साल 1316 में आज ही के दिन खिलजी वंश के शासक सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी का निधन हो गया था. अलाउद्दीन खिलजी दिल्ली सल्तनत के खिलजी वंश का दूसरा शासक था और उसने अपना शासन दक्षिण भारत के मदुरै तक फैला दिया था. कहा जाता है कि उसके बाद कोई भी शासक इतना साम्राज्य स्थापित नहीं कर पाया था.
अलाउद्दीन खिलजी, खिलजी वंश के संस्थापक जलालुद्दीन खिलजी का भतीजा और दामाद था. अलाउद्दीन खिलजी ने राज्य को पाने की चाह में साल 1296 में अपने चाचा जलालुद्दीन की हत्या कर दी थी और दिल्ली में स्थित बलबन के लाल महल में अपना राज्याभिषेक सम्पन्न करवाया. (फोटो- फिल्म पद्मावती ट्रेलर)
मदुरै तक अपने साम्राज्य को बढ़ाने वाले खिलजी का नाम राजस्थान के इतिहास में भी दर्ज है और संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' भी खिलजी और राजस्थान के संबंध पर आधारित है. कई इतिहासकारों के अनुसार खिलजी ने अपने प्यार की वजह से राजस्थान के चितौड़ पर भी हमला कर दिया था. (फोटो- फिल्म पद्मावती ट्रेलर)
सिंहल द्वीप के राजा गंधर्व सेन और रानी चंपावती की बेटी और राजा रतनसिंह की पत्नी पद्मिनी की खूबसूरती पर मोहित होकर खिलजी ने खिलजी ने चितौड़ पर हमला किया था. हालांकि कई इतिहासकार इसकी अलग वजह बताते हैं. (फोटो- फिल्म पद्मावती ट्रेलर)
खिलजी को लेकर कई किताबों में दावा है कि उसके हरम में कई पुरुष थे. इतिहासकारों की मानें तो अलाउद्दीन के बारे कहा जाता है कि उसके हरम में करीब 70 हजार आदमी, औरतें और बच्चे शामिल थे. औरतों के सार्वजनिक नाच पर रोक थी जिसके चलते नौजवान लड़कों को औरतों के लिबास पहनाकर नचाया जाता था. (फोटो- फिल्म पद्मावती ट्रेलर)
अलाउद्दीन की हरम में मौजूद मलिक काफूर पर नजर पड़ी थी और उसे गुजरात की जीत के बाद अलाउद्दीन ने 1000 दीनार देकर खरीदा था. तारीख-ए-फिरोजशाही जैसी किताबों में कफूर के साथ अलाउद्दीन के संबंधों का जिक्र किया गया है. दावों की मानें तो अलाउद्दीन कफूर की खूबसूरती का दीवाना था. (फोटो- फिल्म पद्मावती ट्रेलर)
इतिहास में अलाउद्दीन खिलजी के बारे में इस बात का भी जिक्र है कि नौजवान और बिना दाढ़ी वाले पुरुष उसकी कमजोरी माने जाते थे. (फोटो- फिल्म पद्मावती ट्रेलर)
कुछ किताबों में यह भी जिक्र है कि कफूर ने खिलजी के मौत की साजिश भी रची. कहा जाता है कि अपने आखिरी दिनों में जब खिलीजी तबियत बिगड़ने लगी थी तब नए सुल्तान को बेटों में से चुने जाने के लिए अलाउद्दीन ने कफूर को कहा. (फोटो- फिल्म पद्मावती ट्रेलर)
कफूर ने खिलजी ने 6 साल के बेटे सिहाबुद्दीन का नाम सुझाया ताकि कफूर सारी ताकतें अपने पास रख सके. कफूर की नजर दिल्ली के सुल्तान के तख्त पर थी लेकिन ये संभव हो पाया. (फोटो- फिल्म पद्मावती ट्रेलर)