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यशवंत सिन्हा ने नोटबंदी की तुलना 'तुगलकी फरमान' से की, बोले- गुजरात में भारी चिंता

गुजरात दौरे पर आज तक के साथ हुई खास बातचीत में उन्होंने कहा, "गुजरात में इस समय लोगों के मन में काफी चिंता है. लोगों से बात हुई तो मुझे लोगों ने बताया कि वो बहुत चिंतित हैं. और वही चीज उनकी बातों में भी दिख रही थी. आज गुजरात की जनता में चिंता व्यापत है."

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बीजेपी के वरिष्ठ नेता और अटल सरकार में वित्त मंत्री रह चुके यशवंत सिन्हा बीजेपी के वरिष्ठ नेता और अटल सरकार में वित्त मंत्री रह चुके यशवंत सिन्हा

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और अटल सरकार में वित्त मंत्री रह चुके यशवंत सिन्हा फिलहाल गुजरात में हैं. गुजरात में उन्होंने एक बार फिर मोदी सरकार और वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधा. नोटबंदी और जीएसटी से परेशान जनता के लिए उन्होंने इसकी तुलना 'करेला नीम चढ़ा' से की. इसके अलावा उन्होंने नोटबंदी की तुलना अपना सिक्का चलाने वाले 'तुगलकी फरमान' से भी की.

गुजरात दौरे पर आज तक के साथ हुई खास बातचीत में उन्होंने कहा, "गुजरात में इस समय लोगों के मन में काफी चिंता है. लोगों से बात हुई तो मुझे लोगों ने बताया कि वो बहुत चिंतित हैं. और वही चीज उनकी बातों में भी दिख रही थी. आज गुजरात की जनता में चिंता व्यापत है. यहां चिंता क्यों है. क्योंकि लोगों को तकलीफ है. मैं बिजनेसमैन कि बात नहीं करता हूं. जीएसटी और नोटबंदी की वजह से किसान परेशान है. काफी तकलीफ में है. कहीं ना कहीं विकास नहीं हुआ."

अब पढ़िए यशवंत सिन्हा से हुए सवाल और उनके जवाब...

सवाल- नोटबंदी, जीएसटी को लेकर परेशान हैं?

जवाब- मैं पूरी अर्थव्यवस्था को समझने के लिए गुजरात की बिजनेस कम्युनिटी से बातचीत कर रहा हूं. उनकी तकलीफ समझने का प्रयास कर रहा हूं.

सवाल- नोटबंदी को लेकर क्या कहेंगे?

जवाब- मैंने कहा था कि मुहम्मद बिन तुगलक ने भी अपना सिक्का चलाया था और पुराने सिक्के बंद कर दिए थे. नोटबंदी से परेशानियां काफी हुई हैं. बहुत लोगों की नौकरी चली गई है. एक संस्था ने बताया है कि 20 लाख लोगों को नौकरी नहीं मिली.

सवाल- करेला नीम पर चढ़ा?

जवाब- ये कहावत मैंने इसलिए कही थी क्योंकि करेला वैसे ही तीखा होता है और जब वो नीम पर चढ़ता है तो और तीखा हो जाता है. यानी नोटबंदी पहले हुई और फिर जीएसटी लाया गया.

सवाल- जीएसटी गुजरात को लेकर क्या कहेंगे?

जवाब- जीएसटी के पक्ष में मैंने काम किया है, जब गुजरात की सरकार ने इसका विरोध किया था, तब भी जीएसटी का मैंने सपोर्ट किया था. लेकिन इस तरह से जीएसटी को लागू नहीं करना चाहिए. जीएसटी को जिस तरह से लागू किया, उसकी बड़ी बदनामी करा दी है. अब जब संशोधन किया जा रहा है इसका मतलब ये ही है कि वो ठीक नहीं है. खास कर वित्तमंत्री ने अपना माइंड अप्लाई नहीं किया है और गलती को भी वो अपना मेरिट बता रहे हैं.

सवाल- जीएसटी में बदलाव गुजरात के चुनाव की वजह से है?

जवाब- देखने में यही लगता है. पहले जो संशोधन किया गया वो प्रोडक्ट गुजरात की चीजें हैं. और अभी जो परिवर्तन हुए तो वो इसलिए हुआ कि गुजरात के चुनाव पास में हैं.

सवाल- आप का खुद का बेटा वित्त मंत्रालय में है. सरकार के विरोध में जाने की जरूरत क्यों है?

जवाब- सरकार के विरोध की बात नहीं होती है. बेटे के विरोध में जाने की बात नहीं होती है. देश के मुद्दे पर व्यकितगत मुद्दा नहीं होता है. मैं चुप नही रहूंगा. पूरे देश में आंदोलन होना चाहिए.

सवाल- विकास के मुद्दे की बड़ी बातें होती हैं, कांग्रेस का कैम्पेन है 'विकास पागल हो गया'?

जवाब- गुजरात में इस समय लोगों के मन में काफी चिंता है. लोगों से बात हुई तो मुझे लोगों ने बताया कि वो बहुत चिंतित हैं. और वही चीज उनकी बातों में भी दिख रही थी. आज गुजरात की जनता में चिंता व्यापत है.

सवाल- यहां विकास हुआ है, ये मानते हैं क्या?

जवाब- यहां चिंता क्यों है. क्योंकि लोगों को तकलीफ है. मैं बिजनेसमैन कि बात नहीं करता हूं. जीएसटी और नोटबंदी की वजह से किसान परेशान है. काफी तकलीफ में है. कहीं ना कहीं विकास नहीं हुआ.

सवाल- हार्दिक पटेल, अल्पेश, जिग्नेश जैसे जातिवादी नेता और विकास की राजनीति पर क्या कहेंगे?

जवाब- जाति कि बात नहीं होनी चाहिए. चुनाव मुद्दे पर होना चाहिए. जाति का स्थान नहीं होता है. वो जनता के मुद्दे के बजाय जाति पर अपने मुद्दे उठाते हैं तो अच्छा नहीं है. किसानों का मुद्दा, बेरोजगारी के मुद्दे उठाएं तो बेहतर.

सवाल- हार्दिक पटेल की सेक्स सीडी आई, बीजेपी पर आरोप लगा?

जवाब- मुझे इस विषय पर कुछ नहीं कहना है. लेकिन, मैं यहां आर्थिक मुद्दों की बात करने आया हूं. मैं किसी भी राजनीतिक दल के कार्यक्रम में नहीं आया हूं.

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