BJP
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SUCI
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IND
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बाराबनी पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में एक जनरल कैटेगरी की विधानसभा सीट है, जो आसनसोल लोकसभा सीट के सात हिस्सों में से एक है. इसमें बाराबनी और सालनपुर कम्युनिटी डेवलपमेंट ब्लॉक आते हैं.
यह सीट 1962 में बनी थी और अब तक 16 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, जिसमें 1989 का उपचुनाव भी शामिल है. CPI(M) ने यहां सात बार जीत हासिल की है, जबकि अविभाजित CPI ने 1962 में पहली जीत हासिल की थी. कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस दोनों ने चार-चार जीत हासिल की हैं. खास बात यह है कि कांग्रेस ने यह सीट लगातार दो बार नहीं जीती, जिससे अक्सर लेफ्ट की जीत का सिलसिला टूट जाता था. कांग्रेस की आखिरी जीत 1996 में माणिक उपाध्याय के साथ हुई थी. 1998 में तृणमूल कांग्रेस के कांग्रेस से अलग होने के बाद, उपाध्याय ने 2001 का चुनाव तृणमूल उम्मीदवार के तौर पर लड़ा और जीता, लेकिन 2006 में CPI(M) के दिलीप सरकार से 15,382 वोटों से हार गए. तब से, उनके बेटे बिधान उपाध्याय 2011 से लगातार इस सीट पर काबिज हैं.
2011 में बिधान उपाध्याय की CPI(M) के आभास रायचौधरी पर जीत का अंतर 20,577 वोट था. 2016 में, उन्होंने CPI(M) की शिप्रा मुखर्जी को 24,049 वोटों से हराया. 2024 में भी यह अंतर लगभग उतना ही, 23,457 वोटों पर रहा, हालांकि इस पोल में, BJP ने CPI(M) को पीछे छोड़कर दूसरा स्थान हासिल किया. CPI(M) के वोट में गिरावट देखी गई है, 2016 में 32.5 प्रतिशत से घटकर 2021 में सिर्फ 5.3 प्रतिशत रह गया, जबकि इसी समय में BJP तेजी से बढ़कर 15.35 प्रतिशत से 38.4 प्रतिशत हो गई. साफ है, कई पुराने लेफ्ट समर्थक BJP में चले गए हैं, जो एक बड़ा बदलाव है.
लोकसभा चुनाव थोड़ी अलग तस्वीर पेश करते हैं. 2014 और 2019 में BJP ने बाराबनी असेंबली एरिया में बढ़त बनाई थी, जिसमें पॉपुलर सिंगर बाबुल सुप्रियो ने आसनसोल से कैंडिडेट के तौर पर मदद की थी. लेकिन 2021 में सुप्रियो के तृणमूल में जाने के बाद, 2022 के उपचुनाव और 2024 के आम चुनाव में BJP ने बाराबनी में अपनी बढ़त खो दी. 2024 में, तृणमूल कांग्रेस ने BJP पर 25,523 वोटों की बढ़त बनाई.
2021 तक, बाराबनी में 225,396 वोटर थे, जो 2019 में 215,061 थे. इनमें से, अनुसूचित जाति के 26.44 परसेंट, अनुसूचित जनजाति के 12.38 परसेंट और मुस्लिम 7.5 परसेंट थे. ज्यादातर, 62.15 परसेंट, ग्रामीण इलाकों में रहते हैं, जबकि 37.85 परसेंट शहरी इलाकों में रहते हैं. पश्चिम बंगाल के दूसरे हिस्सों के मुकाबले, बाराबनी में वोटिंग का प्रतिशत थोड़ा कम होता है, और यह लगातार कम होता गया है, 2016 में 79.53 प्रतिशत से घटकर 2019 में 77.14 प्रतिशत और 2021 में 74.99 प्रतिशत हो गया.
