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West Bengal Election Result 2026 Live: पांचला विधानसभा सीट पर AITC ने दोबारा चखा जीत का स्वाद
Panchla Vidhan Sabha Result Live: पश्चिम बंगाल इलेक्शन रिजल्ट अपडेट्स कैसे चेक करें?
West Bengal Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
West Bengal Election Results 2026 Live: पश्चिम बंगाल चुनाव में राजनीतिक गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
West Bengal Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
Panchla Vidhan Sabha Chunav Result Live: पश्चिम बंगाल के PRESIDENCY क्षेत्र में पार्टियों/गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
पंचला विधानसभा क्षेत्र पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में स्थित है. यह हावड़ा लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है. इस विधानसभा क्षेत्र में पंचला कम्युनिटी डेवलपमेंट ब्लॉक और जगतबल्लभपुर ब्लॉक के चार ग्राम पंचायत शामिल हैं. यह सामान्य वर्ग की सीट है और यहां हमेशा बहुकोणीय मुकाबले देखने को मिले हैं. हालांकि मुख्य लड़ाई पहले कांग्रेस और फॉरवर्ड ब्लॉक के बीच होती थी, लेकिन हाल के वर्षों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा प्रमुख प्रतिद्वंद्वी बन गए हैं.
यह सीट वर्ष 1962 में अस्तित्व में आई. अब तक यहां 15 बार चुनाव हो चुके हैं. पहले चुनाव में फॉरवर्ड ब्लॉक के अपूर्व लाल मजूमदार विजयी रहे थे. लंबे समय तक फॉरवर्ड ब्लॉक का यहां मजबूत प्रभाव रहा. सैलेन मंडल और संतोष कुमार दास जैसे नेताओं ने कई बार जीत दर्ज की.
फॉरवर्ड ब्लॉक ने कुल 7 बार यह सीट जीती है. कांग्रेस ने 4 बार जीत दर्ज की. तो वहीं तृणमूल कांग्रेस ने 2011 से लगातार तीन बार जीत हासिल की है. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) को यहां केवल 1971 में जीत मिली थी.
गुलशन मुल्लिक यहां के चर्चित नेता हैं. उन्होंने 1996 में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी. बाद में वे तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए और 2011, 2016 और 2021 में लगातार विजयी रहे. 2021 के विधानसभा चुनाव में गुलशन मुल्लिक ने भाजपा उम्मीदवार मोहित लाल घांटी को 32,751 वोटों से हराया.
2024 के लोकसभा चुनाव में भी तृणमूल कांग्रेस ने पंचला खंड में 56,658 वोटों की बढ़त बनाई. टीएमसी को यहां 57.85% वोट शेयर मिला, जबकि भाजपा को 31.21% वोट प्राप्त हुए.
2016 विधानसभा चुनाव में 2,35,296 पंजीकृत मतदाता थे. 2019 लोकसभा चुनाव में 2,50,535 मतदाता, 2021 विधानसभा चुनाव में 2,66,183 मतदाता थे. धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से देखें तो मुस्लिम मतदाता यहां की आबादी का लगभग 38.9% हिस्सा हैं, जबकि 18.51% मतदाता अनुसूचित जाति (SC) से आते हैं. इस क्षेत्र का 66.43% हिस्सा शहरी है, जबकि 33.57% ग्रामीण इलाकों में आता है.
यहां मतदान प्रतिशत हमेशा ऊंचा रहा है- 2016 में 81.15%, 2019 में 77.41%, 2021 में 79.89% रहा था.
पंचला का इलाका समतल और उपजाऊ है. यहां कृषि मुख्य व्यवसाय है. धान, सब्जियां और जूट प्रमुख फसलें हैं. औद्योगिक गतिविधि सीमित है और छोटे स्तर के उद्योग ही मौजूद हैं. बड़े उद्योगों की कमी के कारण स्थानीय अर्थव्यवस्था साधारण बनी हुई है. हालांकि हावड़ा और कोलकाता की नजदीकी होने के कारण रोजगार के कुछ अवसर मिल जाते हैं.
पंचला, कोलकाता से लगभग 25 किलोमीटर दूर है और हावड़ा शहर सिर्फ 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यह क्षेत्र सड़क और रेल मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. पास के प्रमुख शहरों में डोमजूर (10 किमी), उलूबेरिया (20 किमी) और बगनान (30 किमी) शामिल हैं.
