कर्नाटक में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. बीजेपी और कांग्रेस के लिए राज्य की सत्ता नाक की लड़ाई बन चुकी है. सिद्धारमैया को आगे करके कांग्रेस अपनी सत्ता को बरकरार रखने की जद्दोजहद कर रही है तो वहीं बीएस येदियुरप्पा के चेहरे के सहारे बीजेपी एक बार फिर से कर्नाटक की सियासी बाजी जीतना चाहती है. कांग्रेस-बीजेपी दोनों पार्टियों के कप्तान उम्र के ऐसे पड़ाव पर हैं, जिसके चलते माना जा रहा है कि कर्नाटक की सियासी पिच पर इन दोनों नेताओं का ये आखिरी चुनाव होगा.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस बीच ऐलान किया है कि राज्य का ये विधानसभा चुनाव उनके करियर का आखिरी चुनाव होगा. गुरुवार को एक जनसभा में सिद्धारमैया ने कहा कि मैं चामुंडेश्वरी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लडूंगा, क्योंकि मेरा राजनीतिक पुनर्जन्म सिर्फ यहां की जनता की मदद से हुआ था. निश्चित तौर पर यह मेरा आखिरी चुनाव होगा.
This is my last election, I will fight from Chamundeshwari, because Chamundeshwari's people have been responsible for my political re-birth: Karnataka CM Siddaramaiah
— ANI (@ANI)
70 साल की उम्र के पड़ाव पर
बता दें कि सिद्धारमैया राज्य की चामुंडेश्वरी विधानसभा क्षेत्र से सात बार चुनाव लड़ चुके हैं और पांच बार जीत हासिल की है. सिद्धारमैया का जन्म 12 अगस्त 1948 को हुआ था. इस तरह उनकी उम्र चार महीने के बाद 70 साल की हो जाएगी. इसके बाद अगला विधानसभा चुनाव पांच साल के बाद ही होगा. इस तरह से अगले विधानसभा चुनाव के दौरान 75 साल के पड़ाव पर होंगे.
कांग्रेस में युवा चेहरों को मौका
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की ताजपोशी के बाद पार्टी में युवा नेताओं को आगे बढ़ाए जाने की बात सामने आ रही है. इसी मद्देनजर माना जा रहा है कि सिद्धारमैया इस बार के विधानसभा चुनाव को अपना आखिरी चुनाव बता रहे हैं.
बीएस येदियुरप्पा चावल मिल के क्लर्क और एक किसान नेता से आगे बढ़कर दक्षिण भारत में पहली बार कर्नाटक में बीजेपी की सरकार के रूप में कमल खिलाने वाले नायक बने थे. बीजेपी फिर से येदियुरप्पा के सहारे कर्नाटक में कमल खिलाने की जुगत में है. येदियुरप्पा कांग्रेस के सिद्धारमैया से उम्र में ज्यादा बड़े हैं. 27 फरवरी 1943 को राज्य के मांड्या जिले के बुकानाकेरे में सिद्धलिंगप्पा और पुत्तथयम्मा के घर येदियुरप्पा का जन्म हुआ था. इस तरह से येदियुरप्पा ने 75 साल की उम्र पूरी कर ली है.
मोदी सरकार में उम्र की डेडलाइन 75 साल
येदियुरप्पा ने भले ही अगला चुनाव न लड़ने का ऐलान किया हो, लेकिन सिद्धारमैया के फैसले के बाद उन पर पर दबाव बनना स्वाभाविक है. इतना ही नहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने 2014 में ही ऐलान कर दिया था कि बीजेपी में जिस नेता की उम्र 75 साल के ऊपर होगी. सरकार में उसे कोई पद नहीं दिया जाएगा. इसी के चलते मोदी कैबिनेट से नजमा हेपतुल्ला और कलराज मिश्रा की छुट्टी हुई थी.
येदियुरप्पा 75 साल की उम्र पूरी कर चुके हैं
येदियुरप्पा 75 साल की उम्र पूरी कर चुके हैं. इसके बावजूद पार्टी ने उन्हें कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है. दरअसल मौजूदा समय में बीजेपी के पास कर्नाटक में येदियुरप्पा के कद का नेता कोई दूसरा नहीं है. इसके अलावा जातीय समीकरण के लिहाज से भी येदियुरप्पा बीजेपी के लिए फिट बैठते हैं. इसी सब को देखते हुए पार्टी ने उन्हें चेहरा बनाया है. लेकिन अगले विधानसभा चुनाव के दौरान येदियुरप्पा की उम्र 80 साल की होगी. इसी के मद्देनजर माना जा रहा है कि इस बार का चुनाव उनका आखिरी चुनाव होगा.