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टिकारी विधानसभा सीट: कांग्रेस और हम में टक्कर, क्या फिर वापसी करेंगे अनिल कुमार?

2015 में इस सीट से जेडीयू के टिकट पर अभय कुमार सिन्हा जीते थे. उससे पहले 2005 और 2010 के चुनाव में जेडीयू के टिकट पर अनिल कुमार जीते थे, लेकिन 2015 चुनाव से पहले अनिल कुमार ने जीतनराम मांझी की पार्टी हम में शामिल हो गए और उसके टिकट पर चुनाव लडे़ थे.

नीतीश कुमार (फाइल फोटो-PTI) नीतीश कुमार (फाइल फोटो-PTI)

गया जिले की दस सीटों में टिकारी विधानसभा की सीट पर पिछले 15 साल से जेडीयू का कब्जा है. 2015 में इस सीट से जेडीयू के टिकट पर अभय कुमार सिन्हा जीते थे. उससे पहले 2005 और 2010 के चुनाव में जेडीयू के टिकट पर अनिल कुमार जीते थे, लेकिन 2015 चुनाव से पहले अनिल कुमार ने जीतनराम मांझी की पार्टी हम में शामिल हो गए और उसके टिकट पर चुनाव लडे़ थे.

टिकारी विधानसभा सीट का इतिहास
टिकारी विधानसभा सीट पर पहला चुनाव 1967 में हुआ था. इस दौरान में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के यूएन वर्मा जीते थे. इसके बाद 1969 के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी राम बल्लभ सरण सिंह, 1972 में नंद कुमार सिंह, 1977 में जनता पार्टी के नरेश प्रसाद सिंह, 1980 में कांग्रेस की राज कुमारी देवी, 1985 के चुनाव में लोकदल की जानकी देवी जीतीं.

1990 के चुनाव में कांग्रेस के रामाश्रय प्रसाद सिंह जीते, 1995 के चुनाव में जनता दल के शिवबचन यादव और 2000 में आरजेडी के महेश सिंह यादव जीते. इसके बाद 2005 और 2010 के चुनाव में जेडीयू के टिकट अनिल कुमार जीते. 2015 के चुनाव में जेडीयू के टिकट पर अभय कुमार सिन्हा जीतने में कामयाब हुए.

सामाजिक तानाबाना
टिकारी विधानसभा सीट, औरंगाबाद लोकसभा सीट के अंतर्गत आती है. 2011 की जनगणना के मुताबिक यहां की कुल आबादी 4 लाख 61 हजार 894 है, जिसमें 95 फीसदी ग्रामीण और 5 फीसदी शहरी आबादी है. इसमें अनुसूचित जाति की संख्या करीब 24 फीसदी है. 2015 के विधानसभा चुनाव में 60 फीसदी वोट पड़े थे.

2015 के चुनावी नतीजे
2015 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू के अभय कुमार सिन्हा ने हम के अनिल कुमार को 30 हजार से अधिक वोटों से शिकस्त दी थी. अभय कुमार सिन्हा को 86 हजार 975 वोट मिले थे, जबकि हम के अनिल कुमार को 55 हजार 162 वोट मिले थे. इस सीट पर 7600 से अधिक मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया था.

विधायक अभय कुमार सिन्हा के बारे में
2015 के चुनाव में दाखिल हलफनामे के मुताबिक, अभय कुमार सिन्हा ने 12वीं तक पढ़ाई की है. उनके ऊपर दो आपराधिक केस दर्ज हैं. अभय कुमार सिन्हा के पास करीब 2 करोड़ की संपत्ति है और 15 लाख रुपये की देनदारी है. 

कौन-कौन है मैदान में?
कांग्रेस- सुमंत कुमार
बहुजन समाज पार्टी- शेव बच्चन यादव
लोक जनशक्ति पार्टी- कमलेश शर्मा
जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक)- अजय यादव
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा- अनिल कुमार

कब होना है चुनाव? 
पहला चरण – 28 अक्टूबर
नतीजा – 10 नवंबर

 

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