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कोरोना का कहर, तेलंगाना के स्कूल में 42 छात्र पॉजिटिव, Omicron वैरिएंट की जांच के लिए भेजे गए सैंपल

Telangana Students found Covid 19 Positive: स्कूल के 291 स्टूडेंट्स और 27 स्कूल स्टाफ सहित टीचर्स पर कोविड टेस्टिंग की गई थी. स्कूल में कुल 491 स्टूडेंट्स पढ़ते हैं. इकट्ठा किए गए सैंपल्स को हैदराबाद में जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा गया है

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • तेलंगाना के संगारेड्डी जिले का मामला
  • हॉस्टल में क्वारंटाइन किए गए स्टूडेंट्स

Coronavirus Latest Updates: देशभर में स्कूलों को फिर से खोल दिया गया है. स्टूडेंट्स को कोविड प्रोटोकॉल्स का पालन करने के पूरे निर्देश दिए गए हैं, लेकिन तमाम तरह की पाबंदियों के बाद भी छात्र-छात्राओं का कोविड पॉजिटिव आना नहीं रुक रहा है. तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के पाटनचेरु मंडल के तहत मुथंगी के गुरुकुल स्कूल में 42 स्टूडेंट्स और एक टीचर कोरोना पॉजिटिव पाए गए. वहीं, ओमिक्रॉन वैरिएंट्स के दुनिया में बढ़ते कहर के बीच स्टूडेंट्स के सैंपल्स को जांच के लिए भेज दिया गया है.

स्कूल के 291 स्टूडेंट्स और 27 स्कूल स्टाफ सहित टीचर्स पर कोविड टेस्टिंग की गई थी. स्कूल में कुल 491 स्टूडेंट्स पढ़ते हैं. इकट्ठा किए गए सैंपल्स को हैदराबाद में जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा गया है. वहीं, स्टूडेंट्स को हॉस्टल में क्वारंटाइन कर दिया गया है. ताकि अन्य स्टूडेंट्स या स्कूल के स्टाफ तक कोरोना का प्रकोप न फैले.

तेलंगाना में पिछले दस दिनों में यह तीसरा ऐसा मामला है, जब राज्य में एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन में स्टूडेंट्स कोविड पॉजिटिव पाए गए हों. पिछले हफ्ते महिंद्रा यूनिवर्सिटी में 25 स्टूडेंट्स और पांच स्टाफ मेंबर्स के पॉजिटिव पाए जाने के बाद बंद करना पड़ा था. इससे पहले, सरकारी स्कूल के 29 स्टूडेंट्स कोरोना वायरस से संक्रमित मिले थे. तेलंगाना में सरकार ने एक सितंबर से स्कूलों को खोलने की अनुमति दी थी. इसके अलावा, देश के कई अन्य राज्यों में भी एक सितंबर से ही स्कूल-कॉलेज दोबारा खोले गए हैं.

ओमिक्रॉन वैरिएंट के मिलने से दुनिया में हड़कंप

कोरोना महामारी की शुरुआत हुए डेढ़ साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन बीच-बीच कोरोना का प्रकोप बढ़ता रहता है. दुनिया के सामने हाल ही में B.1.1.529 वैरिएंट सामने आया है, जिससे हड़कंप मच गया है. एक्सपर्ट्स का दावा है कि ओमिक्रॉन डेल्टा वैरिएंट के मुकाबले काफी अधिक घातक है. वहीं, WHO ने भी इसे 'वैरिएंट ऑफ कंसर्न' घोषित किया हुआ है.

केंद्र सरकारओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर सतर्कता बरत रही है. शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक की थी. रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को चिट्ठी लिखकर सावधानी बरतने की सलाह दी. 

 

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