BJP
INC
CPM
AITC
BSP
SUCI
AJUP
MBMP
IND
IND
IND
IND
IND
IND
Nota
NOTA
दुर्गापुर पश्चिम, पश्चिम बंगाल के इंडस्ट्रियल पावरहाउस दुर्गापुर के बीच में बसा है. यह पश्चिम बर्धमान जिले में एक जनरल कैटेगरी का असेंबली चुनाव क्षेत्र है, जो बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा सीट के सात हिस्सों में से एक है. यह चुनाव क्षेत्र दुर्गापुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के 27 वार्डों से बना है, जिसमें वार्ड नंबर 11 से 22 और 29 से 43 शामिल हैं.
इस इलाके का रिकॉर्डेड इतिहास दामोदर नदी के किनारे पुरानी बस्तियों से शुरू होता है, जहां मेसोलिथिक बस्तियों के निशान आज भी लोकल जगहों पर मिलते हैं. 20वीं सदी के बीच में, दुर्गापुर में एक बड़ा बदलाव आया क्योंकि भारत की दूसरी पंचवर्षीय योजना के दौरान दुर्गापुर स्टील प्लांट शुरू किया गया था. इस पब्लिक सेक्टर प्लांट ने शहर को एक अनोखा इंडस्ट्रियल रूप दिया और ध्यान से प्लान किए गए डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया- रेजिडेंशियल क्लस्टर, स्कूल और बड़े इंडस्ट्रियल एस्टेट ने दुर्गापुर को वह बनाया जिसे अक्सर बंगाल का स्टील सिटी कहा जाता है.
असेंबली सीट का अपना विकास शहर के विकास को दिखाता है. 1962 और 1972 के बीच, एक दुर्गापुर सीट पर पांच चुनाव हुए, जिसमें कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ने तीन बार जीत हासिल की, 1967, 1969 और 1971 में, और कांग्रेस 1962 और 1972 में जीती. दूसरे फेज में, 1977 से 2006 तक, इस इलाके को दुर्गापुर I और II में बांटा गया. दुर्गापुर I पूरी तरह से लेफ्ट फ्रंट का गढ़ था. इस दौरान CPI(M) ने सातों मुकाबलों में जीत हासिल की. 2011 के चुनावों से पहले डिलिमिटेशन कमीशन ने इस इलाके को फिर से बनाया, जिससे दुर्गापुर पश्चिम और उसकी सिस्टर सीट दुर्गापुर पूर्वा बनी.
2011 में बनी दुर्गापुर पश्चिम अपने बदलते चुनावी ट्रेंड के लिए जानी जाती है, जहां हर बार तीन अलग-अलग पार्टियां जीतती हैं. अपने पहले चुनाव में, तृणमूल कांग्रेस की अपूर्वा मुखर्जी ने CPI(M) के बिप्रेंदु कुमार चक्रवर्ती को 17,006 वोटों से हराया था. 2016 में पासा पलट गया जब कांग्रेस के बिस्वनाथ परियाल ने 44,824 वोटों के मार्जिन से सीट वापस जीत ली और तृणमूल के अपूर्व मुखर्जी को हरा दिया. 2021 में फिर से पासा पलटा, जब BJP के लक्ष्मण चंद्र घोरुई ने पहली बार सीट पर कब्जा किया, उन्होंने तृणमूल के मौजूदा MLA बिस्वनाथ परियाल को 14,664 वोटों से हराया, जबकि कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही.
दुर्गापुर पश्चिम इलाके में हुए संसदीय चुनावों में भी कुछ ऐसा ही हुआ. 2014 में, तृणमूल कांग्रेस ने BJP पर 8,287 वोटों से बढ़त बनाई थी. BJP ने 2019 में मुकाबला पलट दिया, तृणमूल को 44,511 वोटों से पीछे छोड़ दिया, और 2024 में अपनी बढ़त को और मजबूत करते हुए 11,682 वोटों की बढ़त बनाए रखी. 2024 में दुर्गापुर पश्चिम में 2,76,673 वोटर थे, जो 2021 में 2,69,303 और 2019 में 2,56,489 थे. 14.96 परसेंट वोटरों के साथ अनुसूचित जाति सबसे बड़ा ग्रुप है, इसके बाद 7.30 परसेंट के साथ मुस्लिम और 2.34 परसेंट के साथ अनुसूचित जनजाति हैं. पूरी तरह से शहरी होने के कारण, इस सीट पर कोई ग्रामीण आबादी नहीं है. वोटर टर्नआउट धीरे-धीरे कम हुआ है- 2011 में यह 84.78 परसेंट था, 2016 में 81.38 परसेंट, 2019 में 78.34 परसेंट और 2021 में 73.12 परसेंट रहा.
