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JDS किंगमेकर नहीं किंग, BJP या कांग्रेस किसी से गठबंधन नहीं: कुमारस्वामी

पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के पुत्र कुमारस्वामी ने इंडिया टुडे के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि वे 113 सीटों के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं और जेडीएस पूर्ण बहुमत के साथ चुनाव जीतेगी.

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एचडी कुमारस्वामी
एचडी कुमारस्वामी

राजनीतिक जानकार और ओपनियन पोल बेशक कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में जनता दल-सेकुलर (JDS) के किंगमेकर होने की भविष्यवाणी कर रहे हों लेकिन राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी का कुछ और ही कहना है. कुमारस्वामी को पक्का विश्वास है कि बीजेपी, कांग्रेस और जेडीएस के बीच 12 मई को होने वाली चुनावी जंग में उनकी पार्टी किंगमेकर नहीं बल्कि किंग के तौर पर उभरेगी.  

पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के पुत्र कुमारस्वामी ने इंडिया टुडे के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि वे 113 सीटों के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं और जेडीएस पूर्ण बहुमत के साथ चुनाव जीतेगी. बता दें कि 224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में बहुमत के लिए 113 सीटों की आवश्यकता है.  

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कुमारस्वामी ने कहा, ‘ये खोखला दावा नहीं है जब मैं कहता हूं मुझे बहुमत मिलेगा. मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं. इस वक्त कर्नाटक के लोग मुझे आशीर्वाद देने जा रहे हैं. उन्होंने सिद्धारमैया और येदीयुरप्पा दोनों को देख लिया है.’

क्या ऐसी संभावना है कि कुमारस्वामी की सीटों में इतना इजाफा हो कि वे बहुमत के आंकड़े को पार कर जाएं? इस सवाल के जवाब में कुमारस्वामी ने कहा, ‘मेरे लिए इस बार मौका है. पिछली बार मैंने कमजोर आर्थिक स्थिति की वजह से 38 से ज्यादा सीट 300 से 3000 वोट के मामूली अंतर से खोई थीं. इस बार हमने बीते दो चुनावों में हुई गलतियों से सबक लेते हुए फैसले लिए हैं.’

कुमारान्ना (कुमारस्वामी को इसी नाम से उनके प्रशंसक जानते हैं) को क्यों इतना भरोसा है कि वो किंग साबित होंगे जबकि राजनीतिक जानकार और ओपिनियन पोल उनके किंगमेकर होने का अनुमान लगा रहे हैं? इस सवाल के जवाब में कुमारस्वामी ने कहा, ‘पूरा कर्नाटक ये नहीं कह रहा है कि मैं किंगमेकर हूंगा. दरअसल लोग चाहते हैं कि अगले 5 साल तक राज्य में शासन के लिए मैं किंग बनूं.’

कुमारस्वामी ने इस बात से इनकार किया कि जेडीएस सिर्फ़ ओल्ड मैसूरु में मजबूत है, बाकी कर्नाटक में नहीं. कुमारस्वामी ने कहा, ‘ऐसा नहीं है, राजनीतिक जानकारों की ओर से जेडीएस के सिर्फ ओल्ड मैसूरु में मजबूत होने का अनुमान लगाना गलत है. हकीकत ये है कि हमने उत्तरी कर्नाटक में भी खुद को मजबूत किया है.’  कुमारस्वामी के मुताबिक कृषि प्रधान ये क्षेत्र बदहाल है और ये सब राज्य और केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से है. कुमारस्वामी ने कहा, ‘ज्यादातर लोग कृषि पर निर्भर हैं. वो CM की कुर्सी पर ऐसा व्यक्ति देखना चाहते हैं जो उनके हितों की रक्षा करे और उन्होंने वो मुझमें देखा है. इस बार, किसान जेडीएस को वोट करने जा रहे हैं.’   

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कुमारस्वामी पहले बीजेपी के साथ मिलकर काम कर चुके हैं. 2006 में उन्होंने पिता देवेगौड़ा के साथ विद्रोह कर बीजेपी के साथ कर्नाटक में गठबंधन सरकार बनाई थी. जब उनसे बीजेपी के साथ काम करने के अतीत के अनुभव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जिक्र किया कि कैसे उस वक्त उनके डिप्टी सीएम रहे येदियुरप्पा बीजेपी को छोड़ना चाहते थे.   

पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा, ‘येदियुरप्पा बीजेपी छोड़ना चाहते थे. उन्होंने मुझसे कहा था कि कैबिनेट मंत्री के तौर पर मंत्रिमंडल में शामिल कर लो. तब मैंने उन्हें सलाह दी थी कि पार्टी मत छोड़ो नहीं तो अपनी पहचान खो दोगे. उनके साथ कुछ विधायक भी बीजेपी छोड़ना चाहते थे. मैंने उन्हें सलाह दी थी कि इन विधायकों को अपने भरोसे में लो. वो (येदियुरप्पा) मेरी सलाह भूल गए. मैंने बीजेपी के साथ हाथ अपने विधायकों के दबाव की वजह से मिलाया था.’   

कुमारस्वामी ने ये जिक्र भी किया कि कैसे बीजेपी के एक नेता ने आरोप लगाया था कि उन्होंने माइनिंग एजेंटों से (बेल्लारी माइनिंग घोटाले के प्रमुख अभियुक्त जी जनार्दन रेड्डी) 150 करोड़ रुपए की मोटी घूस ली थी. कुमारस्वामी ने कहा कि उस वक्त बीजेपी का कोई नेता उनके बचाव में सामने नहीं आया था.

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कुमारस्वामी ने कहा, ‘वे (बीजेपी नेता) चुपचाप देखते रहे थे कि कैसे मेरी छवि को खराब किया जा रहा था. एक बीजेपी मंत्री ने तो यहां तक आरोप लगाया था कि मैंने उसकी हत्या के लिए सुपारी दी थी. मैं किसी के साथ अब नहीं जाना चाहता (ना कांग्रेस के साथ, ना बीजेपी के साथ)।

कुमारस्वामी के मुताबिक उन्होंने अतीत में बीजेपी के साथ इसलिए हाथ मिलाया था क्योंकि कांग्रेस उनकी पार्टी को खत्म करना चाहती थी. कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही दुश्मन हैं.

कुमारस्वामी ने पिता देवेगौड़ा से किसी तरह के मतभेद की बात से इनकार किया. उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित राजनीतिक गठबंधन को लेकर उनके पिता और उनके विचार एक जैसे हैं. कुमारस्वामी ने कहा, कोई मतभेद नहीं है. हम चुनाव में एकमत से फैसला लेंगे. मेरे पिता मेरे बॉस हैं.

देवेगौड़ा के इस बयान कि वे और उनका परिवार कुमारस्वामी से नाता तोड़ लेंगे अगर उन्होंने दोबारा बीजेपी के साथ हाथ मिलाया. इस पर कुमारस्वामी ने कहा, 12 साल पहले जो मैंने फैसला लिया था वो राजनीतिक दबाव में लिया था. उन्होंने (देवेगौड़ा) वो बयान उस संदर्भ में दिया हो सकता है. लेकिन मुझे उस फैसले पर खेद नहीं है क्योंकि मैंने वो फैसला अपनी पार्टी को कांग्रेस से बचाने के लिए किया था. इसने मुझे पार्टी को राज्य में मजबूत बनाने में मदद की.

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लेकिन क्या जेडीएस को बहुमत नहीं मिलता तो कुमारस्वामी घर पर बैठेंगे और क्या राजनीति में सब कुछ मुमकिन नहीं है?  इस सवाल के जवाब में कुमारस्वामी ने कहा, ‘संभावना हो सकती है लेकिन हम इसे तीन दिन में बदल सकते हैं. हम 113 सीटों के जादुई आंकड़े को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं. हमें पूर्ण बहुमत मिलेगा.’

कुमारस्वामी ने प्रधानमंत्री मोदी पर इस बात के लिए प्रहार किया कि एक तरफ उन्होंने देवेगौड़ा की प्रशंसा की और फिर लोगों से जेडीएस को वोट देकर अपना वोट खराब नहीं करने की अपील की. कुमारस्वामी ने कहा कि कर्नाटक के मतदाता मोदी को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं.

कुमारस्वामी ने कहा, ‘मैं अपने माननीय प्रधानमंत्री को देखता आ रहा हूं. मेरी रैलियों में उनकी रैली से ज्यादा लोग आते हैं. बीजेपी रैली में आने वाले हर व्यक्ति को 300 से 500 रुपए देती है. हमें अपनी रैलियों में लोगों के लाने के लिए उन्हें पैसे बांटने की जरूरत नहीं पड़ती. वो जेडीएस की रैलियों में इसलिए आते हैं क्योंकि वे हमसे प्यार करते हैं.’  

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