BJP
INC
CPM
AITC
SUCI
KPP(U)
IND
IND
Nota
NOTA
फलकाटा, पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में स्थित एक अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित विधानसभा क्षेत्र है. यह अलीपुरद्वार लोकसभा सीट के सात खंडों में से एक है. यह क्षेत्र 1957 में एक सामान्य श्रेणी सीट के रूप में स्थापित किया गया था, लेकिन 2008 में परिसीमन आयोग की सिफारिशों के बाद इसे आरक्षित सीट में बदल दिया गया. इस परिवर्तन का कारण इस क्षेत्र में अनुसूचित जाति मतदाताओं की उल्लेखनीय संख्या थी.
वर्तमान स्वरूप में, फलकाटा विधानसभा क्षेत्र में फलकाटा नगर पालिका, फलकाटा सामुदायिक विकास खंड, और अलीपुरद्वार ब्लॉक के पूर्व कांथलबाड़ी ग्राम पंचायत शामिल हैं.
जब यह सीट सामान्य श्रेणी की थी, तब फलकाटा में कुल 13 विधानसभा चुनाव हुए. इस दौरान वाममोर्चा (CPI-M) ने 1977 से 2006 तक लगातार सात बार यह सीट अपने नाम की, जो राज्य में वाम शासन के चरम काल से मेल खाता है. कांग्रेस पार्टी ने चार बार जीत दर्ज की, जबकि प्रजा समाजवादी पार्टी (PSP) ने दो बार सफलता पाई. इन वर्षों में जगदानंद राय सबसे प्रमुख राजनीतिक नेता रहे, जिन्होंने इस सीट का प्रतिनिधित्व पांच बार किया, दो बार PSP से और तीन बार कांग्रेस से.
2011 में पहली बार फलकाटा को SC आरक्षित सीट के रूप में घोषित किया गया. उस वर्ष तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अनिल अधिकारी ने CPI(M) के रवीन्द्र नाथ बर्मन को 8,046 वोटों से हराया. उस समय भारतीय जनता पार्टी (BJP) को केवल 6% वोट शेयर प्राप्त हुआ था. 2016 में अनिल अधिकारी ने और भी बड़े अंतर से जीत दर्ज की, 16,839 वोटों से. हालांकि BJP का वोट शेयर इस चुनाव में बढ़कर 15.48% हो गया.
अनिल अधिकारी की मृत्यु के बाद, 2021 के विधानसभा चुनाव में TMC ने सुभाष चंद्र राय को उम्मीदवार बनाया, लेकिन इस बार BJP के दीपक बर्मन ने 3,990 वोटों से जीत हासिल की. CPI(M) के क्षितिश चंद्र राय को केवल 4.89% वोट मिले.
2019 के लोकसभा चुनावों में BJP ने फलकाटा क्षेत्र में 27,070 वोटों की बढ़त के साथ स्पष्ट बढ़त बनाई. हालांकि, 2024 में यह बढ़त घटकर 8,966 वोटों पर आ गई, लेकिन पार्टी ने अपनी पकड़ बनाए रखी.
2021 में फलकाटा विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,54,554 पंजीकृत मतदाता थे, जो 2019 के 2,44,073 और 2016 के 2,47,176 से अधिक थे. 2011 में मतदाताओं की संख्या 1,89,459 थी, यानी दस वर्षों में लगभग 65,000 की वृद्धि हुई. यह वृद्धि संभवतः प्रवास या मतदाता पंजीकरण में सुधार का परिणाम है.
2011 के आंकड़ों के अनुसार अनुसूचित जाति (SC) 41.98%, अनुसूचित जनजाति (ST) 15.54%, और मुस्लिम मतदाता 15.10% थे.
फलकाटा क्षेत्र मुख्यतः ग्रामीण है. लगभग 85.17% मतदाता ग्रामीण इलाकों में रहते हैं और 14.83% शहरी हिस्सों में. मतदान दर लगातार ऊंची रही है. 2011 में 86.58%, 2016 में 87.13%, 2019 में 85.51%, और 2021 में 86.64% रहा.
