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West Bengal Election Result 2026 Live: बागनान विधानसभा सीट पर AITC ने दोबारा चखा जीत का स्वाद
West Bengal Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
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पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में स्थित बागनान विधानसभा क्षेत्र एक जेनरेल सीट है. यह उलबेरिया लोकसभा सीट के सात खंडों में से एक है. इसमें बागनान नगर (ब्लॉक स्तर), पूरा बागनान II ब्लॉक और बागनान I ब्लॉक की छह ग्राम पंचायतें शामिल हैं. 1951 में पहली विधानसभा चुनाव से ही यह सीट बंगाल की राजनीति के नक्शे पर मौजूद रही है.
पिछले 17 विधानसभा चुनावों में बागनान ने राजनीतिक उतार-चढ़ाव का लंबा इतिहास देखा है. शुरुआती दौर में यह सीट कांग्रेस और वाम दलों के बीच झूलती रही, लेकिन समय के साथ सीपीआई(एम) ने मज़बूत पकड़ बनाई. सीपीआई(एम) ने इस सीट से कुल 9 बार जीत दर्ज की है, जिसमें एक जीत अविभाजित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के नाम रही. इनमें से सबसे चर्चित चेहरा थीं निर्मला चटर्जी, जिन्होंने सात बार जीत हासिल की.
कांग्रेस ने यहां पांच बार जीत दर्ज की, लेकिन अक्सर कड़ी टक्कर के बाद.
2011 में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की जीत के साथ बागनान ने भी नई राह पकड़ ली. तृणमूल के अरुणावा सेन ने सीपीआई(एम) के अक्कल अली खान को 19,270 वोटों से हराया. 2016 में सेन ने सीपीआई(एम) की मीना मुखर्जी घोष को 30,197 वोटों से हराकर अपनी पकड़ और मज़बूत की. 2021 चुनाव में अरुणावा सेन ने 1,06,042 वोट पाकर जीत दर्ज की. भाजपा के अनुपम मलिक 75,922 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे. यह पहली बार था जब भाजपा ने सीपीआई(एम) को पीछे छोड़ा.
लोकसभा में भी विधानसभा जैसे ही परिणाम देखने को मिले. 2019 में तृणमूल ने बागनान खंड में भाजपा पर 48,294 वोटों की बढ़त बनाई. 2024 में यह बढ़त घटकर 38,473 रह गई, लेकिन पार्टी की स्थिति मज़बूत रही.
2021 के विधानसभा चुनाव में बागनान में कुल 2,32,216 पंजीकृत मतदाता थे. यह संख्या 2019 में 2,31,216 और 2016 में 2,10,509 थी. मुस्लिम मतदाता 28.20%, अनुसूचित जाति (SC) 9.98%, ग्रामीण मतदाता 69.38% और शहरी मतदाता 30.62% थे. यहां मतदान प्रतिशत भी हमेशा ऊंचा रहता है. 2021 में 86.48% वोटिंग दर्ज हुई, जो 2016 के 85.95% से थोड़ा अधिक रही.
बागनान उपजाऊ गंगा के मैदानों में स्थित है. इसके पश्चिम में दामोदर नदी और दक्षिण में रूपनारायण नदी बहती है. यहां की भूमि सपाट और निचली है, जिसे जलोढ़ मिट्टी उपजाऊ बनाती है. धान यहां की प्रमुख फसल है, जबकि सब्ज़ी की खेती भी बड़े पैमाने पर होती है.
यहां की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर आधारित है. रोज़गार के लिए कई लोग हावड़ा और कोलकाता तक आते-जाते हैं.
बागनान रेलवे स्टेशन से हावड़ा और कोलकाता तक दक्षिण-पूर्व रेलवे नेटवर्क के जरिए सीधी कनेक्टिविटी है. कोलकाता (55 किमी) और हावड़ा (35 किमी) से दूरी इसे शहरी क्षेत्रों से जोड़ती है. यहां से उलूबेरिया (20 किमी), देउलटी (10 किमी), बागनान II (5 किमी) दूर है. साथ ही रूपनारायण नदी पार करने पर पूर्व मेदिनीपुर जिला लगता है.
हाल के रुझानों को देखते हुए, तृणमूल कांग्रेस 2026 के विधानसभा चुनाव में बागनान सीट पर मजबूत स्थिति में दिख रही है. भाजपा का उभार निश्चित रूप से उल्लेखनीय है, लेकिन जब तक पार्टी अल्पसंख्यक और ग्रामीण वोट बैंक में गहरी पैठ नहीं बनाती, तब तक तृणमूल की बढ़त को चुनौती देना कठिन होगा. वामदल और कांग्रेस, भले ही गठबंधन में हों, लेकिन पिछले एक दशक से उनका आधार बुरी तरह खिसक चुका है.
(अजय झा)
Anupam Mallik
BJP
Sk Bosir Ahmed
CPI(M)
Nota
NOTA
Sanjit Patra
IND
Pampa Sarkar Bera
SUCI
Subhasish Adhikary
IND
Ramesh Khanra
IND
क्रिकेट के बाद राजनीति में भी अशोक डिंडा का यह प्रदर्शन उनके बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है. उनकी इस जीत ने यह साफ कर दिया है कि मैदान चाहे क्रिकेट का हो या राजनीति का, अशोक डिंडा दोनों जगह अपनी छाप छोड़ने में सक्षम हैं.
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पश्चिम बंगाल की फाल्टा सीट पर मतदान से पहले बड़ा विवाद सामने आया है. निर्वाचन आयोग ने संयुक्त बीडीओ और सहायक रिटर्निंग अधिकारी सौरव हाजरा का तत्काल तबादला कर दिया. यह कदम आईपीएस अजय पाल शर्मा के दौरे, तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान के आरोपों और एक महिला की शिकायत के बाद उठाया गया. महिला ने केंद्रीय बलों पर घर में घुसकर मारपीट, छेड़छाड़ और भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है. मामले ने चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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