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गुजरात चुनाव में उतरी AAP, 11 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी

राजकोट (पश्चिम) का प्रतिनिधित्व मुख्यमंत्री विजय रूपानी कर रहे हैं. आप इस सीट से कारोबारी राजेश भट को उतार रही है. दिल्ली के मंत्री और आप के गुजरात चुनाव प्रभारी गोपाल राय ने संवाददाताओं से कहा कि दिल्ली में शुक्रवार को पार्टी के राजनीतिक मामलों की समिति में नामों को अंतिम रूप दिया गया.

अरविंद केजरीवाल अरविंद केजरीवाल

आम आदमी पार्टी ने राजकोट (पश्चिम) सहित गुजरात में 11 विधानसभा क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची शनिवार को घोषित कर दी है. आम आदमी पार्टी पंजाब के बाद अब गुजरात की राजनीति में कदम रखने जा रही है. पार्टी ने कहा कि वह ऐसी सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी, जहां वह कमजोर है.

राजकोट (पश्चिम) का प्रतिनिधित्व मुख्यमंत्री विजय रूपानी कर रहे हैं. आप इस सीट से कारोबारी राजेश भट को उतार रही है. दिल्ली के मंत्री और आप के गुजरात चुनाव प्रभारी गोपाल राय ने संवाददाताओं से कहा कि दिल्ली में शुक्रवार को पार्टी के राजनीतिक मामलों की समिति में नामों को अंतिम रूप दिया गया.

गुजरात में कुल 182 विधानसभा सीटें हैं. चुनाव कार्यक्रम की अभी घोषणा नहीं हुई है. आप ने जिन निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है, उसमें अनिल वर्मा (बापूनगर), रमेश पटेल (उंझा), राजेश भट (राजकोट-पश्चिम), जे जे मेवाड़ा (दानिलिमडा), निमीशा खूंट (गोंडल), एम डी मंजरिया (लाठी), अर्जुन राठवा (छोटा उदयपुर), राजेंद्र पटेल (पाडरा), हनीफ जमादार (करजान), राजीव पांडे (परडी) और राम धादूक (कामरेज) का नाम है.

राय ने कहा, ‘‘हम भाजपा से गुजरात को छुटकारा दिलाने के संकल्प के साथ ये चुनाव लड़ेंगे. हमने पहले कहा था कि हम चुनिंदा सीटों पर भाजपा के खिलाफ लड़ेंगे. हम सत्तारूढ़ पार्टी से सीधा मुकाबला चाहते हैं और जहां भी हम कमजोर हैं और वोटों के बंटने की आशंका होगी वहां से नहीं लड़ेंगे ताकि भाजपा को फायदा ना हो।’’

हालांकि, गुजरात में आप पार्टी से बड़ा चेहरा कौन होगा इसके बारे में फिलहाल कुछ नहीं बताया गया है. कहा जा रहा है कि आम आदमी पार्टी को यदि गुजरात की जनता पसंद करती है तो यह बीजेपी और कांग्रेस के लिए मुश्किल वक्त होगा.

बता दें कि गुजरात का सियासी तापमान पिछले एक महीने से काफी गर्म है. बीजेपी गुजरात की सत्ता पर पिछले पांच बार से काबिज है और छठी बार के लिए बेताब है. वहीं कांग्रेस दो दशक से गुजरात में सत्ता का वनवास झेल रही है, जिसे खत्म करने के लिए राहुल राज्य की जमीन पर उतरकर जद्दोजहद कर रहे हैं.

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