BJP
INC
CPM
AITC
SUCI
IND
IND
IND
Nota
NOTA
सतगाछिया विधानसभा क्षेत्र, जो पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में स्थित है, डायमंड हार्बर लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले सात विधानसभा क्षेत्रों में से एक है. सतगाछिया भले ही अलीपुर सदर उपमंडल का एक साधारण-सा गांव हो, लेकिन इसका नाम दशकों से बंगाल की राजनीति में गूंजता रहा है. इसका कारण है- राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे ज्योति बसु, जिनका राजनीतिक सफर इस क्षेत्र से गहराई से जुड़ा है.
1972 में बारानगर से चुनाव हारने के बाद ज्योति बसु ने सतगाछिया को अपना नया राजनीतिक केंद्र बनाया. वे 1952 से लगातार छह बार बारानगर से विधायक रहे थे. 1977 में सतगाछिया को विधानसभा क्षेत्र का दर्जा मिलने के बाद बसु ने यहीं से लगातार पांच बार चुनाव जीता और 2000 तक इस सीट का प्रतिनिधित्व किया. उनके नेतृत्व में यह शांत गाँव एक VIP विधानसभा क्षेत्र के रूप में पहचाना जाने लगा.
ज्योति बसु के राजनीति से संन्यास लेने के बाद, तृणमूल कांग्रेस ने इस क्षेत्र में मजबूत पकड़ बना ली. ममता बनर्जी की करीबी सहयोगी सोनाली गुहा ने 2001 से 2016 तक लगातार चार बार यहां से जीत दर्ज की. हालांकि 2021 में तृणमूल ने उन्हें टिकट नहीं दिया और उनकी जगह मोहन चंद्र नस्कर को उम्मीदवार बनाया. इससे नाराज होकर सोनाली गुहा भाजपा में शामिल हो गईं और पार्टी को यहां एक नया आधार देने में मदद की.
2021 में, तृणमूल ने उन्हें टिकट नहीं दिया और उनकी जगह मोहन चंद्र नस्कर को मैदान में उतारा. गुहा ने BJP का दामन थाम लिया और पार्टी को हाशिये से मुख्य मंच तक पहुँचाने में मदद की. नस्कर ने BJP के चंदन पाल को 23,318 वोटों से हराया. लेकिन असली कहानी सतह के नीचे थी. BJP 54.80 प्रतिशत पोलिंग बूथों पर आगे थी, जबकि तृणमूल सिर्फ 45.20 प्रतिशत बूथों पर ही आगे रही.
लोकसभा चुनावों के दौरान सतगछिया विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल का दबदबा ज्यादा मजबूत रहा है, 2019 में 24,779 वोटों और 2024 में BJP पर 60,618 वोटों की बढ़त के साथ. फिर भी, ये नंबर इस बात से कमजोर हैं कि ममता बनर्जी के भतीजे और उत्तराधिकारी अभिषेक बनर्जी डायमंड हार्बर से चुनाव लड़ते हैं, जिससे इस क्षेत्र को एक हाई-प्रोफाइल चमक मिलती है जो शायद इसकी जमीनी हकीकत को न दिखाए.
सतगछिया विधानसभा सीट में पूरा बिष्णुपुर II कम्युनिटी डेवलपमेंट ब्लॉक और बज बज II कम्युनिटी डेवलपमेंट ब्लॉक की बुरुल, चकमानिक, गजा पोयाली, कमराबाद, नस्करपुर, रानिया और सतगछिया ग्राम पंचायतें शामिल हैं.
सतगछिया में 2021 में 270,193 रजिस्टर्ड वोटर थे, जो 2019 में 258,591 थे. मुस्लिम वोटर 33.60 परसेंट हैं, जबकि अनुसूचित जाति के 16.29 परसेंट हैं. यह सीट ज्यादातर ग्रामीण है, जिसमें 74.10 परसेंट वोटर गांवों में और 25.90 परसेंट शहरी इलाकों में रहते हैं. 2016 में 85.41 परसेंट, 2019 में 85.17 परसेंट और 2021 में 87.22 परसेंट वोटर टर्नआउट अच्छा रहा है.
सतगछिया दक्षिण बंगाल के निचले डेल्टाई मैदानों में है, जो हुगली नदी और उसकी सहायक नदियों से प्रभावित है. इलाका समतल है और मानसून के दौरान पानी भर जाता है. खेती स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनी हुई है, जिसमें धान, सब्जियां और पान की खेती आम है. VIP स्टेटस के बावजूद, सतगछिया का इंफ्रास्ट्रक्चर मामूली है. सड़कें पतली हैं और अक्सर उनका रखरखाव ठीक से नहीं होता. पब्लिक ट्रांसपोर्ट सीमित है. हेल्थकेयर सुविधाएं बुनियादी हैं. हायर एजुकेशन संस्थान बहुत कम हैं. मुख्यमंत्री के तौर पर ज्योति बसु के लंबे कार्यकाल ने निर्वाचन क्षेत्र की अर्थव्यवस्था या इंफ्रास्ट्रक्चर को बदलने के लिए बहुत कम किया, यह एक ऐसी बात है जो कई जानकारों को आज भी हैरान करती है.
सतगछिया जिला हेडक्वार्टर अलीपुर से लगभग 28 km और राज्य की राजधानी कोलकाता से लगभग 35 km दूर है. आस-पास के शहरों में 12 km पर बज बज, 30 km पर डायमंड हार्बर और 25 km पर बरुईपुर शामिल हैं. यह चुनाव क्षेत्र पश्चिम में हावड़ा जिले और दक्षिण में पूर्वी मिदनापुर से लगता है. हावड़ा में उलुबेरिया लगभग 40 km दूर है, जबकि पूर्वी मिदनापुर में तमलुक सतगछिया से लगभग 65 km दूर है.
