कर्मचारी चयन आयोग यानी एसएसएसी में पिछले कई साल से सामने आ रहे पेपरलीक मामलों को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका लगाई गई है. एसएससी के लिए परीक्षा देने वाले छात्रों की तरफ से यह याचिका लगाई गई है.
हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए सीबीआई, केंद्र सरकार और एसएससी को नोटिस जारी कर दिया है. याचिका में मांग की गई है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए या फिर सीबीआई इस मामले की निष्पक्ष जांच करें. या फिर किसी रिटायर्ड जज की कमेटी से इस बात की जांच करवाई जाए कि एसएससी के पेपर साल दर साल क्यों लीक हो रहे हैं.
हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, एसएससी, सीबीआई और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर 24 जुलाई से पहले जवाब मांगा है. हाईकोर्ट में यह याचिका 44 छात्रों की तरफ से दायर की गई है. कोर्ट ने छात्रों की तरफ से लगाई गई याचिका पर गंभीर रुख अपनाया है.
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि पेपरलीक की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित तो होना ही चाहिए क्योंकि जब कभी पेपरलीक होता है तो एफआईआर दर्ज कर ली जाती है. आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाती है, लेकिन फिर भी अगली बार पेपर लीक हो जाता है.
जांच एजेंसियां पेपरलीक कराने के गिरोह को पूरी तरह से खत्म करने में अबतक नाकाम रही है.