BJP
INC
CPM
AITC
SUCI
AJUP
IND
IND
IND
IND
IND
Nota
NOTA
पश्चिम बर्धमान जिले का पांडवेश्वर, एक ब्लॉक-स्तरीय शहर, पश्चिम बंगाल की राजनीति में अहम विधानसभा सीट है. यह सामान्य वर्ग (General Category) की सीट है और आसनसोल लोकसभा क्षेत्र के सात खंडों में से एक है. इस सीट में पांडवेश्वर और फरीदपुर-दुर्गापुर ब्लॉक शामिल हैं.
पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र का गठन 2008 में परिसीमन आयोग (Delimitation Commission) की सिफारिश के बाद हुआ. इसके बाद से यहां तीन विधानसभा चुनाव हो चुके हैं. दिलचस्प बात यह है कि यहां का रुझान राज्य की राजनीति से मेल खाता है, लेकिन थोड़ी देरी से.
2011 में जब पूरे बंगाल ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) को जीत दिलाकर वाम मोर्चे की 34 साल पुरानी सरकार खत्म कर दी थी, तब पांडवेश्वर ने वफादारी दिखाते हुए सीपीएम (CPI(M)) को जिताया. सीपीएम ने यहां 7,811 वोटों से जीत दर्ज की.
2016 में यहां बदलाव आया और टीएमसी के कुमार जितेंद्र तिवारी ने सीपीएम के विधायक गौरांग चटर्जी को 5,470 वोटों से हराया. 2021 में तिवारी बीजेपी में शामिल होकर चुनाव लड़े, लेकिन हार गए. टीएमसी के नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने उन्हें 3,803 वोटों से शिकस्त दी.
2024 लोकसभा चुनाव में टीएमसी ने यहां बड़ी बढ़त बनाई और 40,025 वोटों से आगे रही. यह 2019 के उलट था, जब बीजेपी ने 6,021 वोटों से बढ़त बनाई थी.
2021 के चुनाव में यहां 2,11,960 पंजीकृत मतदाता थे, जो 2016 के 1,90,960 से अधिक थे. अनुसूचित जाति (SC) मतदाता 30.86%, मुस्लिम मतदाता 13.30%, अनुसूचित जनजाति (ST) मतदाता 6.82% हैं. यह सीट मुख्य रूप से शहरी क्षेत्र है, जहां 60.33% वोटर शहरों में रहते हैं, जबकि 39.67% ग्रामीण इलाकों में है. मतदान प्रतिशत हमेशा 77% से 79% के बीच रहा है. 2021 में 77.51% मतदान हुआ था.
नाम से लगता है कि पांडवेश्वर का संबंध महाभारत के पांडवों से होगा, लेकिन ऐसा कोई प्रमाण नहीं है. हां, यहां द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिकी वायुसेना का बेस जरूर रहा था, जो इसे ऐतिहासिक पहचान देता है.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र अजय-दमोदर-बराकर ट्रैक्ट में आता है, जिसे छोटानागपुर पठार का विस्तार माना जाता है. यहां की मिट्टी लेटराइट है और जमीन पथरीली-उतर-चढ़ाव वाली है. अजय नदी उत्तर में, दामोदर नदी दक्षिण में और बराकर नदी पश्चिम में बहती है.
कभी यह क्षेत्र घने जंगलों और डकैतों के लिए जाना जाता था, लेकिन 18वीं शताब्दी में कोयला मिलने के बाद यहां तेजी से औद्योगिकीकरण हुआ. आज अधिकांश जंगल खत्म हो चुके हैं और जगह-जगह कोयला खदानें व शहरी बस्तियां हैं.
पांडवेश्वर की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कोयला खनन है. यह ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (Eastern Coalfields Limited) के पांडवेश्वर क्षेत्र में आता है, जहां डालूरबंद, खोट्टादिह, माधैपुर, मंदारबोनी और साउथ समला जैसी कई खदानें हैं.
खेती-बाड़ी सीमित है, क्योंकि खनन और शहरीकरण ज्यादा हावी है. यहां सड़कें, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं. कोयला खदानों के कारण बिहार और झारखंड से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर यहां आए. नतीजतन, हिंदी भाषी मतदाता आज बड़ी संख्या में मौजूद हैं और चुनावी नतीजों को प्रभावित करने लगे हैं.
यहां से दुर्गापुर 25 किमी दूर (दक्षिण-पूर्व), आसनसोल 30 किमी दूर (पश्चिम), जिला मुख्यालय बर्दवान 90 किमी, कोलकाता लगभग 180 किमी, झारखंड का जामताड़ा 50 किमी, और दुमका 100 किमी है.
पांडवेश्वर विधानसभा सीट पर अब तक सभी चुनाव बेहद करीबी मुकाबले वाले रहे हैं. केवल 2024 लोकसभा चुनाव में शत्रुघ्न सिन्हा की लोकप्रियता की वजह से टीएमसी को यहां बड़ी बढ़त मिली.
बीजेपी इस क्षेत्र में अभी भी उम्मीद देखती है, खासकर अगर वाममोर्चा और कांग्रेस का गठबंधन मजबूत होता है और मुस्लिम वोटों में बंटवारा होता है.
