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शाह बोले- असम में कांग्रेस ने अंग्रेजों की तर्ज पर किया शासन, फूट डालो और राज करो

असम में इसी साल विधानसभा का चुनाव है. इस वजह से राज्य में नेताओं की आवाजाही बढ़ गई है. शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी असम के दौरे पर थे. यहां पर पीएम मोदी ने 1.06 लाख भूमिहीन लोगों को जमीन का पट्टा दिया था.

अमित शाह ने असम में कांग्रेस पर साधा निशाना अमित शाह ने असम में कांग्रेस पर साधा निशाना
स्टोरी हाइलाइट्स
  • असम में कांग्रेस पर बरसे अमित शाह
  • असम में इसी साल है विधानसभा चुनाव
  • शनिवार को पीएम मोदी भी गए थे असम

गृह मंत्री अमित शाह असम पहुंचे हैं. उन्होंने रविवार को कोकराझार और नलबाड़ी में जनसभाओं को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि मैंने अपने जीवन में तमाम रैलियों को संबोधित किया है, लेकिन इस रैली को संबोधित करते हुए मेरे मन को अपार शांति हो रही है.

अमित शाह ने नलबाड़ी में विजय संकल्प समरोह को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि असम में कांग्रेस और बदरुद्दीन अजमल घुसपैठियों के लिए सारे दरवाजे खोल देंगे, क्योंकि ये उनका वोटबैंक है. जो वर्षों तक यहां शासन में रहे हैं, मैं उनको पूछना चाहता हूं कि आपने असम की संस्कृति के लिए क्या किया? वोट बंटोरने के अलावा इन लोगों ने कुछ नहीं किया. असम में NDA सरकार ने श्रीमान शंकरदेव को चिर स्मरणीय बनाने के लिए कदम उठाया है. घुसपैठ को भाजपा की सरकार ही रोक सकती है.

अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस कई बार बीजेपी पर साम्प्रदायिक होने का आरोप लगाती है, वहीं कांग्रेस केरल में मुस्लिम लीग के साथ है और असम में बदरुद्दीन अजमल के साथ गठबंधन किया है. कांग्रेस असम को किस दिशा में ले जाएगी? कांग्रेस अंग्रेजों की नीति पर चलती रही. फूट डालो और राज करो. कभी असमी-गैरअसमी, अभी आदिवासी-गैर आदिवासी, कभी बोडो-गैरबोडो. यहां लोगों को लड़ाते-लड़ाते वर्षों तक असम को रक्त रंजित किया. 10 हजार से ज्यादा युवाओं का खून बहा.

कोकराझार में क्या बोले 

इससे पहले कोकराझार में अमित शाह ने असम की जनता से कहा कि सेमीफाइनल की तरह ही फाइनल मैच भी जीतना है. बीटीआर एकॉर्ड की पहली वर्षगांठ पर  अमित शाह ने कहा कि इस संधि के सभी नियमों का पालन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि असम की भाषा और संस्कृति की रक्षा बीजेपी करेगी.

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधाते हुए कहा कि जो कांग्रेस पार्टी अपने कार्यकाल में शांति, विकास नहीं ला सकी, वो आज हमें सलाह दे रहे हैं. इसने वर्षों तक असम रक्त-रंजित रहा, बोडो क्षेत्र रक्त-रंजित रहा, क्या किया आपने? जो भी किया भाजपा सरकार ने किया. शाह ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त, घुसपैठिये मुक्त, आतंकवाद से मुक्त और प्रदूषण से मुक्त असम अगर बनाना है तो मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा ही बना सकती है. आने वाले चुनाव में पूर्ण बहुमत के साथ असम में NDA की सरकार बनाइए और बोडो लैंड के विकास को सुनिश्चित करिए. इसके साथ ही अमित शाह ने अपने संबोधन को विराम दिया.

इससे पहले शाह ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि , 'आज से ठीक एक साल पहले देश के प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में बोडो शांति समझौता हुआ और बोडो शांति समझौते के साथ प्रधानमंत्री जी ने संदेश दिया कि उत्तर पूर्व में जहां-जहां अशांति है, वहां बातचीत कीजिए और शांति का मार्ग प्रशस्त कीजिए.' शाह ने आगे कहा कि 'वर्षों से चली आई समस्या ने 5000 से ज्यादा लोगों की जान ली, वो मोदी जी के दृढ़ निश्चय, मार्गदर्शन और हमारे प्रमोद जी के इनिशिएटिव के कारण आज ये समस्या शांत हो गई है और आने वाले अनेक वर्षों तक हमारा बोडो क्षेत्र विकास के रास्ते पर आगे चल पड़ेगा.'

बता दें कि बोडोलैंड टेरिटोरियल रिजन (बीटीआर) एकॉर्ड बीते साल 27 जनवरी को  केंद्र सरकार, असम राज्य सरकार और बोडो स्टेकहोल्डर्स के बीच हुई थी. बता दें कि हाल ही में बीजेपी, यूपीपी और जीएसपी ने बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल का गठन किया है.  इससे पहले बीते साल 26 दिसंबर को भी अमित शाह असम के गुवाहाटी पहुंचे थे.

बता दें कि असम में इसी साल विधानसभा का चुनाव है. इस वजह से राज्य में नेताओं की आवाजाही बढ़ गई है. शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी असम के दौरे पर थे. यहां पर पीएम मोदी ने 1.06 लाख भूमिहीन लोगों को जमीन का पट्टा दिया था. अमित शाह कोकराझार में पहले बोडोलैंड टेरिटोरियल रिजन समझौते के जश्न में शामिल होंगे. इसके बाद अमित शाह नलबारी जिले में विजय संकल्प समारोह में शामिल होंगे. 

गौरतलब  है कि अमित शाह शनिवार को ही असम पहुंच गए थे. शनिवार को असम में अमित शाह ने आयुष्मान सीएपीएफ' योजना की शुरुआत की थी. इस योजना के तहत भारत के सभी सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों को केन्द्रीय स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल सकेगा. 

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अमित शाह ने शनिवार को कहा था कि सरकार सुरक्षाबलों के Housing Satisfaction Ratio के लिए बहुत बड़ा अभियान चला रही है. उन्होंने कहा कि 2022 तक जब आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होंगे तब संतुष्टि के अनुपात को हम 55% और 2024 तक इसको 65% तक ले जाएंगे. उन्होंने कहा था कि हर जवान कम से कम साल में 100 दिन अपने परिवार के साथ रह सकें, हम इसके लिए भी प्रयासरत हैं. 

गृह मंत्री ने कहा कि जब वे CAPF के जवानों से मिले तो उनकी कुछ चिंताओं से अवगत हुए. उन्होंने कहा कि, "मैं मानता हूं कि जो जवान हमारी मातृभूमि के लिए लड़ रहे हैं, वह अपने घर-परिवार को लेकर चिंतित ना हों. उनके परिजनों की चिंता करना हमारा काम है. मोदी जी के नेतृत्व में हम सुरक्षाबलों के कल्याण के प्रति कटिबद्ध हैं." 
 

 

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