BJP
INC
CPM
AITC
SUCI
AJUP
IND
IND
IND
IND
IND
Nota
NOTA
पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में स्थित बागनान विधानसभा क्षेत्र एक जेनरेल सीट है. यह उलबेरिया लोकसभा सीट के सात खंडों में से एक है. इसमें बागनान नगर (ब्लॉक स्तर), पूरा बागनान II ब्लॉक और बागनान I ब्लॉक की छह ग्राम पंचायतें शामिल हैं. 1951 में पहली विधानसभा चुनाव से ही यह सीट बंगाल की राजनीति के नक्शे पर मौजूद रही है.
पिछले 17 विधानसभा चुनावों में बागनान ने राजनीतिक उतार-चढ़ाव का लंबा इतिहास देखा है. शुरुआती दौर में यह सीट कांग्रेस और वाम दलों के बीच झूलती रही, लेकिन समय के साथ सीपीआई(एम) ने मज़बूत पकड़ बनाई. सीपीआई(एम) ने इस सीट से कुल 9 बार जीत दर्ज की है, जिसमें एक जीत अविभाजित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के नाम रही. इनमें से सबसे चर्चित चेहरा थीं निर्मला चटर्जी, जिन्होंने सात बार जीत हासिल की.
कांग्रेस ने यहां पांच बार जीत दर्ज की, लेकिन अक्सर कड़ी टक्कर के बाद.
2011 में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की जीत के साथ बागनान ने भी नई राह पकड़ ली. तृणमूल के अरुणावा सेन ने सीपीआई(एम) के अक्कल अली खान को 19,270 वोटों से हराया. 2016 में सेन ने सीपीआई(एम) की मीना मुखर्जी घोष को 30,197 वोटों से हराकर अपनी पकड़ और मज़बूत की. 2021 चुनाव में अरुणावा सेन ने 1,06,042 वोट पाकर जीत दर्ज की. भाजपा के अनुपम मलिक 75,922 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे. यह पहली बार था जब भाजपा ने सीपीआई(एम) को पीछे छोड़ा.
लोकसभा में भी विधानसभा जैसे ही परिणाम देखने को मिले. 2019 में तृणमूल ने बागनान खंड में भाजपा पर 48,294 वोटों की बढ़त बनाई. 2024 में यह बढ़त घटकर 38,473 रह गई, लेकिन पार्टी की स्थिति मज़बूत रही.
2021 के विधानसभा चुनाव में बागनान में कुल 2,32,216 पंजीकृत मतदाता थे. यह संख्या 2019 में 2,31,216 और 2016 में 2,10,509 थी. मुस्लिम मतदाता 28.20%, अनुसूचित जाति (SC) 9.98%, ग्रामीण मतदाता 69.38% और शहरी मतदाता 30.62% थे. यहां मतदान प्रतिशत भी हमेशा ऊंचा रहता है. 2021 में 86.48% वोटिंग दर्ज हुई, जो 2016 के 85.95% से थोड़ा अधिक रही.
बागनान उपजाऊ गंगा के मैदानों में स्थित है. इसके पश्चिम में दामोदर नदी और दक्षिण में रूपनारायण नदी बहती है. यहां की भूमि सपाट और निचली है, जिसे जलोढ़ मिट्टी उपजाऊ बनाती है. धान यहां की प्रमुख फसल है, जबकि सब्ज़ी की खेती भी बड़े पैमाने पर होती है.
यहां की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर आधारित है. रोज़गार के लिए कई लोग हावड़ा और कोलकाता तक आते-जाते हैं.
बागनान रेलवे स्टेशन से हावड़ा और कोलकाता तक दक्षिण-पूर्व रेलवे नेटवर्क के जरिए सीधी कनेक्टिविटी है. कोलकाता (55 किमी) और हावड़ा (35 किमी) से दूरी इसे शहरी क्षेत्रों से जोड़ती है. यहां से उलूबेरिया (20 किमी), देउलटी (10 किमी), बागनान II (5 किमी) दूर है. साथ ही रूपनारायण नदी पार करने पर पूर्व मेदिनीपुर जिला लगता है.
हाल के रुझानों को देखते हुए, तृणमूल कांग्रेस 2026 के विधानसभा चुनाव में बागनान सीट पर मजबूत स्थिति में दिख रही है. भाजपा का उभार निश्चित रूप से उल्लेखनीय है, लेकिन जब तक पार्टी अल्पसंख्यक और ग्रामीण वोट बैंक में गहरी पैठ नहीं बनाती, तब तक तृणमूल की बढ़त को चुनौती देना कठिन होगा. वामदल और कांग्रेस, भले ही गठबंधन में हों, लेकिन पिछले एक दशक से उनका आधार बुरी तरह खिसक चुका है.
