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दरभंगा में नए एयरपोर्ट से मिथिलांचल के मखाना कारोबार को लगेंगे पंख, निखरेगा लीची उद्योग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी चुनावी रैलियों में मिथिलांचल में पान-माछ-मखाना के जरिए राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की बात की है. दरभंगा की रैली में पीएम मोदी ने कहा था कि किस तरीके से पान-माछ-मखाना के जरिए बिहार में उद्योगों को नए अवसर मिलेंगे और युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के भी अवसर प्राप्त होंगे.

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दरभंगा एयरपोर्ट बिहार का तीसरा एयरपोर्ट जो ऑपरेशनल होगा
दरभंगा एयरपोर्ट बिहार का तीसरा एयरपोर्ट जो ऑपरेशनल होगा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 8 नवंबर से शुरू हो रही कॉमर्शियल फ्लाइट्स
  • कारोबारियों को क्षेत्र की तस्वीर बदलने की उम्मीद
  • मुजफ्फरपुर की शाही लीची को भी होगा फायदा
  • 24 दिसंबर 2018 को प्रोजेक्ट का शिलान्यास हुआ

हर किसी की नजर बिहार विधानसभा चुनाव पर है. तीसरे और आखिरी चरण का मतदान 7 नवंबर को निपट जाएगा. इससे अगले ही दिन यानि 8 नवंबर को राज्य के मिथिलांचल क्षेत्र के लिए अहम घटनाक्रम होने वाला है. ये है दरभंगा में जो नया एयरपोर्ट बना है, वहां से कॉमर्शियल फ्लाइट्स के आने-जाने का सिलसिला शुरू हो जाएगा. इससे मिथिलांचल से देश भर की कनेक्टिविटी बढ़ेगी और लोगों को एयर-ट्रैवल में आसानी होगी.

बिहार में पहले से कार्यरत पटना और गया एयरपोर्ट के बाद अब मिथिलांचल क्षेत्र के दरभंगा में ये तीसरा एयरपोर्ट ऑपरेशनल होने वाला है. इस एयरपोर्ट से एक ओर जहां लोगों को फायदा पहुंचेगा वहीं दूसरी ओर इस इलाके में प्रसिद्ध मखाना (फॉक्स नट) और लीची उद्योग को भी काफी बढ़ावा मिलने की संभावना है.

मखाना की 90 फीसदी खेती बिहार में  
आंकड़ों के मुताबिक पूरे दुनिया में जितना भी मखाना की खेती होती है उसका 90 फ़ीसदी केवल बिहार में होता है. बिहार में खासतौर पर मिथिलांचल और सीमांचल के क्षेत्र मखाना की खेती के लिए जाने जाते हैं. इन क्षेत्रों में दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, सीतामढ़ी, कटिहार, सहरसा, सुपौल और अररिया आते हैं.

जानकार बताते हैं कि हर साल बिहार में 25 हजार मैट्रिक टन मखाना का उत्पादन होता है और इससे तकरीबन 300 करोड़ रुपये का वार्षिक कारोबार होता है.

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नए एयरपोर्ट से लगेंगे क्षेत्र के विकास को पंख
बिहार में मखाना के इकलौते निर्यातक सत्यजीत कुमार सिंह के मुताबिक दरभंगा में एयरपोर्ट खुल जाने से मखाना उद्योग को काफी बढ़ावा मिलेगा. वे कहते हैं, “एयरपोर्ट की सुविधा हो जाने से देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले मखाना व्यापारी अब दरभंगा बिना देरी के पहुंच सकेंगे जिससे व्यापार बढ़ेगा. केवल देश के बाजार के साथ ही नहीं बल्कि दुनिया भर के बाजार के साथ अब उद्योग से जुड़े लोगों का जुड़ाव हो जाएगा.”

