scorecardresearch
 
Advertisement
एजुकेशन

Microsoft की नौकरी छोड़ बेचने लगा चश्मा, आज है अरबों का मालिक

Microsoft की नौकरी छोड़ बेचने लगा चश्मा, आज है अरबों का मालिक
  • 1/10
इकोनोमिस्ट रिचर्ड कैनटिलॉन ने एंटरप्रेन्योर को परिभाष‍ित करते हुए कहा था कि वही व्यक्त‍ि एंटरप्रेन्योर है जो रिस्क उठा सकता है. यानी 'bearer of risk'. लेंसकार्ट के सीईओ पीयूष बंसल इसके लिए आदर्श उदाहरण हैं. पीयूष बंसल ने एक ऐसे क्षेत्र में बिजनेस शुरू किया, जिसे आजमाया नहीं गया गया था. लेकिन पीयूष ने बिजनेस शुरू करने से पहले ही जोख‍िम के सभी पहलुओं पर नजर रखी और सारा कैलकुलेशन किया. यही वजह है कि उनका प्रयास सफल हुआ और IIM Bangalore से पढ़ाई करने वाले पीयूष ने ऑनलाइन चश्मा बेचने का काम शुरू कर दिया.
Microsoft की नौकरी छोड़ बेचने लगा चश्मा, आज है अरबों का मालिक
  • 2/10
साल 2010 में Lenskart की शुरुआत की गई. लेंसकार्ट हर महीने करीब 1,50,000 चश्मा बेचता है. साल 2015 के आंकड़ों के अनुसार पीयूष की लेंसकार्ट का नेट वर्थ 1000 करोड़ डॉलर है. लेकिन पीयूष के दिमाग में लेंसकार्ट का आइडिया कहां से आया. देश के सबसे सफल स्टार्टअप कारोबारियों में शुमार पीयूष की सफलता की कहानी से आप भी बहुत कुछ सीख सकते हैं.

Microsoft की नौकरी छोड़ बेचने लगा चश्मा, आज है अरबों का मालिक
  • 3/10
पीयूष के पिता चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं. वो चाहते थे कि उनका बेटा भी खूब पढ़े और अच्छी जगह नौकरी करे. पीयूष ने पिता का कहा मानकर कनाडा से इंजीनियरिंग की डिग्री ली और USA में ही माइक्रोसॉफ्ट ज्वॉइन कर लिया. हालांकि, पीयूष की यहां सैलरी बहुत अच्छी थी, पर वो खुश नहीं थे. साल 2007 में उन्होंने वापस भारत आने का फैसला कर लिया, जिससे उनके पिता खासा नाराज हुए थे.

Advertisement
Microsoft की नौकरी छोड़ बेचने लगा चश्मा, आज है अरबों का मालिक
  • 4/10
भारत पहुंचते ही पीयूष अपना कारोबार शुरू करने में लग गए. हालांकि उनके पिता अब भी यही चाहते थे कि वो नौकरी करें. पर पीयूष के ऊपर बिजनेस का फितूर सवार था. ई-कॉमर्स भारत में नया कॉन्सेप्ट था. पीयूष को भी इस क्षेत्र में कुछ करना था, इसलिए उन्होंने क्लासिफाइड वेबसाइट सर्च मार्य कैंपस डॉट कॉम की शुरुआत की.यह वेबसाइट दरअसल, छात्रों के लिए थी. यहां छात्र हॉस्टल से लेकर किताबों, कारपुल, पार्ट टाइम जॉब तक देख सकते थे.

Microsoft की नौकरी छोड़ बेचने लगा चश्मा, आज है अरबों का मालिक
  • 5/10
Searchmycampus.com वेबसाइट को तीन साल चलाने के बाद पीयूष ने एक साथ चार वेबसाइट शुरू किया. ये चार वेबसाइट आईवियर, ज्वेलरी, घड़ी और बैग्स के लिए थीं. लेकिन समय के साथ पीयूष ने आईवियर को अपनी प्रायोरिटी बना ली और उसी पर फोकस करने लगे.  

Microsoft की नौकरी छोड़ बेचने लगा चश्मा, आज है अरबों का मालिक
  • 6/10
आज देशभर में लेंसकार्ट के ऑफलाइन आउटलेट्स 1500 से ज्यादा शहरों में हैं. फ्रेंचाइजी मॉडल को अपनाते हुए लेंसकार्ट देश के हर शहर में अपने कारोबार का विकस्तार कर रहा है.
Microsoft की नौकरी छोड़ बेचने लगा चश्मा, आज है अरबों का मालिक
  • 7/10
लेंसकार्ट, आई चेकअप की सुविधा भी मुहैया कराती है.
Microsoft की नौकरी छोड़ बेचने लगा चश्मा, आज है अरबों का मालिक
  • 8/10
पीयूष गोयल के अनुसार उनकी सफलता के लिए तीन बातें जिम्मेदार हैं : पहला, जमीन पर रहते हुए आइडिया तैयार करना. यानी कारोबार हवा-हवाई बातों से नहीं, धैर्य और एकाग्रता से चलता है. दूसरा, सपोर्ट सिस्टम. कोई भी काम शुरू करने से पहले अपना सपोर्ट सिस्टम जरूर तैयार रखें. तीसरा, पीयूष मल्टीटास्क‍िंग में यकीन रखते हैं और किस ई-मेल का जवाब देना है और किस तरह ये जानना भी जरूरी है. यह कारोबार के सफल होने की बड़ी वजहों में एक है.
Microsoft की नौकरी छोड़ बेचने लगा चश्मा, आज है अरबों का मालिक
  • 9/10
पीयूष कहते हैं कि फैसला लेने वो वक्त नहीं लेते. इसलिए उनके हाथ से मौके जल्दी चूकते नहीं. इसके अलावा उनका मानना है कि जिम्मे‍दारियों को बांटने के बाद कर्मचारियों की प्रोडक्ट‍िविटी बढ़ जाती है. इससे उन्हें पावर का भी एहसास होता है. इसलिए जिम्मेदारी के साथ काम करते हैं.
Advertisement
Microsoft की नौकरी छोड़ बेचने लगा चश्मा, आज है अरबों का मालिक
  • 10/10
पीयूष रात को 11 बजे सोते हैं और सुबह 5 बजे उठते हैं. उनके पास आईफोन6 फोन है और सेहत को सबसे कीमती चीज मानते हैं. पीयूष ने दो साल में 11 किलोग्राम वजन घटाया है.
Advertisement
Advertisement