हरियाणा सेंट्रेल यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के अनुसार आज के वैश्वीकरण के दौर में वर्कप्लेस सिर्फ जीविका का साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है. लोग अपने दिन का बड़ा हिस्सा दफ्तर में बिताते हैं, जहां उनकी पहचान, आत्मसम्मान और सामाजिक संबंध विकसित होते हैं. ऐसे में कार्यस्थल का माहौल सीधे तौर पर कर्मचारियों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है.
कैसे मेंटल हेल्थ पर असर डालता है वर्कप्लेस
रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि कार्यस्थल का वातावरण सहयोगी, पारदर्शी और संतुलित हो तो कर्मचारियों की क्षमता और रचनात्मकता में वृद्धि होती है. इससे कर्मचारियों में आत्मविश्वास और संस्थान के प्रति प्रतिबद्धता भी मजबूत होती है. इसके विपरीत तनावपूर्ण और असंवेदनशील कार्य वातावरण कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवार और समाज पर भी नकारात्मक असर डालता है.
स्टडी में बताया गया है कि अत्यधिक कार्यभार, अस्पष्ट जिम्मेदारियां और नौकरी की असुरक्षा जैसे कारक कर्मचारियों में मानसिक तनाव पैदा करते हैं. लगातार दबाव की स्थिति आगे चलकर चिंता, अवसाद, अनिद्रा और बर्नआउट का कारण बन सकती है. इससे कर्मचारियों की कार्यक्षमता और प्रेरणा दोनों प्रभावित होती हैं.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अस्वस्थ कार्य संस्कृति शारीरिक समस्याओं को भी जन्म देती है. लंबे समय तक बैठकर काम करना, डिजिटल उपकरणों का अत्यधिक उपयोग, अनियमित खान-पान और पर्याप्त आराम की कमी से हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह और हृदय रोग जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.
इसके अलावा काम और निजी जीवन के बीच संतुलन की कमी भी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है. रिपोर्ट के अनुसार जब कर्मचारी पेशेवर जिम्मेदारियों में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि परिवार और व्यक्तिगत जीवन के लिए समय नहीं बचता, तो इससे सामाजिक संबंध कमजोर पड़ने लगते हैं और जीवन की गुणवत्ता प्रभावित होती है.
हरियाणा सेंट्रेल यूनिवर्सिटी होगी ग्लोबल समिट
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि संस्थानों को स्वस्थ कार्य वातावरण विकसित करने, कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने और कार्य-जीवन संतुलन को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी नीतियां अपनानी चाहिए. मनोविज्ञान विभाग की प्रो. पायल कंवर चंदेल के अनुसार स्वस्थ कार्यस्थल न केवल कर्मचारियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाता है, बल्कि संगठन और समाज की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.