BJP
INC
CPM
AITC
BSP
AJUP
IND
Nota
NOTA
पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धवान जिले में स्थित मेमारी विधानसभा सीट सामान्य श्रेणी की है, जो 1962 से चुनावी नक्शे पर मौजूद है. यह सीट बर्धवान पूर्व लोकसभा क्षेत्र के सात खंडों में से एक है. मेमारी की आबादी का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण और 15 प्रतिशत शहरी क्षेत्र में रहता है, जिसके कारण यह पूरी तरह कृषि प्रधान क्षेत्र माना जाता है.
अब तक यहां 15 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं. इनमें से 10 बार वामपंथी दलों (सीपीएम एवं सीपीआई) ने जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस ने दो बार (1967 और 1972) यहां जीत हासिल की. वर्ष 2011 में तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आते ही मेमारी में राजनीतिक समीकरण बदलने लगे.
2011 से तृणमूल कांग्रेस ने लगातार तीन बार यह सीट अपने नाम की है. दिलचस्प बात यह है कि हर बार पार्टी ने अलग उम्मीदवार को मैदान में उतारा. 2011 में अबुल हसीम मोंडल ने सीपीएम उम्मीदवार को करीब 3,178 वोटों से हराया. 2016 में बेगम नरगिस ने जीत का अंतर बढ़ाकर 8,883 वोट कर दिया. 2021 में मधुसूदन भट्टाचार्य ने जबरदस्त जीत दर्ज करते हुए 23,078 वोटों से बढ़त हासिल की.
2011 से 2021 के बीच टीएमसी की जीत का अंतर लगभग 7 गुना बढ़ा है और बीजेपी ने सीपीएम को पीछे छोड़कर मुख्य प्रतिद्वंदी की भूमिका ले ली है.
2021 में टीएमसी को 47.93% वोट मिले, बीजेपी को 37.38% वोट मिले, सीपीएम मात्र 11.71% वोटों पर सिमट गई.
यही बदलाव अब लोकसभा चुनावों में भी दिखाई देता है. 2014 और 2019 में जहां टीएमसी को इस क्षेत्र में क्रमशः 5,008 और 4,899 वोटों की बढ़त मिली थी, वहीं 2024 के लोकसभा चुनावों में यह बढ़त बढ़कर 32,831 वोट हो गई, जो बीजेपी के प्रमुख विपक्ष बनने का संकेत है.
2021 में मेमारी में 254,236 वोटर थे, जो बढ़कर 2024 में 257,375 हो गए. समुदाय आधारित वोटरों की हिस्सेदारी भी प्रभावशाली है. SC (अनुसूचित जाति): 32.73%, ST (अनुसूचित जनजाति): 14.80%. मुस्लिम मतदाता: 20.40% हैं. यहां मतदान प्रतिशत हमेशा बहुत ऊंचा रहता है. 2016 में 87.37%, 2021 में 86.10% और 2024 में 83.32% मतदान दर्ज किया गया था. यह दर्शाता है कि यहां के मतदाता राजनीतिक रूप से बेहद सक्रिय हैं.
मेमारी क्षेत्र दमोदर और द्वारकेश्वर नदियों के निकट स्थित है, जिससे मिट्टी उपजाऊ और सिंचाई के लिए अनुकूल हो जाती है. यहां मुख्य रूप से धान, आलू, मौसमी सब्जियां और जूट की खेती होती है. कृषि के अलावा चावल मिल और एग्रो-प्रोसेसिंग यूनिट स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देती हैं.
सड़कों और रेलमार्ग के लिहाज से भी क्षेत्र अच्छी तरह जुड़ा हुआ है, मेमारी रेलवे स्टेशन हावड़ा–बर्दवान मेन लाइन पर स्थित है और यह कोलकाता से करीब 100 किमी की दूरी पर है. मेमारी से बर्दवान 25 किमी, दुर्गापुर 65 किमी, जमालपुर 20 किमी, खंडाघोष 15 किमी दूर हैं.
यदि बीजेपी एंटी-इंकम्बेंसी को मुद्दा बनाकर रणनीतिक तरीके से प्रचार करती है और वाम दल अपनी जमीन वापस पाने के लिए दमदार वापसी करते हैं, तो मुकाबला और कड़ा हो सकता है. फिलहाल के आंकड़े बताते हैं कि तृणमूल कांग्रेस की स्थिति मेमारी में काफी मजबूत है.
(अजय झा)
Bhismadeb Bhattacharya
BJP
Sanat Banerjee
CPI(M)
Kalpana Mandal
BSP
Tarun Kumar Dhali
BMUP
Nota
NOTA
Manab Banerjee
IND
Assembly Election Exit Poll 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को खत्म होने के बाद सभी की नजरें एग्जिट पोल पर टिक रहेंगी. पांचों चुनावी राज्यों- पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में रिकॉर्ड मतदान ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है, जिस कारण लोग एग्जिट पोल्स का उत्सुकता के साथ इंतजार कर रहे हैं.