दामोदर नदी शहर के दक्षिण में बहती है, जो इंडस्ट्री और घरों दोनों को जरूरी पानी देती है. दुर्गापुर का इलाका ज्यादातर समतल है और इंडस्ट्री और शहरी बसावट दोनों के लिए सही है. दुर्गापुर पश्चिम में पड़ने वाले बड़े इंस्टीट्यूशन और लैंडमार्क में दुर्गापुर बैराज, दुर्गापुर इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, दुर्गापुर विमेंस कॉलेज, कुमारमंगलम पार्क, BCET, और इंडस्ट्रियल पार्क और एस्टेट शामिल हैं जो लोकल इकॉनमी को चलाते हैं. दुर्गापुर सिटी सेंटर कमर्शियल जोन और दुर्गापुर रेलवे स्टेशन भी आस-पास की जरूरी सुविधाएं हैं. पावर, केमिकल और इंजीनियरिंग इस चुनाव क्षेत्र की इकॉनमी की मुख्य एक्टिविटी में से हैं. यहां के लोगों को कमर्शियल, एजुकेशनल और मनोरंजन की सुविधाओं के लिए अच्छी बस, रोड और रेल कनेक्टिविटी का फायदा मिलता है.
आस-पास के शहरों में आसनसोल (44 km), रानीगंज (23 km), अंडाल (23 km), बांकुरा (61 km), और बर्धमान (65 km) शामिल हैं, जबकि राज्य की राजधानी कोलकाता, रेल और रोड से 165 km दक्षिण-पूर्व में है. धनबाद और बोकारो, जो दोनों झारखंड में हैं, क्रमशः 90 km और 120 km दूर हैं. जैसे-जैसे 2026 का विधानसभा चुनाव पास आ रहा है, 2019 से BJP की लगातार बढ़त ने उसे एक मजबूत स्थिति में ला दिया है. 2011 से इस सीट पर कभी भी कोई विजेता दोबारा नहीं आया है, यह तृणमूल कांग्रेस को एक लाइफलाइन देता है. BJP को दूसरा टर्म जीतने से रोकने के लिए तृणमूल को एक जबरदस्त कैंपेन की जरूरत होगी. हाल के नतीजों के आधार पर हाशिए पर पड़े लेफ्ट फ्रंट-कांग्रेस गठबंधन के निर्णायक भूमिका निभाने की संभावना कम है, जब तक कि कुछ खास न हो जाए. दुर्गापुर पश्चिम में नतीजा कैंपेन की स्ट्रैटेजी, वोटर मोबिलाइजेशन और इस बात पर निर्भर करेगा कि सीट पर बदलाव की हालिया परंपरा जारी रहती है या आखिरकार टूट जाती है.
(अजय झा)
Biswanath Parial
AITC
Debesh Chakraborty
INC
Nota
NOTA
Nayan Mondal
IND
Chandra Mallika Bandopadhyay
IND
Prabhunath Sah
BSP
Sanjiban Hazra
JD(U)
Sandip Sikder
RPPRINAT
Somnath Banerjee
SUCI
Swapan Banerjee
IND
Assembly Election Exit Poll 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को खत्म होने के बाद सभी की नजरें एग्जिट पोल पर टिक रहेंगी. पांचों चुनावी राज्यों- पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में रिकॉर्ड मतदान ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है, जिस कारण लोग एग्जिट पोल्स का उत्सुकता के साथ इंतजार कर रहे हैं.