बाराबनी अजय दामोदर बराकर इलाके में है, जो छोटा नागपुर पठार का एक हिस्सा है. जमीन पथरीली है, जिसमें लैटेराइट मिट्टी है, और यह तीन नदियों से घिरी है- उत्तर में अजय, दक्षिण में दामोदर और पश्चिम में बराकर. यह इलाका कभी जंगल वाला था, लेकिन 18वीं सदी में कोयला मिलने के बाद, यहां इंडस्ट्रियलाइजेशन हो गया, जिससे बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई हुई. सलानपुर में अद्रा गांव के पास से एक नदी, नूनिया, बाराबनी से होकर रानीगंज के पास दामोदर में मिलती है.
कोयला माइनिंग और उससे जुड़े उद्योग बाराबनी की इकॉनमी पर असर डालते हैं. ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड और दूसरी फैक्ट्रियां, खासकर सलानपुर के आसपास, नौकरियां देती हैं. इलाके की वजह से खेती कम है, लेकिन कुछ जगहों पर छोटे लेवल पर खेती जारी है. इस इलाके में कई माइग्रेंट वर्कर और लेबर कॉलोनियां भी हैं.
इंफ्रास्ट्रक्चर काफी अच्छा है. रोड और रेल लिंक बाराबनी को आसनसोल से जोड़ते हैं, जो सिर्फ 12 km दूर है. डोमोहानी बाजार और पनुरिया लोकल रेलवे स्टेशन हैं, और ग्रैंड ट्रंक रोड पास से गुजरती है. बिजली, पानी और बेसिक हेल्थ सुविधाएं मौजूद हैं.
बाराबनी राज्य की राजधानी कोलकाता से करीब 220 km उत्तर-पश्चिम में है. आस-पास के शहरों में रानीगंज (20 km), जमुरिया (15 km), और चित्तरंजन (18 km) शामिल हैं. झारखंड बॉर्डर के पार, जामताड़ा 25 km दूर है, और मिहिजाम करीब 22 km दूर है.
तृणमूल कांग्रेस के लगातार तीन असेंबली चुनाव जीतने और पिछले दो लोकसभा चुनावों में आगे रहने के बावजूद, बाराबनी शायद सुरक्षित नहीं है. कई राज्यों में बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के वोटर BJP की तरफ झुके हैं. हिंदी बोलने वाले वोटर, खासकर शहरी और इंडस्ट्रियल इलाकों में, भी नतीजे बदल सकते हैं. लेफ्ट फ्रंट-कांग्रेस गठबंधन का फिर से बनना या न बनना 2026 के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर और असर डाल सकता है.
(अजय झा)
Arijit Roy
BJP
Ranendra Nath Bagchi
INC
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Paban Nunia
IND
Debshwar Besra
SUCI
Sanjay Majhi
BMUP
Assembly Election Exit Poll 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को खत्म होने के बाद सभी की नजरें एग्जिट पोल पर टिक रहेंगी. पांचों चुनावी राज्यों- पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में रिकॉर्ड मतदान ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है, जिस कारण लोग एग्जिट पोल्स का उत्सुकता के साथ इंतजार कर रहे हैं.
आज दस्तक में बात ईरान और अमेरिका के बीच अटकी और लटकी युद्धविराम वाली डील की. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान का शांति प्रस्ताव एक बार फिर ठुकरा दिया हैं, पेच ट्रंप की परमाणु प्रतिज्ञा पर फंसा है. ईरान होर्मुज खोजने को तैयार है लेकिन अपने परमाणु प्रोग्राम पर अमेरिका के साथ समझौते को तैयार नहीं. अगर ईरान अपने परमाणु प्रोग्राम पर अड़ा है तो ट्रंप अपनी परमाणु प्रतिज्ञा पर. ट्रंप बार-बार धमकी दे रहे हैं कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे, ईरान ने परमाणु प्रोग्राम की जिद नहीं छोड़ी तो अमेरिका एक बार फिर हमला कर सकता हैं. अब सवाल यही है कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौता कैसे होंगे, क्या अमेरिका और ईरान की डील फंस गई, आगे क्या होगा?