जैसे-जैसे 2026 के विधानसभा चुनाव पास आ रहे हैं, तृणमूल कांग्रेस अपनी जीत से खुश नहीं रह सकती. हाल के चुनावों में बूथ-लेवल पर BJP का दबदबा बदलते माहौल का संकेत देता है. अगर पार्टी सोनाली गुहा को उनके पुराने गढ़ से मैदान में उतारने का फैसला करती है, तो यह तृणमूल के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है. इसमें CPI(M) के फिर से उभरने की संभावना भी जोड़ लें. पार्टी को 2016 में 39.71 प्रतिशत वोट मिले थे, लेकिन 2021 में यह घटकर 6.89 प्रतिशत रह गया. CPI(M) के फिर से उभरने से मुकाबला और भी अप्रत्याशित हो सकता है. सतगछिया एक करीबी और दिलचस्प लड़ाई के लिए तैयार है, जिसके नतीजे को हल्के में नहीं लिया जा सकता.
(अजय झा)
Chandan Pal
BJP
Goutam Pal
CPI(M)
Sk Rabiyal
SUCI
Sanjay Kumar Sah
BSP
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Debajyoti Basu
IND
Assembly Election Exit Poll 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को खत्म होने के बाद सभी की नजरें एग्जिट पोल पर टिक रहेंगी. पांचों चुनावी राज्यों- पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में रिकॉर्ड मतदान ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है, जिस कारण लोग एग्जिट पोल्स का उत्सुकता के साथ इंतजार कर रहे हैं.
अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी के एजेंट्स के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया कि बीजेपी ने रामपुर और संभल में अपने एजेंट भेजे हैं, लेकिन इन एजेंट्स से कुछ भी हासिल नहीं होगा.
ग्यारह घंटे बाद पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान का रण शुरु हो जाएगा. 142 सीटों पर वोटिंग होगी. इसी से जुड़ी कई खबरों पर हम खबरदार करेंगे. बताएंगे कि क्या प्रधानमंत्री मोदी का गोल बंगाल में होगा और क्या सियासी भूगोल बदलेगा? इसी चुनाव में वोटिंग से पहले चर्चा यूपी के सिंघम और बंगाल के पुष्पा की हो रही है. जहां एक अधिकारी हैं जो कहते हैं कायदे में रहो. और दूसरे प्रत्याशी हैं जो कहते हैं झुकुगंगा नहीं. तीसरी खबर एम यानी महिला वोटर के शक्ति परीक्षण की है. जो आज यूपी में बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों तरफ से किया गया है.
बंगाल चुनाव के बीच यूपी के IPS अफसर अजय पाल शर्मा का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को चेतावनी दे रहे हैं. अब सवाल ये पूछा जा रहा है कि एक पुलिस ऑब्जर्वर की जरूरत क्या होती है, वो क्या करते हैं, क्या वो किसी जगह जाकर वोटर के बीच में चेतावनी दे सकते हैं? आजतक से बातचीत में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने इस सभी सवालों का जवाब दिया. देखें वीडियो.
पश्चिम बंगाल में कल दूसरे चरण की वोटिंग होनी है. मतदान की बात करें तो पहले चरण में 93.19% वोटिंग हुई थी. ऐसे में राजनीतिक दलों में इसे लेकर भी भारी उठा-पटक देखने को मिल रही है.
पश्चिम बंगाल के फाल्टा में एक महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि 27 अप्रैल की रात आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा और केंद्रीय बलों के जवानों ने घर में जबरन घुसकर महिलाओं से मारपीट और छेड़छाड़ की. शिकायत में भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने और धमकी देने का भी आरोप है. पीड़िता ने निष्पक्ष जांच, प्राथमिकी दर्ज करने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है. मामला चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है.
फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि पुलिस पर्यवेक्षक ने पार्टी कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा कर्मियों को धमकाया और बाद में उनके घर जाकर परिवार को डराने की कोशिश की. जहांगीर खान ने इसे चुनाव आयोग के नियमों के खिलाफ बताया और आरोप लगाया कि भाजपा की मदद के लिए गैरकानूनी तरीके अपनाए जा रहे हैं. इस बयान से क्षेत्र का चुनावी माहौल और तनावपूर्ण हो गया है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने वोटर्स को निडर होकर वोट डालने और लोकतंत्र के इस महापर्व में शामिल होने का भरोसा दिया है.
पश्चिम बंगाल के फाल्टा में दूसरे चरण के मतदान से पहले राजनीतिक विवाद तेज हो गया. निर्वाचन आयोग के पर्यवेक्षक और उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अजय पाल शर्मा के दौरे पर तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने विरोध जताया. आयोग को मतदाताओं को धमकाने और पहचान पत्र जमा कराने की शिकायत मिली थी. तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान ने कहा, 'अगर वह सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूं.' वहीं तृणमूल नेताओं ने शर्मा पर अधिकार सीमा लांघने का आरोप लगाया, जिससे चुनावी माहौल और गरमा गया.
West Bengal Elections: भवानीपुर सीट पर मतदान से पहले सियासी घमासान तेज हो गया है. BJP नेता शुभेंदु अधिकारी ने TMC पर फिंगर ग्लव्स के जरिए वोटिंग में धांधली की कोशिश का आरोप लगाते हुए FIR की मांग की है. इन आरोपों के बाद चुनावी माहौल गरमा गया है.