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अब नहीं रहेगा कनफ्यूजन, CBSE- NCERT देंगे बच्चों को करियर की सलाह

अक्सर 12वीं पास करके भी बच्चों को ये पता नहीं होता कि उन्हें आगे करियर किस दिशा में बनाना है. न उन्हें इसके विकल्प पता होते हैं. अगर विकल्प भी पता हों तो अपने लिए सही और सटीक राह नहीं चुन पाते.

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प्रतीकात्मक फोटो
प्रतीकात्मक फोटो

अक्सर 12वीं पास करके भी बच्चों को ये पता नहीं होता कि उन्हें आगे करियर किस दिशा में बनाना है. न उन्हें इसके विकल्प पता होते हैं. अगर विकल्प भी पता हों तो अपने लिए सही और सटीक राह नहीं चुन पाते.

स्टूडेंट की इसी समस्या को देखते हुए CBSE और NCERT ने छात्रों की प्रतिभा और योग्यता के हिसाब से उनको करियर के सुझाव देने की पहल की है. इसे देखते हुए नौवीं और दसवीं क्लास के छात्रों के लिए 'तमन्ना' के नाम का एक ऐप्टिट्यूड टेस्ट डिजाइन किया गया है. बता दें कि निजी संस्थानों द्वारा ही इस तरह के ऐप्टिट्यूड टेस्ट लिए जाते हैं, जिसके जरिये छात्रों से चार्ज लिया जाता है. लेकिन सरकारी स्कूल में ये इसे वहन कर पाना आसान नहीं है.

अब सीबीएसई और एनसीईआरटी की इस पहल से सरकारी स्कूलों के शिक्षक और अभिभावक इसका आसानी से इस्तेमाल करके बच्चों को मोटीवेट भी कर सकते हैं.

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सीबीएसई से मिली सूचना के मुताबिक ऐप्टिट्यूड टेस्ट से ये जान पाना आसान होगा कि छात्र पढ़ाई की किस स्टेज पर कैसा परफार्म कर रहा है. आगे वो किस स्किल को अपना सकता है या किस फील्ड में करियर बना सकता है.

'तमन्ना' के लिए एक खास पोर्टल बनाया गया है जिस पर तमन्ना पहल से जुड़ी सारी जानकारियां दी गई हैं. इस टेस्ट में सात ऐप्टिट्यूड का मूल्यांकन किया जाएगा जो लैंग्वेज ऐप्टिट्यूड, आब्सट्रैक्ट रीजनिंग, वर्बल रीजनिंग, मकैनिकल रीजनिंग, न्यूमेरिकल ऐप्टिट्यूड, स्पैटल ऐप्टिट्यूड और परसेप्चुअल ऐप्टिट्यूड हैं.

सीबीएसई ने कहा है कि इन 7 ऐप्टिट्यूड में हाई स्कोर करना संभव नहीं है. फिर भी माना छात्र का किसी ऐप्टिट्यूड में स्कोर कम होगा तो वो आगे पढ़ाई करके इसे मजबूत कर सकता है. अगर उसने बिना जाने अपना करियर डिसाइड किया है तो भी उसका मूल्यांकन करके उसे दूसरे करियर के लिए मोटीवेट किया जा सकेगा. इसके अलावा छात्रों को प्लानिंग सेशन के जरिये भी तैयार किया जाएगा.

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