(अजय झा)
Kumar Jitendra Tewari
BJP
Subhas Bauri
CPI(M)
Nota
NOTA
Sanjay Yadav
IND
Rakesh Kumar Das
BSP
Atul Chandra Bauri
BMUP
Dana Goswami
SUCI
Pradip Kumar Poddar
IND
Assembly Election Exit Poll 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को खत्म होने के बाद सभी की नजरें एग्जिट पोल पर टिक रहेंगी. पांचों चुनावी राज्यों- पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में रिकॉर्ड मतदान ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है, जिस कारण लोग एग्जिट पोल्स का उत्सुकता के साथ इंतजार कर रहे हैं.
आज दस्तक में बात ईरान और अमेरिका के बीच अटकी और लटकी युद्धविराम वाली डील की. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान का शांति प्रस्ताव एक बार फिर ठुकरा दिया हैं, पेच ट्रंप की परमाणु प्रतिज्ञा पर फंसा है. ईरान होर्मुज खोजने को तैयार है लेकिन अपने परमाणु प्रोग्राम पर अमेरिका के साथ समझौते को तैयार नहीं. अगर ईरान अपने परमाणु प्रोग्राम पर अड़ा है तो ट्रंप अपनी परमाणु प्रतिज्ञा पर. ट्रंप बार-बार धमकी दे रहे हैं कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे, ईरान ने परमाणु प्रोग्राम की जिद नहीं छोड़ी तो अमेरिका एक बार फिर हमला कर सकता हैं. अब सवाल यही है कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौता कैसे होंगे, क्या अमेरिका और ईरान की डील फंस गई, आगे क्या होगा?
पश्चिम बंगाल की फाल्टा सीट पर मतदान से पहले बड़ा विवाद सामने आया है. निर्वाचन आयोग ने संयुक्त बीडीओ और सहायक रिटर्निंग अधिकारी सौरव हाजरा का तत्काल तबादला कर दिया. यह कदम आईपीएस अजय पाल शर्मा के दौरे, तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान के आरोपों और एक महिला की शिकायत के बाद उठाया गया. महिला ने केंद्रीय बलों पर घर में घुसकर मारपीट, छेड़छाड़ और भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है. मामले ने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पश्चिम बंगाल चुनाव का दूसरा चरण सत्ता की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है. 142 सीटों पर होने वाली वोटिंग में महिला मतदाताओं की भूमिका बेहद अहम है, जहां कई सीटों पर उनकी संख्या पुरुषों से ज्यादा है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर के बीच सभी दल महिला वोटरों को साधने में जुटे हैं, जिससे यह चरण और भी दिलचस्प बन गया है.
अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी के एजेंट्स के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया कि बीजेपी ने रामपुर और संभल में अपने एजेंट भेजे हैं, लेकिन इन एजेंट्स से कुछ भी हासिल नहीं होगा.
ग्यारह घंटे बाद पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान का रण शुरु हो जाएगा. 142 सीटों पर वोटिंग होगी. इसी से जुड़ी कई खबरों पर हम खबरदार करेंगे. बताएंगे कि क्या प्रधानमंत्री मोदी का गोल बंगाल में होगा और क्या सियासी भूगोल बदलेगा? इसी चुनाव में वोटिंग से पहले चर्चा यूपी के सिंघम और बंगाल के पुष्पा की हो रही है. जहां एक अधिकारी हैं जो कहते हैं कायदे में रहो. और दूसरे प्रत्याशी हैं जो कहते हैं झुकुगंगा नहीं. तीसरी खबर एम यानी महिला वोटर के शक्ति परीक्षण की है. जो आज यूपी में बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों तरफ से किया गया है.
बंगाल चुनाव के बीच यूपी के IPS अफसर अजय पाल शर्मा का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को चेतावनी दे रहे हैं. अब सवाल ये पूछा जा रहा है कि एक पुलिस ऑब्जर्वर की जरूरत क्या होती है, वो क्या करते हैं, क्या वो किसी जगह जाकर वोटर के बीच में चेतावनी दे सकते हैं? आजतक से बातचीत में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने इस सभी सवालों का जवाब दिया. देखें वीडियो.
पश्चिम बंगाल में कल दूसरे चरण की वोटिंग होनी है. मतदान की बात करें तो पहले चरण में 93.19% वोटिंग हुई थी. ऐसे में राजनीतिक दलों में इसे लेकर भी भारी उठा-पटक देखने को मिल रही है.
पश्चिम बंगाल के फाल्टा में एक महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि 27 अप्रैल की रात आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा और केंद्रीय बलों के जवानों ने घर में जबरन घुसकर महिलाओं से मारपीट और छेड़छाड़ की. शिकायत में भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने और धमकी देने का भी आरोप है. पीड़िता ने निष्पक्ष जांच, प्राथमिकी दर्ज करने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है. मामला चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है.
फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि पुलिस पर्यवेक्षक ने पार्टी कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा कर्मियों को धमकाया और बाद में उनके घर जाकर परिवार को डराने की कोशिश की. जहांगीर खान ने इसे चुनाव आयोग के नियमों के खिलाफ बताया और आरोप लगाया कि भाजपा की मदद के लिए गैरकानूनी तरीके अपनाए जा रहे हैं. इस बयान से क्षेत्र का चुनावी माहौल और तनावपूर्ण हो गया है.