फलकाटा डुआर्स क्षेत्र में स्थित है, जो अपनी समतल भूमि, उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी और हिमालय की तराइयों के निकट होने के कारण प्रसिद्ध है. इस क्षेत्र में मूजनई, जलधाका और तोर्षा नदियां बहती हैं, जो कृषि के लिए जल प्रदान करती हैं, परंतु बरसात के समय बाढ़ भी लाती हैं.
यहां के आसपास खैरबाड़ी और टिटी आरक्षित वन, और प्रसिद्ध जलदापाड़ा राष्ट्रीय उद्यान स्थित हैं, जो एक सींग वाले गैंडों के लिए प्रसिद्ध है और पर्यटन का प्रमुख केंद्र है.
फलकाटा की अर्थव्यवस्था मुख्यतः चाय बागानों और कृषि पर आधारित है. यहां की प्रमुख फसलें धान, जूट और सब्जियां हैं. कुंजनगर ईको पार्क यहां का लोकप्रिय पर्यटन स्थल है.
परिवहन की दृष्टि से, फलकाटा का अलीपुरद्वार नगर मुख्यालय से लगभग 30 किमी, मदारीहाट से 20 किमी, बीरपाड़ा से 25 किमी, और हासीमारा से 35 किमी की दूरी पर स्थित है. राज्य की राजधानी कोलकाता लगभग 650 किमी दूर है.
भौगोलिक रूप से यह क्षेत्र जलगांव जिले के पश्चिम में स्थित है और असम व भूटान की सीमा के निकट है. असम के बोंगाईगांव (110 किमी), कोकराझार (95 किमी) और भूटान का फुंटशोलिंग (90 किमी) भी यहां से सुलभ हैं.
वर्तमान में, फलकाटा में BJP का प्रभाव बढ़ा हुआ है, विशेषकर अनुसूचित जाति मतदाताओं के बीच. TMC की स्थिति कुछ कमजोर हुई है, क्योंकि यहां मुस्लिम मतदाता प्रमुख भूमिका में नहीं हैं. फिर भी, 2024 के लोकसभा चुनावों में BJP की बढ़त में आई कमी ने तृणमूल कांग्रेस के लिए नई संभावनाएं खोली हैं.
वामपंथी मोर्चा–कांग्रेस गठबंधन फिलहाल हाशिये पर है और उनके पुनरुत्थान की संभावना सीमित दिखाई देती है. हालांकि यदि वे थोड़ा भी वोट खींचते हैं, तो उसका सीधा नुकसान तृणमूल कांग्रेस को और फायदा BJP को होगा.
(अजय झा)
Subhash Chandra Roy
AITC
Kshitish Chandra Ray
CPI(M)
Nota
NOTA
Dipak Chandra Mandal (santosh)
IND
Swapan Roy
IND
Tapan Adhikari
SWJP
Tarani Roy
SUCI
Bimal Roy
AMB
Assembly Election Exit Poll 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को खत्म होने के बाद सभी की नजरें एग्जिट पोल पर टिक रहेंगी. पांचों चुनावी राज्यों- पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में रिकॉर्ड मतदान ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है, जिस कारण लोग एग्जिट पोल्स का उत्सुकता के साथ इंतजार कर रहे हैं.
आज दस्तक में बात ईरान और अमेरिका के बीच अटकी और लटकी युद्धविराम वाली डील की. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान का शांति प्रस्ताव एक बार फिर ठुकरा दिया हैं, पेच ट्रंप की परमाणु प्रतिज्ञा पर फंसा है. ईरान होर्मुज खोजने को तैयार है लेकिन अपने परमाणु प्रोग्राम पर अमेरिका के साथ समझौते को तैयार नहीं. अगर ईरान अपने परमाणु प्रोग्राम पर अड़ा है तो ट्रंप अपनी परमाणु प्रतिज्ञा पर. ट्रंप बार-बार धमकी दे रहे हैं कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे, ईरान ने परमाणु प्रोग्राम की जिद नहीं छोड़ी तो अमेरिका एक बार फिर हमला कर सकता हैं. अब सवाल यही है कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौता कैसे होंगे, क्या अमेरिका और ईरान की डील फंस गई, आगे क्या होगा?
