पंडित बीराजदार ने Times of India को बताया कि मैंने अपने पूरे जीवन में संस्कृत को बढ़ावा दिया है और इसे विभिन्न स्थानों में पढ़ाया है. इसमें बीएचयू भी शामिल है जहां मैंने कई व्याख्यान दिए हैं. मुझे किसी ने कभी नहीं बताया कि मुसलमानों को यह नहीं सिखाना चाहिए, इसके विपरीत, संस्कृत के बड़े विद्वान मेरी प्रशंसा करते हैं और प्राचीन भाषा के प्रति मेरे प्यार की सराहना करते हैं.
फाइल फोटो: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय