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बीजेपी हारे तो महीने भर मनाना जश्न, पर विकास का विरोध उचित नहीं: मोदी

पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मैं सबसे पहले गुजरात और हिमाचल की जनता को शत शत नमन करता हूं. उन्होंने विकास के रास्ते को चुना. विकास के मार्ग से ही जन सामान्य की समस्याओं का समाधान होगा. आज वैश्विक स्पर्धा के युग में भारत को अगर आगे जाना है तो भारत को भी विकास की नई ऊंचाइयों को पार करना ही होगा.

पीएम नरेंद्र मोदी पीएम नरेंद्र मोदी

भाजपा ने दो राज्यों में विजय पताका फहरा दी है. गुजरात और हिमाचल में जीत की ओर अग्रसर भाजपा ने कांग्रेस के इरादों पर फिर से पानी फेर दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की कुशल रणनीति गुजरात और हिमाचल प्रदेश की बिसात पर कांग्रेस को एक और मात के करीब ले आई है. प्रधानमंत्री के गृह राज्य गुजरात में जहां भाजपा लगातार छठी बार सरकार बनाने के करीब पहुंच गई है, वहीं हिमाचल प्रदेश की जनता अपनी परंपरा के अनुरूप सत्तारूढ़ पार्टी को सत्ता से बेदखल करती दिख रही है.

इस बड़ी जीत के बाद शाम को पीएम मोदी पार्टी मुख्यालय पहुंचे. यहां उनका भव्य स्वागत किया गया. इस दौरान पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मैं सबसे पहले गुजरात और हिमाचल की जनता को शत शत नमन करता हूं. उन्होंने विकास के रास्ते को चुना. विकास के मार्ग से ही जन सामान्य की समस्याओं का समाधान होगा. आज वैश्विक स्पर्धा के युग में भारत को अगर आगे जाना है तो भारत को भी विकास की नई ऊंचाइयों को पार करना ही होगा.

देश के बुद्धिजीवियों से किया आग्रह

पीएम ने कहा कि जब उत्तर प्रदेश में महानगर, पालिका के चुनाव चल रहे थे तो बड़े जोर से कहा जा रहा था कि जीएसटी के कारण यूपी के शहरों में बीजेपी खत्म हो जाएगी. गुजरात के चुनाव के पहले भी इसी प्रकार की अफवाहों का जोर था. पिछले दिनों महाराष्ट्र में भी जीएसटी के बाद निकाय के चुनाव हुए, वहां भी बीजेपी को समर्थन मिला. मोदी ने कहा कि मैं देश का भला चाहने वाले बुद्धिजीवियों से आग्रह करता हूं, हम जो यहां बैठकर देश के सामान्य मानवी आकलन करते हैं. गलत दिशा में चले जाते हैं. उससे इस प्रकार के सोचने वालों का भला नहीं होता है. जिस क्षेत्र और जनता के लिए सोचा जाता है उनका भला नहीं होता है. देश का तो बार-बार नुकसान होता है.

देश रिफॉर्म के लिए तैयार 

उन्होंने कहा कि देश रिफॉर्म के लिए तैयार है. ये चुनाव लगातार दिखा रहे हैं. लोकतंत्र में सरकार के काम का लेखा-जोखा होता है. आज देश में खासकर मिडिल क्लास में अपेक्षा बढ़ी हैं, जल्द अपेक्षाएं पूरी हों. पहले की सरकारों के पास इस देश के सामान्य मानवी के मन में अपेक्षा नहीं थी. कहते थे चलो गुजार कर लें. आज हर वक्त देश का सामान्य मानवी नई आशा, नए सपने लेकर चल रहा है. हिमाचल प्रदेश ने जिस प्रकार से नतीजे दिखाए, वे सबूत देते हैं कि अगर विकास नहीं करते हैं, अगर गलत कामों में उलझे हुए हैं, गलत काम आपकी प्राथमिकता है, तो पांच साल के बाद जनता आपको स्वीकार नहीं करती है.

हिमाचल की जनता ने पॉजिटिव वोट दिया 

हिमाचल प्रदेश कि जनता ने पॉजिटिव वोट दिया है, विकास के लिए वोट दिया है. गुजरात के चुनाव बीजेपी के इतिहास में अभूतपूर्व है, आज के वातावरण में कोई सरकार पांच साल के बाद दुबारा जीत के आती है तो उसका जीतना ही बहुत बड़े विजय के तौर पर देखा जाता है. संपादकीय लिखे जाते हैं. किसी सरकार का दुबारा जीतना ये भारत के राजनीतिक विश्लेषकों के लिए एक बहुत बड़ी घटना के रूप में पिछले 30 साल से देखा जा रहा है.

लगातार इतनी जीत सिर्फ विकास के मुद्दे पर मिली

पीएम ने कहा कि गुजरात एक अपवाद है. 1990 में बीजेपी को 67 सीटें मिलीं. हमने सरकार बनाई. बाद में तोड़फोड़ कर कांग्रेस ने सरकार बना ली. 95 में हम अकेले लड़े, 121 सीट पर हमने विजय हासिल की. 98 में जीते, 2002 में जीते, 2007 में जीते, 2012 में जीते. हर लोकसभा, विधानसभा जीते. लगातार इतनी जीत और सिर्फ और सिर्फ विकास के मुद्दे पर जीत. हिंदुस्तान की राजनीति में एक नई दिशा दिखाने वाली सच्चाई है. जो गुजरात की जनता ने मुहर लगाकर अनुमित दे दी है.  