पश्चिम बंगाल की फाल्टा सीट पर मतदान से पहले बड़ा विवाद सामने आया है. निर्वाचन आयोग ने संयुक्त बीडीओ और सहायक रिटर्निंग अधिकारी सौरव हाजरा का तत्काल तबादला कर दिया. यह कदम आईपीएस अजय पाल शर्मा के दौरे, तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान के आरोपों और एक महिला की शिकायत के बाद उठाया गया. महिला ने केंद्रीय बलों पर घर में घुसकर मारपीट, छेड़छाड़ और भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है. मामले ने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पश्चिम बंगाल चुनाव का दूसरा चरण सत्ता की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है. 142 सीटों पर होने वाली वोटिंग में महिला मतदाताओं की भूमिका बेहद अहम है, जहां कई सीटों पर उनकी संख्या पुरुषों से ज्यादा है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर के बीच सभी दल महिला वोटरों को साधने में जुटे हैं, जिससे यह चरण और भी दिलचस्प बन गया है.
अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी के एजेंट्स के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया कि बीजेपी ने रामपुर और संभल में अपने एजेंट भेजे हैं, लेकिन इन एजेंट्स से कुछ भी हासिल नहीं होगा.
ग्यारह घंटे बाद पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान का रण शुरु हो जाएगा. 142 सीटों पर वोटिंग होगी. इसी से जुड़ी कई खबरों पर हम खबरदार करेंगे. बताएंगे कि क्या प्रधानमंत्री मोदी का गोल बंगाल में होगा और क्या सियासी भूगोल बदलेगा? इसी चुनाव में वोटिंग से पहले चर्चा यूपी के सिंघम और बंगाल के पुष्पा की हो रही है. जहां एक अधिकारी हैं जो कहते हैं कायदे में रहो. और दूसरे प्रत्याशी हैं जो कहते हैं झुकुगंगा नहीं. तीसरी खबर एम यानी महिला वोटर के शक्ति परीक्षण की है. जो आज यूपी में बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों तरफ से किया गया है.
बंगाल चुनाव के बीच यूपी के IPS अफसर अजय पाल शर्मा का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को चेतावनी दे रहे हैं. अब सवाल ये पूछा जा रहा है कि एक पुलिस ऑब्जर्वर की जरूरत क्या होती है, वो क्या करते हैं, क्या वो किसी जगह जाकर वोटर के बीच में चेतावनी दे सकते हैं? आजतक से बातचीत में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने इस सभी सवालों का जवाब दिया. देखें वीडियो.
पश्चिम बंगाल में कल दूसरे चरण की वोटिंग होनी है. मतदान की बात करें तो पहले चरण में 93.19% वोटिंग हुई थी. ऐसे में राजनीतिक दलों में इसे लेकर भी भारी उठा-पटक देखने को मिल रही है.
पश्चिम बंगाल के फाल्टा में एक महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि 27 अप्रैल की रात आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा और केंद्रीय बलों के जवानों ने घर में जबरन घुसकर महिलाओं से मारपीट और छेड़छाड़ की. शिकायत में भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने और धमकी देने का भी आरोप है. पीड़िता ने निष्पक्ष जांच, प्राथमिकी दर्ज करने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है. मामला चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है.
फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि पुलिस पर्यवेक्षक ने पार्टी कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा कर्मियों को धमकाया और बाद में उनके घर जाकर परिवार को डराने की कोशिश की. जहांगीर खान ने इसे चुनाव आयोग के नियमों के खिलाफ बताया और आरोप लगाया कि भाजपा की मदद के लिए गैरकानूनी तरीके अपनाए जा रहे हैं. इस बयान से क्षेत्र का चुनावी माहौल और तनावपूर्ण हो गया है.