आज दस्तक में बात ईरान और अमेरिका के बीच अटकी और लटकी युद्धविराम वाली डील की. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान का शांति प्रस्ताव एक बार फिर ठुकरा दिया हैं, पेच ट्रंप की परमाणु प्रतिज्ञा पर फंसा है. ईरान होर्मुज खोजने को तैयार है लेकिन अपने परमाणु प्रोग्राम पर अमेरिका के साथ समझौते को तैयार नहीं. अगर ईरान अपने परमाणु प्रोग्राम पर अड़ा है तो ट्रंप अपनी परमाणु प्रतिज्ञा पर. ट्रंप बार-बार धमकी दे रहे हैं कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे, ईरान ने परमाणु प्रोग्राम की जिद नहीं छोड़ी तो अमेरिका एक बार फिर हमला कर सकता हैं. अब सवाल यही है कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौता कैसे होंगे, क्या अमेरिका और ईरान की डील फंस गई, आगे क्या होगा?
पश्चिम बंगाल की फाल्टा सीट पर मतदान से पहले बड़ा विवाद सामने आया है. निर्वाचन आयोग ने संयुक्त बीडीओ और सहायक रिटर्निंग अधिकारी सौरव हाजरा का तत्काल तबादला कर दिया. यह कदम आईपीएस अजय पाल शर्मा के दौरे, तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान के आरोपों और एक महिला की शिकायत के बाद उठाया गया. महिला ने केंद्रीय बलों पर घर में घुसकर मारपीट, छेड़छाड़ और भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है. मामले ने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पश्चिम बंगाल चुनाव का दूसरा चरण सत्ता की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है. 142 सीटों पर होने वाली वोटिंग में महिला मतदाताओं की भूमिका बेहद अहम है, जहां कई सीटों पर उनकी संख्या पुरुषों से ज्यादा है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर के बीच सभी दल महिला वोटरों को साधने में जुटे हैं, जिससे यह चरण और भी दिलचस्प बन गया है.
अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी के एजेंट्स के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया कि बीजेपी ने रामपुर और संभल में अपने एजेंट भेजे हैं, लेकिन इन एजेंट्स से कुछ भी हासिल नहीं होगा.
ग्यारह घंटे बाद पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान का रण शुरु हो जाएगा. 142 सीटों पर वोटिंग होगी. इसी से जुड़ी कई खबरों पर हम खबरदार करेंगे. बताएंगे कि क्या प्रधानमंत्री मोदी का गोल बंगाल में होगा और क्या सियासी भूगोल बदलेगा? इसी चुनाव में वोटिंग से पहले चर्चा यूपी के सिंघम और बंगाल के पुष्पा की हो रही है. जहां एक अधिकारी हैं जो कहते हैं कायदे में रहो. और दूसरे प्रत्याशी हैं जो कहते हैं झुकुगंगा नहीं. तीसरी खबर एम यानी महिला वोटर के शक्ति परीक्षण की है. जो आज यूपी में बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों तरफ से किया गया है.
बंगाल चुनाव के बीच यूपी के IPS अफसर अजय पाल शर्मा का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को चेतावनी दे रहे हैं. अब सवाल ये पूछा जा रहा है कि एक पुलिस ऑब्जर्वर की जरूरत क्या होती है, वो क्या करते हैं, क्या वो किसी जगह जाकर वोटर के बीच में चेतावनी दे सकते हैं? आजतक से बातचीत में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने इस सभी सवालों का जवाब दिया. देखें वीडियो.
पश्चिम बंगाल में कल दूसरे चरण की वोटिंग होनी है. मतदान की बात करें तो पहले चरण में 93.19% वोटिंग हुई थी. ऐसे में राजनीतिक दलों में इसे लेकर भी भारी उठा-पटक देखने को मिल रही है.
पश्चिम बंगाल के फाल्टा में एक महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि 27 अप्रैल की रात आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा और केंद्रीय बलों के जवानों ने घर में जबरन घुसकर महिलाओं से मारपीट और छेड़छाड़ की. शिकायत में भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने और धमकी देने का भी आरोप है. पीड़िता ने निष्पक्ष जांच, प्राथमिकी दर्ज करने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है. मामला चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है.
फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि पुलिस पर्यवेक्षक ने पार्टी कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा कर्मियों को धमकाया और बाद में उनके घर जाकर परिवार को डराने की कोशिश की. जहांगीर खान ने इसे चुनाव आयोग के नियमों के खिलाफ बताया और आरोप लगाया कि भाजपा की मदद के लिए गैरकानूनी तरीके अपनाए जा रहे हैं. इस बयान से क्षेत्र का चुनावी माहौल और तनावपूर्ण हो गया है.