एयरपोर्ट के खुलने से दरभंगा में मखाना व्यापार को बढ़ावा मिलेगा (फोटो-रोहित)
एयरपोर्ट के खुलने से दरभंगा में मखाना व्यापार को बढ़ावा मिलेगा (फोटो-रोहित)

सत्यजीत सिंह मानते हैं कि अगर भारत सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया सही तरीके से कार्य योजना बनाए तो आने वाले दिनों में मिथिलांचल से मखाना का निर्यात पूरी दुनिया में संभव हो सकेगा.

बता दें कि कोरोना काल में नरेंद्र मोदी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था मजबूत करने के लिए कई आर्थिक प्रोत्साहनों का एलान किया, जिसमें 10,000 करोड़ रुपये खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए खर्च करने की बात कही गई, इसमें मखाना भी शामिल है. 

दरभंगा एयरपोर्ट शुरू होने की खबर से मखाना की खेती और कारोबार से जुड़े लोग बहुत उत्साहित हैं. भुवन सराओगी की दरभंगा में मखाने की फैक्ट्री है जहां पर मखाने की प्रोसेसिंग से लेकर उसकी सफाई, पैकिंग और सप्लाई का काम होता है.

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भुवन सराओगी पहले मुंबई में नौकरी किया करते थे मगर वापस अपने शहर में आकर मखाने का एग्रो बेस्ड उद्योग लगाया. भुवन बताते हैं कि मिथिलांचल में एयरपोर्ट की सुविधा नहीं होने के कारण कई बार मुंबई और दिल्ली में रहने वाले व्यापारी को दरभंगा पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. उनका कहना है कि व्यापारी पहले अपने शहर से हवाई मार्ग से पटना आते हैं और उसके बाद वहां से 4 घंटे का सड़क से सफर करके दरभंगा पहुंचते हैं जिसमें काफी समय चला जाता है. 

भुवन कहते हैं, “आने वाले दिनों में अगर ठीक तरीके से सब चला तो फिर हवाई मार्ग के जरिए ही मखाने को देश ही नहीं बल्कि विदेश तक भी जल्द पहुंचाया जा सकेगा जिससे कि परिवहन खर्च में भी काफी कमी आएगी. इससे अंतत: मखाने की कीमत भी कम होगी जिसका फायदा ग्राहकों को मिलेगा. कारोबार बढ़ेगा तो रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.”

2018 में रखा गया था एयरपोर्ट का शिलान्यास
2018 में रखा गया था एयरपोर्ट का शिलान्यास

मुजफ्फरपुर की शाही लीची के आएंगे और ‘अच्छे दिन’ 
मुजफ्फरपुर की लीची की मिठास को कौन नहीं जानता. दरभंगा एयरपोर्ट के चालू होने के बाद मुजफ्फरपुर की शाही लीची के और अच्छे दिन आ सकते हैं. मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में तकरीबन 32,000 हेक्टेयर जमीन पर लीची की खेती होती है जिसका वार्षिक व्यापार तकरीबन 500 करोड़ रुपये होता है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी चुनावी रैलियों में भी मिथिलांचल में पान-माछ-मखाना के जरिए राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की बात की है. दरभंगा की रैली में पीएम मोदी ने कहा था कि किस तरीके से पान-माछ-मखाना के जरिए बिहार में उद्योगों को नए अवसर मिलेंगे और युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के भी अवसर प्राप्त होंगे. इस रैली में नरेंद्र मोदी ने दरभंगा में शुरू होने वाले एयरपोर्ट का भी जिक्र किया था जिससे मिथिलांचल के विकास को रफ्तार मिलेगी.

कब हुआ था दरभंगा एयरपोर्ट का शिलान्यास? 
24 दिसंबर 2018 को दरभंगा में हवाई अड्डा प्रोजेक्ट का शिलान्यास बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और तत्कालीन केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने किया था.  

12 सितंबर 2020 को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने दरभंगा हवाई अड्डा के काम की प्रगति का जायजा लिया था. उन्होंने नवंबर के पहले हफ्ते से फ्लाइट शुरू होने की बात कही थी. इसके कुछ दिन बाद ही स्पाइस जेट की तरफ से 8 नवंबर से फ्लाइट शुरू किए जाने का ऐलान किया गया.
 

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