नाम या डेट ऑफ बर्थ में बदलाव के नियमों को कड़ा करते हुए ने एक परिपत्र जारी किया है. सीबीएसई ने कहा है कि नाम या डेट ऑफ बर्थ में बदलाव परिणामों के प्रकाशन से पहले अदालत का आदेश पेश करने और सरकारी गजट में बदलाव अधिसूचित होने के बाद ही किया जा सकेगा.
आपको बता दें कि अभी तक समाचारपत्रों में विज्ञापन देने के बाद हलफनामा दाखिल कर नाम, उपनाम या डेट ऑफ बर्थ में बदलाव किया जा सकता था.
मानव संसाधन मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि सैंकड़ों और इस संबंध में की गई अपीलों की वैरिफिकेशन पर अच्छे से विचार करने के बाद यह ताजा फैसला लिया गया है.
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस वर्ष फरवरी में एक परिपत्र जारी कर यह भी कहा है कि योग्यता हासिल करने संबंधी प्रमाणपत्र के जारी होने की तारीख के एक साल बाद डेट ऑफ बर्थ में कोई सुधार नहीं किया जाएगा.
इतना ही नहीं, डेट ऑफ बर्थ में सुधार संबंधी सभी आवेदन अध्यक्ष के पास जमा कराने होंगे.
परिपत्र में यह भी कहा गया है कि नाम या कुलनाम में बदलाव संबंधी आवेदन को मंजूर किया जा सकता है बशर्ते अदालत ने बदलाव को मंजूरी दे दी हो और उम्मीदवारों के परिणामों के प्रकाशन से पूर्व सरकारी गजट में यह अधिसूचित हो चुका हो.
-इनपुट भाषा