई गई है.
शुक्रवार को समिति ने मीडिया को इन विज्ञापनों को दिखाने से रोका था. उसने कहा था कि ये विज्ञापन चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हैं. मालूम हो कि में 12 मई को विधानसभा चुनाव होने हैं. KPCC की ओर से पार्षद वीएस उगरप्पा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर MCMC ने यह कार्रवाई की. KPCC ने इन विज्ञापनों को चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताया है.
MCMC के आदेश में कहा गया कि सूचना और जनसंपर्क विभाग के आयुक्त हर्षा पीएस ने अपने आदेश में 35-35 सेकेंड के 'जन विरोधी सरकार', 'विफल सरकार ' और 50 सेकेंड के 'मूरु भाग्य' के प्रसारण पर रोक लगा दी है. इन तीनों दृश्यात्मक विज्ञापनों की इजाजत बीजेपी के राज्य कार्यालयी सचिव गणेश याजी को 22 अप्रैल को दी गई थी. उगरप्पा ने अपनी शिकायत में कहा कि ये विज्ञापन भारतीय दंड संहिता (IPC) के साथ ही लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत हैं.
BJP’s vitriolic agenda stumped as EC bans the venemous advts’ of its Karnataka unit facing imminent defeat!
Truth prevails!!!
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala)
वहीं, ने बीजेपी के इन विज्ञापनों पर रोक लगाने के फैसले का स्वागत किया है. कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ''बीजेपी का बेहद ही कटु एजेंडा स्टम्प हो गया है, क्योंकि चुनाव आयोग ने बीजेपी की कर्नाटक इकाई के जहरीले विज्ञापन पर रोक लगा दी है. कर्नाटक में बीजेपी हार से डरी हुई है. सच्चाई की जीत हुई है.'' कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने इस कार्रवाई से पहले विज्ञापन अभियान को लेकर बीजेपी की कड़ी आलोचना कर चुके हैं.