आज दस्तक में बात ईरान और अमेरिका के बीच अटकी और लटकी युद्धविराम वाली डील की. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान का शांति प्रस्ताव एक बार फिर ठुकरा दिया हैं, पेच ट्रंप की परमाणु प्रतिज्ञा पर फंसा है. ईरान होर्मुज खोजने को तैयार है लेकिन अपने परमाणु प्रोग्राम पर अमेरिका के साथ समझौते को तैयार नहीं. अगर ईरान अपने परमाणु प्रोग्राम पर अड़ा है तो ट्रंप अपनी परमाणु प्रतिज्ञा पर. ट्रंप बार-बार धमकी दे रहे हैं कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे, ईरान ने परमाणु प्रोग्राम की जिद नहीं छोड़ी तो अमेरिका एक बार फिर हमला कर सकता हैं. अब सवाल यही है कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौता कैसे होंगे, क्या अमेरिका और ईरान की डील फंस गई, आगे क्या होगा?
पश्चिम बंगाल की फाल्टा सीट पर मतदान से पहले बड़ा विवाद सामने आया है. निर्वाचन आयोग ने संयुक्त बीडीओ और सहायक रिटर्निंग अधिकारी सौरव हाजरा का तत्काल तबादला कर दिया. यह कदम आईपीएस अजय पाल शर्मा के दौरे, तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान के आरोपों और एक महिला की शिकायत के बाद उठाया गया. महिला ने केंद्रीय बलों पर घर में घुसकर मारपीट, छेड़छाड़ और भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है. मामले ने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पश्चिम बंगाल चुनाव का दूसरा चरण सत्ता की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है. 142 सीटों पर होने वाली वोटिंग में महिला मतदाताओं की भूमिका बेहद अहम है, जहां कई सीटों पर उनकी संख्या पुरुषों से ज्यादा है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर के बीच सभी दल महिला वोटरों को साधने में जुटे हैं, जिससे यह चरण और भी दिलचस्प बन गया है.
अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी के एजेंट्स के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया कि बीजेपी ने रामपुर और संभल में अपने एजेंट भेजे हैं, लेकिन इन एजेंट्स से कुछ भी हासिल नहीं होगा.
ग्यारह घंटे बाद पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान का रण शुरु हो जाएगा. 142 सीटों पर वोटिंग होगी. इसी से जुड़ी कई खबरों पर हम खबरदार करेंगे. बताएंगे कि क्या प्रधानमंत्री मोदी का गोल बंगाल में होगा और क्या सियासी भूगोल बदलेगा? इसी चुनाव में वोटिंग से पहले चर्चा यूपी के सिंघम और बंगाल के पुष्पा की हो रही है. जहां एक अधिकारी हैं जो कहते हैं कायदे में रहो. और दूसरे प्रत्याशी हैं जो कहते हैं झुकुगंगा नहीं. तीसरी खबर एम यानी महिला वोटर के शक्ति परीक्षण की है. जो आज यूपी में बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों तरफ से किया गया है.
बंगाल चुनाव के बीच यूपी के IPS अफसर अजय पाल शर्मा का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को चेतावनी दे रहे हैं. अब सवाल ये पूछा जा रहा है कि एक पुलिस ऑब्जर्वर की जरूरत क्या होती है, वो क्या करते हैं, क्या वो किसी जगह जाकर वोटर के बीच में चेतावनी दे सकते हैं? आजतक से बातचीत में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने इस सभी सवालों का जवाब दिया. देखें वीडियो.
पश्चिम बंगाल में कल दूसरे चरण की वोटिंग होनी है. मतदान की बात करें तो पहले चरण में 93.19% वोटिंग हुई थी. ऐसे में राजनीतिक दलों में इसे लेकर भी भारी उठा-पटक देखने को मिल रही है.
पश्चिम बंगाल के फाल्टा में एक महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि 27 अप्रैल की रात आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा और केंद्रीय बलों के जवानों ने घर में जबरन घुसकर महिलाओं से मारपीट और छेड़छाड़ की. शिकायत में भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने और धमकी देने का भी आरोप है. पीड़िता ने निष्पक्ष जांच, प्राथमिकी दर्ज करने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है. मामला चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है.
फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि पुलिस पर्यवेक्षक ने पार्टी कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा कर्मियों को धमकाया और बाद में उनके घर जाकर परिवार को डराने की कोशिश की. जहांगीर खान ने इसे चुनाव आयोग के नियमों के खिलाफ बताया और आरोप लगाया कि भाजपा की मदद के लिए गैरकानूनी तरीके अपनाए जा रहे हैं. इस बयान से क्षेत्र का चुनावी माहौल और तनावपूर्ण हो गया है.