पश्चिम बंगाल की फाल्टा सीट पर मतदान से पहले बड़ा विवाद सामने आया है. निर्वाचन आयोग ने संयुक्त बीडीओ और सहायक रिटर्निंग अधिकारी सौरव हाजरा का तत्काल तबादला कर दिया. यह कदम आईपीएस अजय पाल शर्मा के दौरे, तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान के आरोपों और एक महिला की शिकायत के बाद उठाया गया. महिला ने केंद्रीय बलों पर घर में घुसकर मारपीट, छेड़छाड़ और भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है. मामले ने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पश्चिम बंगाल चुनाव का दूसरा चरण सत्ता की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है. 142 सीटों पर होने वाली वोटिंग में महिला मतदाताओं की भूमिका बेहद अहम है, जहां कई सीटों पर उनकी संख्या पुरुषों से ज्यादा है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर के बीच सभी दल महिला वोटरों को साधने में जुटे हैं, जिससे यह चरण और भी दिलचस्प बन गया है.
अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी के एजेंट्स के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया कि बीजेपी ने रामपुर और संभल में अपने एजेंट भेजे हैं, लेकिन इन एजेंट्स से कुछ भी हासिल नहीं होगा.
ग्यारह घंटे बाद पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान का रण शुरु हो जाएगा. 142 सीटों पर वोटिंग होगी. इसी से जुड़ी कई खबरों पर हम खबरदार करेंगे. बताएंगे कि क्या प्रधानमंत्री मोदी का गोल बंगाल में होगा और क्या सियासी भूगोल बदलेगा? इसी चुनाव में वोटिंग से पहले चर्चा यूपी के सिंघम और बंगाल के पुष्पा की हो रही है. जहां एक अधिकारी हैं जो कहते हैं कायदे में रहो. और दूसरे प्रत्याशी हैं जो कहते हैं झुकुगंगा नहीं. तीसरी खबर एम यानी महिला वोटर के शक्ति परीक्षण की है. जो आज यूपी में बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों तरफ से किया गया है.
बंगाल चुनाव के बीच यूपी के IPS अफसर अजय पाल शर्मा का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को चेतावनी दे रहे हैं. अब सवाल ये पूछा जा रहा है कि एक पुलिस ऑब्जर्वर की जरूरत क्या होती है, वो क्या करते हैं, क्या वो किसी जगह जाकर वोटर के बीच में चेतावनी दे सकते हैं? आजतक से बातचीत में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने इस सभी सवालों का जवाब दिया. देखें वीडियो.
पश्चिम बंगाल में कल दूसरे चरण की वोटिंग होनी है. मतदान की बात करें तो पहले चरण में 93.19% वोटिंग हुई थी. ऐसे में राजनीतिक दलों में इसे लेकर भी भारी उठा-पटक देखने को मिल रही है.
पश्चिम बंगाल के फाल्टा में एक महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि 27 अप्रैल की रात आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा और केंद्रीय बलों के जवानों ने घर में जबरन घुसकर महिलाओं से मारपीट और छेड़छाड़ की. शिकायत में भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने और धमकी देने का भी आरोप है. पीड़िता ने निष्पक्ष जांच, प्राथमिकी दर्ज करने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है. मामला चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है.
फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि पुलिस पर्यवेक्षक ने पार्टी कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा कर्मियों को धमकाया और बाद में उनके घर जाकर परिवार को डराने की कोशिश की. जहांगीर खान ने इसे चुनाव आयोग के नियमों के खिलाफ बताया और आरोप लगाया कि भाजपा की मदद के लिए गैरकानूनी तरीके अपनाए जा रहे हैं. इस बयान से क्षेत्र का चुनावी माहौल और तनावपूर्ण हो गया है.