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UPSC में एक चूक भारी, जानें- IAS बने इस शख्स की जुबानी

UPSC में एक चूक भारी, जानें- IAS बने इस शख्स की जुबानी
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कहते हैं इंसान गलतियों का पुतला होता है, लेकिन कई बार गलतियां आपको पीछे भी ले जाती हैं. UPSC परीक्षा में तीसरे अटेंप्ट में सफल होने वाले आईएएस अनुज प्रताप सिंह की कहानी इसी की नजीर है. आइए जानें, कैसे एक गलती से सीखकर पाई बड़ी सफलता.
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एक इंटरव्यू में अनुज ने बताया कि इंसान से मौके और मुसीबत उससे कभी भी टकरा सकते हैं. समय कभी भी स्थिर नहीं रहता, इंसान अपनी राह में चलता है लेकिन दोनों ही उसके इंतजार में खड़े होते हैं. सबसे पहले जानिए कौन हैं अनुज प्रताप सिंह, और कब हासिल की सफलता.
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फिर अगले साल वर्ष 2017 में दोबारा परीक्षा दी तो इंटरव्यू के दस दिन पहले ही उनका आवेदन निरस्त हो गया. इसके पीछे उनकी एक गलती थी, वो ये कि उन्होंने सही डेट ऑफ बर्थ नहीं भरी थी. अनुज के लिए ये किसी सपने के टूटने जैसा था. इस एक गलती उन्हें तमाम परेशानियों में डाल दिया. वो इससे तनाव में चले गए थे.
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अनुज ने तनाव और मुसीबतों के उस दौर में कोर्ट में भी अपील की. लेकिन इस दौरान उन्होंने परीक्षा की तैयारी नहीं छोड़ी. एक बार उनका केस भी कोर्ट में खारिज हो गया था. फिर भी अनुज ने आस नहीं छोड़ी, वो इसके लिए हाईकोर्ट तक गए. लंबी लड़ाई के बाद उन्हें इंसाफ मिला, वो केस जीत गए लेकिन काफी देर हो चुकी थी.
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इसलिए एक बार वो फिर तैयारी में जुट गए और तीसरी बार पेपर दे दिया. ये साल 2018 का मौका था, जब वो परीक्षा की पूरी तैयारी कर चुके थे. लेकिन, हालात तब भी इतने अच्छे नहीं थे. परीक्षा के दौरान उन्हें 101 डिग्री बुखार था.
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अनुज के भाई ने यहां तक कहा कि जब स्वास्थ्य अच्छा नहीं है और तैयारी भी नहीं है तो परीक्षा देने से क्या होगा. लेकिन अनुज ने तय कर लिया था कि वो हरहाल में तब तक पीछे नहीं हटेंगे. फिर साल 2019 में आखिरकार उन्हें सफलता मिल ही गई.
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