सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) के ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (AIPMT) में ड्रेस कोड लागू होने से मुस्लिम लड़कियां परेशान हैं. उनकी यह परेशानी स्कार्फ पर पाबंदी लगाने से पैदा हुई है.
मुस्लिम लड़कियों का कहना है कि वे रोजाना स्कार्फ ओढ़ती हैं, अगर वो ऐसा नहीं करेंगी तो उन्हें अटपटा लगेगा. ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस-ए-मुशवरत के जनरल सेक्रेटरी मासूम मुरादाबादी ने को ड्रेस कोड के बारे में दोबारा से विचार करने को कहा है. उन्होंने आगे कहा कि यह धार्मिक और बुनियादी अधिकारों का हनन है.
आपको बता दें कि की परीक्षा दोबारा सीबीएसई 25 जुलाई को आयोजित करेगी. पेपर लीक होने के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई थी. किसी भी तरह के नकल को रोकने के लिए सीबीएसई ने ड्रेस कोड लागू किया है, जिसके अनुसार जूते पहनने, स्कार्फ ओढ़ने और फूल स्लीव के कपड़े पहनने पर पाबंदी लगा दी गई है.