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‘ओखी’ ने गुजरात प्रचार में डाला रंग में भंग, दिग्गजों की रैलियां रद्द

प्रकृति के इस तरह नजरें तरेरने से सियासी दलों के प्रचार के रंग में भंग पड़ गया है. इस वजह से अमित शाह, राहुल गांधी, वसुंधरा राजे और योगी आदित्यनाथ की रैलियों के कार्यक्रम को बदलना पड़ा. 

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

गुजरात चुनाव में किसी राजनीतिक दल की आंधी चलती है या नहीं, ये तो पता नहीं लेकिन कुदरत की मार ने जरूर यहां नेताओं का प्रचार शेड्यूल बिगाड़ दिया है. चक्रवाती तूफान ‘ओखी’ के मंगलवार रात तक सूरत पहुंचने का अनुमान है. राज्य में हर जगह प्रशासन किसी भी तरह की स्थिति से निपटने की तैयारी कर रहा है. राज्य में 9 दिसंबर को पहले चरण का मतदान होना है.

प्रकृति के इस तरह नजरें तरेरने से सियासी दलों के प्रचार के रंग में भंग पड़ गया है. इस वजह से अमित शाह, राहुल गांधी, वसुंधरा राजे और योगी आदित्यनाथ की रैलियों के कार्यक्रम को बदलना पड़ा.  

गुजरात की 1600 किलोमीटर लंबी तटीय सीमा है. गुजरात में चुनाव के पहले चरण के मतदान को अब चार दिन से भी कम वक्त बचा है. ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस, दोनों ने ही तमाम दिग्गज प्रचारकों को मैदान में उतार रखा है. चक्रवात ओखी की वजह से गुजरात के तटीय इलाकों में बारिश, तेज हवाएं चलना शुरू हो गया है. अहमदाबाद और सूरत में भी मौसम के खराब होने का असर महसूस किया जा रहा है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भावनगर में अपनी रैलियों को रद्द करना पड़ना. इसी तरह राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सूरत में अपने प्रचार कार्यक्रमों को रद्द करना पड़ा.

प्रधान सचिव, राजस्व विभाग और राहत कमिश्नर पंकज कुमार ने आजतक/इंडिया टुडे को बताया, ‘प्रशासन तटीय इलाकों के जिलाधिकारियों से लगातार संपर्क में है. समुद्र में गई मछुआरों की 13,000 नौकाएं वापस लौट आई हैं. सेना और नौसेना को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट पर रखा गया है. जिलाधिकारियों को मौके पर जो भी जरूरी हों वो फैसला लेने के अधिकार दिए गए हैं. भरूच से 7000 नमक मजदूरों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.’

पंकज कुमार ने साथ ही कहा कि घबराहट की कोई जरूरत नहीं है. हम हाई अलर्ट पर हैं और प्रशासन पूरी तरह तैयार हैं.

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