इस समय तृणमूल कांग्रेस यहां मजबूत स्थिति में है, जबकि भाजपा लगातार पैठ बनाने की कोशिश कर रही है. फॉरवर्ड ब्लॉक अब लगभग गायब हो गया है और कांग्रेस भी हाशिए पर है. 2026 का चुनावी नतीजा इस बात पर निर्भर करेगा कि पार्टियां कितनी अच्छी तरह मतदाताओं को mobilize कर पाती हैं और उनकी स्थानीय समस्याओं को कैसे संबोधित करती हैं. रोजगार, बुनियादी ढांचा और औद्योगिक विकास आने वाले चुनाव का मुख्य मुद्दा होगा.
(अजय झा)
Mohit Lal Ghanti
BJP
Abdul Jalil Sk
RSSCMJP
Nota
NOTA
Amar Chatterjee
AMB
Shyamal Mondal
IND
क्रिकेट के बाद राजनीति में भी अशोक डिंडा का यह प्रदर्शन उनके बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है. उनकी इस जीत ने यह साफ कर दिया है कि मैदान चाहे क्रिकेट का हो या राजनीति का, अशोक डिंडा दोनों जगह अपनी छाप छोड़ने में सक्षम हैं.
आज देश के पांच राज्यों में चुनावी परिणाम आने वाले है. पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में जनता अपना फैसला सुनाएगी. दहां असम में हिमंता बिस्व सरमा की सरकार पूर्ण बहुमत के साथ आती दिख रहीं है वहीं बंगाल में टीएमसी और बीजेपी के बीच काटे की टक्कर का अंदेशा लगाया जा रहा है.
बंगाल की राजारहाट न्यू टाउन सीट का नतीजा अब बड़े राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है. मुस्लिम-बहुल मुसलमान पाड़ा के एक बूथ पर BJP को 97% वोट मिलने के बाद TMC ने चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं. अब EVM से लेकर काउंटिंग प्रक्रिया तक पर बहस छिड़ गई है.
बंगाल चुनाव में करारी हार के बाद TMC की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. अब कोलकाता में पार्टी के मौजूदा मुख्यालय वाली बिल्डिंग के मालिक ने TMC नेतृत्व से दो महीने के भीतर जगह खाली करने को कहा है. मालिक ने लीज खत्म होने और प्रॉपर्टी की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है.
पुलिस ऑब्जर्वर अजय पाल शर्मा की कार्रवाई से नाराज टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने उन्हें खुली चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि खेल उन्होंने शुरू किया है, लेकिन खत्म टीएमसी करेगी. टीएमसी ने आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारी रात में छापेमारी कर रहे हैं और महिलाओं के साथ बदसलूकी कर रहे हैं.
पश्चिम बंगाल के फाल्टा में दूसरे चरण के मतदान से पहले राजनीतिक विवाद तेज हो गया. निर्वाचन आयोग के पर्यवेक्षक और उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अजय पाल शर्मा के दौरे पर तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने विरोध जताया. आयोग को मतदाताओं को धमकाने और पहचान पत्र जमा कराने की शिकायत मिली थी. तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान ने कहा, 'अगर वह सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूं.' वहीं तृणमूल नेताओं ने शर्मा पर अधिकार सीमा लांघने का आरोप लगाया, जिससे चुनावी माहौल और गरमा गया.
पश्चिम बंगाल की फाल्टा सीट पर मतदान से पहले बड़ा विवाद सामने आया है. निर्वाचन आयोग ने संयुक्त बीडीओ और सहायक रिटर्निंग अधिकारी सौरव हाजरा का तत्काल तबादला कर दिया. यह कदम आईपीएस अजय पाल शर्मा के दौरे, तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान के आरोपों और एक महिला की शिकायत के बाद उठाया गया. महिला ने केंद्रीय बलों पर घर में घुसकर मारपीट, छेड़छाड़ और भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है. मामले ने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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संघ ने ऑटो ड्राइवरों, चाय की दुकानों और ब्यूटी पार्लर की 'दीदियों' के जरिए एक ऐसा अदृश्य 'विस्पर कैंपेन' चलाया जिसने घर-घर तक पैठ बना ली. यह कहानी उसी माइक्रो-रणनीति की है, जिसने जन-आक्रोश की दबी हुई लहर को एक प्रचंड चुनावी सुनामी में बदल दिया.
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