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हरसिद्धी विधानसभाः पिछले 5 चुनाव में 4 दलों को मिली जीत, इस बार किसके खाते में जाएगी सीट

2015 में हुए विधानसभा चुनाव में आरक्षित हरसिद्धी विधानसभा सीट की बात की जाए तो इस सीट पर कुल 2,34,302 मतदाता थे जिसमें 1,26,050 पुरुष और 1,08,251 महिला मतदाता शामिल थे. 2,34,302 में से 1,50,784 मतदाताओं ने वोट डाले.

10 साल पहले बीजेपी को यहां पर मिली थी जीत (सांकेतिक तस्वीर-पीटीआई) 10 साल पहले बीजेपी को यहां पर मिली थी जीत (सांकेतिक तस्वीर-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 2008 के बाद आरक्षित सीट में तब्दील हुई
  • 2010 में भारतीय जनता पार्टी को पहली बार जीत मिली
  • 2015 में राष्ट्रीय जनता दल के खाते में चली गई जीत

हरसिद्धी विधानसभा सीट की बिहार विधानसभा में सीट क्रम संख्या 13 है और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. यह विधानसभा क्षेत्र पूर्वी चंपारण जिले में पड़ता है और यह पूर्वी चंपारण (लोकसभा) निर्वाचन क्षेत्र का एक हिस्सा भी है. 2008 में परिसीमन आयोग की सिफारिश के बाद हरसिद्धी विधानसभा सीट में हरसिद्धी और तुरकौलिया सामुदायिक विकास ब्लॉक को शामिल किया गया.

2008 में परिसीमन आयोग की सिफारिश के बाद हरसिद्धी विधानसभा सीट को आरक्षित घोषित कर दिया गया जबकि इससे पहले यह सामान्य वर्ग की सीट हुआ करती थी. एक दौर में यहां कांग्रेस का गढ़ था और 8 बार कांग्रेस को जीत मिली थी.

हदायतुल्लाह खान ने लगाया जीत का चौका
1990 के बाद से विधानसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेस के मोहम्मद हदायतुल्लाह खान को जीत मिली थी. इससे पहले वह यहां से 3 बार चुनाव जीत चुके थे. वह 4 बार चुनाव जीते. 1995 में जनता दल ने कांग्रेस से यह सीट छीन ली और फिर कभी कांग्रेस यहां पर जीत हासिल नहीं कर सकी. 2000 में समता पार्टी को जीत मिली थी.  

फरवरी 2005 के चुनाव में अवधेश प्रसाद कुशवाहा लोक जनशक्ति पार्टी के टिकट पर जीते. नवंबर 2005 में फिर से हुए चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी को जीत मिली लेकिन इस बार महेश्वर सिंह विधायक बने. 2010 में भारतीय जनता पार्टी को पहली बार जीत मिली. 2015 के चुनाव में फिर बाजी पलट गई और जीत राष्ट्रीय जनता दल के खाते में चली गई. 

राष्ट्रीय जनता दल को मिली जीत
2015 में हुए विधानसभा चुनाव में आरक्षित हरसिद्धी विधानसभा सीट की बात की जाए तो इस सीट पर कुल 2,34,302 मतदाता थे जिसमें 1,26,050 पुरुष और 1,08,251 महिला मतदाता शामिल थे. 2,34,302 में से 1,50,784 मतदाताओं ने वोट डाले जिसमें 1,47,651 वोट वैध माने गए. इस सीट पर 64.4% मतदान हुआ था. जबकि नोटा के पक्ष में 3,133 लोगों ने वोट किया था.

हरसिद्धी विधानसभा सीट (SC) पर 2015 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के राजेंद्र कुमार ने जीत हासिल की थी. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के कृष्णनंदन पासवान को 10,267 मतों के अंतर से हराया था. राजेंद्र कुमार को 49.9% वोट मिले जबकि कृष्णनंदन पासवान को 43.1% वोट हासिल हुए. इस सीट पर 8 उम्मीदवार मैदान में थे.

विधायक राजेंद्र कुमार की शिक्षा के बारे में बात करें तो वह ग्रेजुएट हैं और 2015 में दाखिल हलफनामे के अनुसार उन पर एक आपराधिक केस दर्ज है. उनके पास 60,86,000 रुपये की संपत्ति है, जबकि उन पर 4,30,000 रुपये की लायबिलिटीज है.

2000 से लेकर अब तक 5 बार चुनाव हुए और 4 अलग-अलग दलों को जीत मिली है. पिछले चुनाव में जनता दल यूनाइटेड, राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस महागठबंधन के रूप में चुनाव लड़ रहे थे और यह सीट राष्ट्रीय जनता दल को दी गई थी जिसमें उसे जीत मिली. लेकिन इस बार यह गठबंधन साथ नहीं है, ऐसे में यहां पर भी मुकाबला कांटे का होने वाला है.

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