AITC
BJP
CPM
INC
नोटा
NOTA
IND
IND
SUCI
IND
IND
IND
IND
IND
West Bengal Election Result 2026 Live: हावड़ा दक्षिण विधानसभा सीट पर AITC ने दोबारा चखा जीत का स्वाद
West Bengal Election Result 2026 Live: हावड़ा दक्षिण विधानसभा सीट पर AITC ने दोबारा चखा जीत का स्वाद
West Bengal Election Results 2026 Live: पश्चिम बंगाल चुनाव में राजनीतिक गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
West Bengal Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
Howrah Dakshin Vidhan Sabha Chunav Result Live: पश्चिम बंगाल के PRESIDENCY क्षेत्र में पार्टियों/गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
Howrah Dakshin Election Result 2026 Live: हावड़ा दक्षिण का रिजल्ट जानना है? यहां मिलेगा हर अपडेट
हावड़ा दक्षिण पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में एक जनरल कैटेगरी का असेंबली चुनाव क्षेत्र है. यह हावड़ा लोकसभा सीट के तहत आने वाले सात हिस्सों में से एक है. यहां लगभग सभी वोटर शहरी हैं, जबकि ग्रामीण वोट सिर्फ 0.42 परसेंट हैं. कोलकाता के एक पॉपुलर सबअर्ब के तौर पर, हावड़ा दक्षिण शहर के फैलाव में पूरी तरह से जुड़ा हुआ है.
इस चुनाव क्षेत्र का इतिहास कई दशकों पुराना है. 1951 में, हावड़ा साउथ को शहर की चार असेंबली सीटों में से एक के तौर पर बनाया गया था, साथ ही नॉर्थ, ईस्ट और वेस्ट भी. 1967 के चुनावों से पहले चारों को भंग कर दिया गया था. उसके बाद, इस इलाके को हावड़ा नॉर्थ, हावड़ा साउथ और हावड़ा सेंट्रल के तौर पर फिर से बनाया गया. 2006 में डिलिमिटेशन कमीशन की रिपोर्ट के बाद पैटर्न एक बार फिर बदल गया, जिसने हावड़ा दक्षिण, हावड़ा उत्तर और हावड़ा मध्य बनाया, साथ ही नई सीमाएं भी बनाईं जो पहली बार 2011 के चुनाव के लिए लागू हुईं.
आज, हावड़ा दक्षिण में हावड़ा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के वार्ड नंबर 35, 38, 39, 40, 41, 44, 45 और 46 के साथ-साथ संकरैल ब्लॉक की दुइला, जोरहाट, पंचपारा और थानामकुआ ग्राम पंचायतें शामिल हैं. इस सीट पर अब तक तीन चुनाव हुए हैं, और सभी में तृणमूल कांग्रेस जीती है.
तृणमूल के ब्रजमोहन मजूमदार ने 2011 में CPI(M) के कृष्ण किशोर रॉय को 31,422 वोटों से हराया था, और 2016 में CPI(M) के अरिंदम बसु पर 16,194 वोटों के मार्जिन से सीट जीती थी. मजूमदार बढ़ती उम्र की वजह से रिटायर हो गए, और नंदिता चौधरी ने कमान संभाली, उन्होंने 2021 में BJP के रंतिदेव सेनगुप्ता को 50,569 वोटों से हराया. उस समय, BJP का वोट शेयर 2016 से 22 परसेंट से ज्यादा बढ़ गया था. CPI(M) की पॉपुलैरिटी में तेज गिरावट से तृणमूल का मार्जिन और मजबूत हुआ, जिसका वोट शेयर 2016 में 39.53 परसेंट से गिरकर 2024 में 12.58 परसेंट हो गया.
BJP का बढ़ना और CPI(M) का गिरना 2019 के लोकसभा चुनावों से शुरू हुआ. उस साल, BJP CPI(M) से आगे निकल गई और दूसरे नंबर पर आ गई. तृणमूल कांग्रेस अपनी शुरुआत से ही हावड़ा दक्षिण में न तो हारी है और न ही पीछे रही है, और पार्लियामेंट्री चुनावों में भी उसे ऐसी ही बढ़त मिली थी. 2019 में, तृणमूल यहां BJP से 24,584 वोटों से आगे थी, जो 2024 में बढ़कर 29,672 वोट हो गए. लेफ्ट फ्रंट-कांग्रेस गठबंधन तीसरे नंबर पर रहा.
हावड़ा दक्षिण में 2019 में 277,378 रजिस्टर्ड वोटर थे, 2021 में 294,243 और 2024 में 302,518. मुस्लिम वोटरों की संख्या 20.10 परसेंट है, जबकि अनुसूचित जाति के वोटर 7.06 परसेंट हैं. गांव की आबादी बहुत कम है और सिर्फ संकरैल ब्लॉक में पाई जाती है.
शहरी सीट पर वोटिंग अच्छी रही है. 2011 में, यह 76.84 परसेंट के हाई पर पहुंचा, और 2024 में 69.95 परसेंट के लो पर. दूसरे हालिया पोल में 2016 में 73.58 परसेंट, 2019 में 73.21 परसेंट और 2021 में 73.77 परसेंट वोटिंग हुई.
हावड़ा दक्षिण का इतिहास हावड़ा शहर के विकास को दिखाता है, जो नदी किनारे के व्यापार और इंजीनियरिंग के कामों से डेवलप हुआ. इसके जाने-माने एड्रेस में हावड़ा मैदान, हावड़ा ब्रिज और शिबपुर बॉटनिकल गार्डन शामिल हैं. इंजीनियरिंग वर्कशॉप, जूट मिल और फाउंड्री ने लोकल इकॉनमी का एक बड़ा हिस्सा बनाया, हालांकि हाल के सालों में नई कमर्शियल और रेजिडेंशियल बिल्डिंग बनी हैं.
दुइला, जोरहाट, पंचपारा और थानामकुआ को छोड़कर यहां अर्बनाइजेशन लगभग पूरा हो चुका है. हुगली नदी पूर्वी सीमा बनाती है और रोजमर्रा की जिंदगी के साथ-साथ बिजनेस में भी भूमिका निभाती है.
हावड़ा स्टेशन करीब तीन km दूर है, एस्प्लेनेड और BBD बाग छह km दूर हैं, पार्क स्ट्रीट आठ km दूर है, मैदान 12 km दूर है, और नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट 26 से 28 km दूर है. सेंट्रल कोलकाता के मुख्य शॉपिंग और बिजनेस हब 10 km के दायरे में हैं. हुगली जैसे आस-पास के जिले 15 से 20 km दूर हैं.
जैसे-जैसे 2026 के विधानसभा चुनाव पास आ रहे हैं, तृणमूल कांग्रेस अपनी जीत का सिलसिला जारी रखना चाहेगी. हालांकि, BJP लगातार बढ़त बना रही है और यह मुकाबला कांटे का हो सकता है. लेफ्ट फ्रंट-कांग्रेस गठबंधन की भूमिका अहम साबित हो सकती है क्योंकि इसकी वापसी राजनीतिक मुकाबले पर असर डालेगी और यह तय करेगी कि सीट पर तृणमूल की पकड़ कितनी मजबूत रहती है.
(अजय झा)
Rantidev Sengupta
BJP
Sumitro Adhikary
CPI(M)
Nota
NOTA
Sushanta Mondal
IND
Amit Kumar Ghosh
JD(U)
Samrat Chattopadhyay
IND
Tapas Kumar Das
SUCI
Mamata Banerjee
IND
Samir Bachar
IND
Rajesh Kumar Singh
IND
Sajal Sardar
IND
Pabitra Biswas
IND
क्रिकेट के बाद राजनीति में भी अशोक डिंडा का यह प्रदर्शन उनके बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है. उनकी इस जीत ने यह साफ कर दिया है कि मैदान चाहे क्रिकेट का हो या राजनीति का, अशोक डिंडा दोनों जगह अपनी छाप छोड़ने में सक्षम हैं.