(अजय झा)
Anupam Mallik
BJP
Sk Bosir Ahmed
CPI(M)
Nota
NOTA
Sanjit Patra
IND
Pampa Sarkar Bera
SUCI
Subhasish Adhikary
IND
Ramesh Khanra
IND
अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी के एजेंट्स के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया कि बीजेपी ने रामपुर और संभल में अपने एजेंट भेजे हैं, लेकिन इन एजेंट्स से कुछ भी हासिल नहीं होगा.
ग्यारह घंटे बाद पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान का रण शुरु हो जाएगा. 142 सीटों पर वोटिंग होगी. इसी से जुड़ी कई खबरों पर हम खबरदार करेंगे. बताएंगे कि क्या प्रधानमंत्री मोदी का गोल बंगाल में होगा और क्या सियासी भूगोल बदलेगा? इसी चुनाव में वोटिंग से पहले चर्चा यूपी के सिंघम और बंगाल के पुष्पा की हो रही है. जहां एक अधिकारी हैं जो कहते हैं कायदे में रहो. और दूसरे प्रत्याशी हैं जो कहते हैं झुकुगंगा नहीं. तीसरी खबर एम यानी महिला वोटर के शक्ति परीक्षण की है. जो आज यूपी में बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों तरफ से किया गया है.
बंगाल चुनाव के बीच यूपी के IPS अफसर अजय पाल शर्मा का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को चेतावनी दे रहे हैं. अब सवाल ये पूछा जा रहा है कि एक पुलिस ऑब्जर्वर की जरूरत क्या होती है, वो क्या करते हैं, क्या वो किसी जगह जाकर वोटर के बीच में चेतावनी दे सकते हैं? आजतक से बातचीत में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने इस सभी सवालों का जवाब दिया. देखें वीडियो.
पश्चिम बंगाल में कल दूसरे चरण की वोटिंग होनी है. मतदान की बात करें तो पहले चरण में 93.19% वोटिंग हुई थी. ऐसे में राजनीतिक दलों में इसे लेकर भी भारी उठा-पटक देखने को मिल रही है.
पश्चिम बंगाल के फाल्टा में एक महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि 27 अप्रैल की रात आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा और केंद्रीय बलों के जवानों ने घर में जबरन घुसकर महिलाओं से मारपीट और छेड़छाड़ की. शिकायत में भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने और धमकी देने का भी आरोप है. पीड़िता ने निष्पक्ष जांच, प्राथमिकी दर्ज करने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है. मामला चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है.
फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि पुलिस पर्यवेक्षक ने पार्टी कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा कर्मियों को धमकाया और बाद में उनके घर जाकर परिवार को डराने की कोशिश की. जहांगीर खान ने इसे चुनाव आयोग के नियमों के खिलाफ बताया और आरोप लगाया कि भाजपा की मदद के लिए गैरकानूनी तरीके अपनाए जा रहे हैं. इस बयान से क्षेत्र का चुनावी माहौल और तनावपूर्ण हो गया है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने वोटर्स को निडर होकर वोट डालने और लोकतंत्र के इस महापर्व में शामिल होने का भरोसा दिया है.
पश्चिम बंगाल के फाल्टा में दूसरे चरण के मतदान से पहले राजनीतिक विवाद तेज हो गया. निर्वाचन आयोग के पर्यवेक्षक और उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अजय पाल शर्मा के दौरे पर तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने विरोध जताया. आयोग को मतदाताओं को धमकाने और पहचान पत्र जमा कराने की शिकायत मिली थी. तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान ने कहा, 'अगर वह सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूं.' वहीं तृणमूल नेताओं ने शर्मा पर अधिकार सीमा लांघने का आरोप लगाया, जिससे चुनावी माहौल और गरमा गया.
West Bengal Elections: भवानीपुर सीट पर मतदान से पहले सियासी घमासान तेज हो गया है. BJP नेता शुभेंदु अधिकारी ने TMC पर फिंगर ग्लव्स के जरिए वोटिंग में धांधली की कोशिश का आरोप लगाते हुए FIR की मांग की है. इन आरोपों के बाद चुनावी माहौल गरमा गया है.
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