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AAP बना रही गुजरात चुनाव लड़ने की नीति, जल्द होगा उम्मीदवारों का ऐलान

गुजरात का सियासी तापमान पिछले एक महीने से काफी गर्म है. बीजेपी गुजरात की सत्ता पर पिछले पांच बार से काबिज है और छठी बार के लिए बेताब है. वहीं कांग्रेस दो दशक से गुजरात में सत्ता का वनवास झेल रही है, जिसे खत्म करने के लिए राहुल राज्य की जमीन पर उतरकर जद्दोजहद कर रहे हैं.

अरविंद केजरीवाल अरविंद केजरीवाल

आम आदमी पार्टी पंजाब के बाद अब गुजरात की राजनीति में कदम रखने जा रही है. AAP नेता गोपाल राय ने शुक्रवार को बताया कि आम आदमी पार्टी गुजरात में आम आदमी पार्टी का संगठन 150 सीटों पर काम कर रहा है. पार्टी वहीं चुनाव लड़ेगी जिस सीट पर लगेगा कि बीजेपी कमजोर है. कितनी सीट पर चुनाव लड़ना है ये PAC बैठक के बाद ही तय होगा.

हालांकि, गुजरात में आप पार्टी से बड़ा चेहरा कौन होगा इसके बारे में फिलहाल कुछ नहीं बताया गया है. कहा जा रहा है कि आम आदमी पार्टी को यदि गुजरात की जनता पसंद करती है तो यह बीजेपी और कांग्रेस के लिए मुश्किल वक्त होगा.  

बता दें कि गुजरात का सियासी तापमान पिछले एक महीने से काफी गर्म है. बीजेपी गुजरात की सत्ता पर पिछले पांच बार से काबिज है और छठी बार के लिए बेताब है. वहीं कांग्रेस दो दशक से गुजरात में सत्ता का वनवास झेल रही है, जिसे खत्म करने के लिए राहुल राज्य की जमीन पर उतरकर जद्दोजहद कर रहे हैं.

गुजरात में कुल 182 विधानसभा सीटें हैं. 2012 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रचंड बहुमत के साथ जीत हासिल की थी. राज्य की 182 सीटों में से बीजेपी ने 115, कांग्रेस 61 और अन्य को 4 सीटें मिली थी. लेकिन अगस्त में हुए राज्यसभा चुनाव में कई कांग्रेसी विधायकों ने बीजेपी का दामन थाम लिया है.

गुजरात के 2012 विधानसभा चुनाव में मिले वोटों पर नजर डालें तो बीजेपी को 47 फीसदी और कांग्रेस को 38 फीसदी वोट मिले थे. 2007 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी 49 फीसदी वोट मिले थे, लेकिन 2012 में उसे 2 फीसदी कम वोट मिले थे और 2 सीटों का भी नुकसान उठाना पड़ा था. जबकि कांग्रेस के वोट फीसदी में किसी तरह की कोई बढ़ोतरी नहीं हुई. कांग्रेस महज 9 फीसदी वोटों से बीजेपी से पीछे रही.

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