मेरे लिए डबल खुशी की बात

पीएम ने कहा कि गुजरात में मेरे लिए डबल खुशी की बात है. जो लंबे समय तक मुखिया रहा हो, उसके वहां से हटने के बाद गिरावट आने की चर्चा होती है. तुलना होने लगती है. कहां मोदी है. लेकिन आज मेरे लिए खुशी है कि साढ़े तीन साल पहले गुजरात छोड़ने के बाद भी वहां के कार्यकर्ताओं ने जिस प्रकार गुजरात को संभाला है, नेतृत्व दिया है, ये मेरे लिए डबल खुशी का माहौल है. मेरे साथी गुजरात का विकास करने में कोई कमी नहीं रखेंगे. इसलिए मैं गुजरात बीजेपी के नेताओं, कार्यकर्ताओं को दिल से विशेष बधाई देना चाहूंगा. 

विकास का भी मजाक उड़ाया गया

मैं गुजरात की जनता को भी अनुरोध करना चाहता हूं. चारों तरफ से हमले हो रहे थे. प्रचार की आंधी चल रही थी. कांग्रेस सिर्फ दिखती थी कि मैदान में है, इतनी ताकतें लगीं थीं कि एक बार गुजरात में गिरा दो. कैसी-कैसी साजिश की गई, चालाकियां की गईं, विकास के संबंध में. राजी-नाराजी हो सकती है, पर कोई मजाक उड़ाए ये कभी नहीं होता. 

एग्जिट पोल पर सवाल उठाने वालों को दिया जवाब 

पीएम ने एग्जिट पोल पर सवाल उठाने वालों को भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि जब से एग्जिट पोल आया, कुछ लोग परेशान थे. आनंद कम करने के लिए तीन दिन से तैयारियां चल रही थी. हर एक के अपने विचार हो सकते हैं. बीजेपी की पराजय से आनंद होने वालों की भी संख्या हो सकती है. पर एक दल लगातार जीत रहा, विकास के मुद्दे पर जीत रहा तो कभी न कभी इस सच्चाई को स्वीकारने का साहस ऐसे हमारे मित्र रखेंगे, इतनी आशा करना गलत नहीं होगा.

देश को विकास के रास्ते से डिरेल करने की हरकतें न करें

हमारे देश में लगातार चुनाव आते रहते हैं, हर चुनाव को एक नए रंग रूप से रंगा जाता है. सच्चाई ये है कि 2014 मई में लोकसभा चुनाव के बाद इस देश में विकास का एक माहौल बना है. विकास की भूख जगी है. सरकारों की प्राथमिकता बनी है, बीजेपी आपको पसंद हो या न हो लेकिन देश को विकास के रास्ते से डिरेल करने की हरकतें कृपा करके मत कीजिए. जिस दिन बीजेपी हार जाए, महीने भर जश्न मनाइए, देश का नुकसान नहीं होगा. पर देश जब विकास के मंत्र को लेकर साथ और सहयोग दे रहा है तो कहूंगा कि अवसर आया है कि एक ऐसी सरकार है जिसमें फैसले लेने की ताकत है.

जातिवाद का जहर निकालने में खप गए मेरे 30 साल

पीएम ने कहा कि 30 साल पहले जातिवाद का जहर इतना जेहन में डाल दिया गया था, उसको निकालते-निकालते मेरे जैसे लाखों कार्यकर्ताओं के 30 साल खप गए. तब जाकर वो जातिवाद निकला. सबका साथ, सबका विकास और विकास की दिशा में चलें, जहां हैं वहां से आगे चलें, कुछ बाकी है तो उसे पूरा करें, इसी भाव से चला. लेकिन सत्ता भूख के कारण इस चुनाव में कुछ लोगों ने, मैं किसी की आलोचना करने नहीं आया हूं, पर गुजरात को कहना चाहता हूं कि पिछले कुछ महीने में फिर से जातिवाद के बीज बोने के प्रयास हुए हैं, जिसे गुजरात की जनता ने नकार दिया है. पर गुजरात की जनता को पहले से ज्यादा जागरुक होना पड़ेगा. 

साढ़े 6 करोड़ गुजराती एक हैं, नेक हैं

मैं गुजरात के लोगों से इस विजय के बाद भी कहने का साहस कर रहा हूं कि मेरे प्यारे गुजरात के लोगों, साढ़े 6 करोड़ गुजराती एक हैं, नेक हैं. आगे बढ़ने का विश्वास लेकर चलने वाले हैं. जो हुआ, उसे छोड़ दो. किसने किया उसे भूल जाओ. फिर से एकता के बंधन में बंध जाएं. एक भी भाई हमसे अलग नहीं हो सकता है. एक भी गुजराती हमसे अलग नहीं हो सकता है. कुछ लोगों ने खेल खेले. वे अपनी हरकतें छोड़़ेंगे नहीं, इसलिए एकता का मंत्र लेकर सभी समाज से मिलकर चलें. गुजरात अकेला नहीं है, देश को लाभ मिलता है उसके विकास का. देश के लिए राज्यों का विकास आवश्यक है.गुजरात जैसे राज्यों की जिम्मेदारी ज्यादा है.

ये जीत असामान्य है

भाषण के अंत में पीएम ने कहा कि ये विजय समान्य नहीं है, असामान्य है. इसे प्राप्त करने में अध्यक्ष, मेहनकश, रणनीतिकार अध्यक्ष, हर कार्यकर्ता की शक्ति को पहचान कर उसे जोड़ने वाले अध्यक्ष की प्रेरणा है कि हमारी विजय यात्रा चलती रही है. लगातार 30 साल विजयी होना, पूरी दुनिया के लिए बहुत बड़ी घटना है.

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