असम सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजना ‘ओरुनोदोई’ के तहत मंगलवार को राज्य के करीब 40 लाख परिवारों को 9,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी गई. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह किसी भी तरह की चुनावी फ्रीबी नहीं है, बल्कि महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार की संवेदनशील पहल है.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने योजना के तहत 40 लाख महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से करीब 3,600 करोड़ रुपये की राशि जारी की. यह राशि चार महीनों की सहायता और अतिरिक्त बिहू बोनस को मिलाकर दी गई है.
40 लाख महिला-प्रधान परिवारों को 1,250 रुपये
सरमा ने कहा कि ‘ओरुनोदोई’ योजना देश की शुरुआती प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजनाओं में से एक है, जिसके तहत वर्ष 2020 से पात्र परिवारों की महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है. इस योजना के तहत हर महीने लगभग 40 लाख महिला-प्रधान परिवारों को 1,250 रुपये दिए जाते हैं ताकि वो अपने बुनियादी खर्चों को पूरा कर सकें.
मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया से इस योजना के भुगतान पर कोई असर न पड़े, इसलिए जनवरी से अप्रैल तक के चार महीनों की राशि एक साथ दी गई है. इसके साथ ही बोहाग बिहू पर्व के अवसर पर अतिरिक्त 4,000 रुपये का बोनस भी दिया गया है, जिससे कुल राशि 9,000 रुपये हो गई.
महिलाओं के खातों में 3,600 करोड़ रुपये ट्रांसफर
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना सार्वभौमिक नहीं है और केवल उन महिलाओं के लिए है जो तय मानदंडों को पूरा करती हैं. इसलिए इसे चुनाव से जोड़कर देखना सही नहीं है. सरमा ने कहा कि अगर यह चुनाव से जुड़ी योजना होती तो इसका लाभ सभी को दिया जाता.
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस योजना के सकारात्मक परिणाम जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से लाखों लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं और अन्य सरकारी योजनाओं के साथ मिलकर यह सामाजिक सुरक्षा का मजबूत जाल तैयार कर रही है.
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार राज्य भर में 3,800 से अधिक स्थानों पर पंचायतों, स्वायत्त परिषद क्षेत्रों और शहरी वार्ड समितियों के माध्यम से कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां लाभार्थी महिलाएं वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़ीं.