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दलित नेता गुग्गन सिंह की BJP में वापसी, केजरीवाल पर लगाए कई आरोप

गुग्गन सिंह का बीजेपी में शामिल होना घर वापसी के तौर पर देखा जा रहा है. इससे पहले वह 2013 के चुनाव में बीजेपी के टिकट पर बवाना से विधायक निर्वाचित हुए थे. ये वही साल है जब अरविंद केजरीवाल दिल्ली में पहली बार 49 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने थे.

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गुग्गन सिंह
गुग्गन सिंह

  • गुग्गन लोकसभा चुनाव में उत्तर पश्चिमी दिल्ली से 'आप' उम्मीदवार थे
  • आउटर दिल्ली इलाके में गुग्गन सिंह की पहचान दलित नेता के तौर पर है

आम आदमी पार्टी (आप) के नेता गुग्गन सिंह सोमवार को बीजेपी में शामिल हो गए. गुग्गन लोकसभा चुनाव में उत्तर पश्चिमी दिल्ली से आप के उम्मीदवार थे. दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले आप को झटका देते हुए गुग्गन सिंह, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और दिल्ली प्रमुख मनोज तिवारी की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हो गए.

बता दें कि जावड़ेकर दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी के प्रभारी हैं.

दलित नेता गुग्गन सिंह जुलाई 2017 में बीजेपी छोड़कर आप में आए थे. 2019 लोकसभा चुनाव में गुग्गन सिंह को उत्तर पश्चिमी दिल्ली की आरक्षित सीट से बीजेपी के हंस राज हंस ने 5.9 लाख मतों से हराया था.

गुग्गन सिंह का बीजेपी में शामिल होना घर वापसी के तौर पर देखा जा रहा है. इससे पहले वह 2013 के चुनाव में बीजेपी के टिकट पर बवाना से विधायक निर्वाचित हुए थे. ये वही साल है जब अरविंद केजरीवाल दिल्ली में पहली बार 49 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने थे.

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वहीं 2015 में गुग्गन सिंह, आप उम्मीदवार वेद प्रकाश से विधानसभा चुनाव हार गए थे. बता दें कि अब वेद प्रकाश भी बीजेपी में शामिल हो चुके हैं.

साल 2017 में गुग्गन सिंह ने बीजेपी छोड़कर, आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया. लेकिन 2019 लोकसभा चुनाव में उन्हें एक बार फिर से हार का सामना करना पड़ा. आउटर दिल्ली इलाके में गुग्गन सिंह की पहचान एक दलित नेता के तौर पर है.

सोमवार को बीजेपी में वापसी के बाद गुग्गन सिंह ने कहा, 'दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल, विधायकों को तुच्चा कहते थे. मैं अपने परिवार में वापस आ गया हूं. मैंने जो गलती की, वो कोई और ना करे.'

वहीं बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा, 'अभी आम आदमी पार्टी के कई अन्य नेता भी बीजेपी में शामिल होंगे. आम आदमी पार्टी ने गुग्गन सिंह को खादी ग्राम उद्योग का प्रमुख बनाया था लेकिन वो सबकुछ छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए हैं. आम आदमी पार्टी में वही लोग टिक सकते हैं जिनमें गाली सुनने की क्षमता हो.

केंद्रीय मंत्री ने प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, शुरू में लोगो को ऐसा लगता था की ये फिदेल कास्त्रो हैं, चे ग्वेरा जैसे क्रांतिकारी है लेकिन बाद में पता चला कि ये तो कुछ भी नहीं हैं. शुरू के चार साल ये आरोप लगाते रहे की मोदी जी काम करने नहीं दे रहे हैं, लेकिन अब चुनाव के वक्त काम कर रहे हैं. बहुत जरूरी है कि तीनों जगह ही बीजेपी हो.

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