नदी में पुल नहीं होने के कारण दर्जनों गांव के लोग नदी पार कर पैदल आते-जाते हैं. यह हालत रोहतास जिले के गरेया गांव की है. जहां रोड और पुल नहीं बनने से आक्रोशित ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव में वोट नहीं डालने का फैसला किया है. गांव के बाहर पुल के पास वोट बहिष्कार का बैनर भी लगा दिया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई भी नेता इस गांव में आएगा तो उसे जूते की माला पहनाया जाएगा.
गांव वालों ने किया विरोध प्रदर्शन, पुल नहीं तो वोट नहीं
रोहतास जिले के दर्जनों गांव के लोगों का कहना है कि कई बार क्षेत्र के सांसद और विधायक से कुदरा नदी पर पुल एवं गरेया गांव से कुदरा नदी तक रोड बनाने के लिए आग्रह किया गया. लेकिन अब तक किसी प्रकार की सक्रियता नहीं दिखाई गई. ग्रामीणों के मुताबिक गरेया गांव का मुख्य बाजार कुदरा है, जहां आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
बाजार जाने की सुविधा मिले
कुदरा बाजार में अनाज बेचने के लिए 6 किमी से अधिक की दूरी तय कर बसही पुल होते हुए मंडी जाना पड़ता है. अगर गरेया एवं ओयना के बीच पुल बन जाता है तो बाजार बहुत ही नजदीक हो जाएगा. जिससे लोगों को बाजार जाने में सुविधा हो जाएगी. ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर गरेया गांव को उपेक्षित रखने का आरोप लगाया है.
नेता को जूते की माला पहनाई जाएगी
ग्रामीणों ने कहा कि अगर कोई भी नेता इस गांव में आएगा उसे जूते की माला पहनाया जाएगा. अब यहां की जनता नेताओं से परेशान और हैरान है. उन लोगों का कहना है हम लोगों के गांव का विकास अभी तक नहीं हुआ. जबकि सरकार कह रही है कि गांव का विकास हो रही है. जो सरासर झूठ है. नेता केवल वोट मांगने आते हैं. वोट मांगने के बाद जैसे चुनाव खत्म वादे खत्म. यहां के लोगों ने प्रण किया है. रोड नहीं तो वोट नहीं. पुल नहीं तो वोट नहीं यही नारा दिया है. (इनपुट : मनोज कुमार सिंह )