चुनाव आयोग के एफआईआर दर्ज करने के आदेश के बावजूद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के तेवर ढीले नहीं पड़े हैं. सोमवार को एक बार फिर केजरीवाल ने चुनाव आयोग और पीएमओ को चुनौती देते हुए ट्वीट किया. केजरीवाल ने ट्वीट में लिखा कि पीएमओ चुनाव आयोग को पर्रिकर के खिलाफ भी एक्शन लेने की मंजूरी दे.
I urge PMO to allow EC to act against Parrikar.
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
ये लिखकर ने चुनाव आयोग की स्वायत्त छवि पर भी सवाल उठाए हैं. यानी केजरीवाल कह रहे हैं कि चुनाव आयोग पीएमओ की मंजूरी से काम करता है. केजरीवाल ने गोवा और पंजाब में जनसभाओं में भाषण करते हुए कहा था कि वोट के लिए नोट देने वाले उम्मीदवारों से मतदाता पैसे जरूर ले लें लेकिन वोट आम आदमी पार्टी को ही दें.
आयोग ने इस बयान को का समर्थन मानते हुए केजरीवाल को नोटिस जारी किया था. इस पर केजरीवाल ने आयोग से कहा कि उनका बयान बिल्कुल सही है. वो आगे भी ऐसे बयान देते रहेंगे.
केजरीवाल के इस रवैये से नाराज चुनाव आयोग ने ऐसे विवादित बयानों को आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दिए हैं. 31 जनवरी तक दर्ज कर चुनाव आयोग को सूचित करने को कहा गया है. लेकिन इसी बीच केजरीवाल के एक और ट्वीट और उनके समर्थकों के ऐसे ही ट्वीट को रिट्वीट करने के कदम से नहीं लगता कि केजरीवाल इतनी जल्दी मानने वाले हैं.