आज देश के पांच राज्यों में चुनावी परिणाम आने वाले है. पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में जनता अपना फैसला सुनाएगी. दहां असम में हिमंता बिस्व सरमा की सरकार पूर्ण बहुमत के साथ आती दिख रहीं है वहीं बंगाल में टीएमसी और बीजेपी के बीच काटे की टक्कर का अंदेशा लगाया जा रहा है.
बंगाल की राजारहाट न्यू टाउन सीट का नतीजा अब बड़े राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है. मुस्लिम-बहुल मुसलमान पाड़ा के एक बूथ पर BJP को 97% वोट मिलने के बाद TMC ने चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं. अब EVM से लेकर काउंटिंग प्रक्रिया तक पर बहस छिड़ गई है.
बंगाल चुनाव में करारी हार के बाद TMC की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. अब कोलकाता में पार्टी के मौजूदा मुख्यालय वाली बिल्डिंग के मालिक ने TMC नेतृत्व से दो महीने के भीतर जगह खाली करने को कहा है. मालिक ने लीज खत्म होने और प्रॉपर्टी की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है.
पुलिस ऑब्जर्वर अजय पाल शर्मा की कार्रवाई से नाराज टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने उन्हें खुली चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि खेल उन्होंने शुरू किया है, लेकिन खत्म टीएमसी करेगी. टीएमसी ने आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारी रात में छापेमारी कर रहे हैं और महिलाओं के साथ बदसलूकी कर रहे हैं.
पश्चिम बंगाल के फाल्टा में दूसरे चरण के मतदान से पहले राजनीतिक विवाद तेज हो गया. निर्वाचन आयोग के पर्यवेक्षक और उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अजय पाल शर्मा के दौरे पर तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने विरोध जताया. आयोग को मतदाताओं को धमकाने और पहचान पत्र जमा कराने की शिकायत मिली थी. तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान ने कहा, 'अगर वह सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूं.' वहीं तृणमूल नेताओं ने शर्मा पर अधिकार सीमा लांघने का आरोप लगाया, जिससे चुनावी माहौल और गरमा गया.
पश्चिम बंगाल की फाल्टा सीट पर मतदान से पहले बड़ा विवाद सामने आया है. निर्वाचन आयोग ने संयुक्त बीडीओ और सहायक रिटर्निंग अधिकारी सौरव हाजरा का तत्काल तबादला कर दिया. यह कदम आईपीएस अजय पाल शर्मा के दौरे, तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान के आरोपों और एक महिला की शिकायत के बाद उठाया गया. महिला ने केंद्रीय बलों पर घर में घुसकर मारपीट, छेड़छाड़ और भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है. मामले ने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
चुनाव आयोग ने बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर भी दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया है. गड़बड़ी की शिकायतों के बाद यहां के सभी 285 बूथों पर फिर से वोटिंग होगी.
संघ ने ऑटो ड्राइवरों, चाय की दुकानों और ब्यूटी पार्लर की 'दीदियों' के जरिए एक ऐसा अदृश्य 'विस्पर कैंपेन' चलाया जिसने घर-घर तक पैठ बना ली. यह कहानी उसी माइक्रो-रणनीति की है, जिसने जन-आक्रोश की दबी हुई लहर को एक प्रचंड चुनावी सुनामी में बदल दिया.
बंगाल चुनाव खत्म हो गया, लेकिन SIR पर सियासी और कानूनी संग्राम जारी है. टीएमसी इसे वोटरों की ‘सफाई’ नहीं, लोकतंत्र की ‘छंटनी’ बता रही है, जबकि चुनाव आयोग नियमों का हवाला दे रहा है. ये लड़ाई जीतना टीएमसी के लिए सिर्फ नैरेटिव ही नहीं, अस्तित्व की खातिर भी जरूरी है.