क्रिकेट के मैदान में भले ही कई बेहतरीन खिलाड़ी अपना जलवा बिखरते हो, लेकिन अंपायर का फैसला ही पूरे मैच की जीत-हार तय करता है. जहां क्रिकेट में है खिलाड़ियों को अच्छी खासी रकम दी जाती है, वहीं अंपायर भी मोटी एक मैच की मोटी फीस लेते हैं. जानें अंपायरिंग में करियर बनाने के लिए क्या-क्या करना होता है और उन्हें एक मैच के लिए कितने पैसे दिए जाते हैं.
बता दें कि आईपीएल में अंपायरों की दो श्रेणी होती है, जिसमें एलीट अंपायर और एंट्री लेवल अंपायर शामिल है. रिपोर्ट्स के अनुसार एलिट अंपायर को 2700 डॉलर से 3200 डॉलर (एक लाख 92 हजार रुपये) दिए जाते हैं, जबकि एंट्री लेवल अंपायरों को हर मैच के 1000 डॉलर दिए जाते हैं. पूरे सीजन की बात करें तो एलिट अंपायरों को पूरे सीजन में करीब 60 हजार डॉलर (साढ़े तीन करोड़ रुपये) मिल सकते हैं, जबकि एंट्री लेवल के अंपायर 20 हजार डॉलर (12 लाख रुपये) तक कमा पाते हैं.
कई खेल वेबसाइटों के अनुसार वन-डे और टेस्ट मैच में अंपायरों की सैलरी टूर्नामेंट आदि पर निर्भर करती है. वहीं औसत अंदाजा लगाया जाए तो उनकी बेसिक सैलरी 30 हजार डॉलर से 50 हजार डॉलर के बीच होती है और टेस्ट मैच में 3000 डॉलर और वनडे मैच के लिए करीब 1000 डॉलर दिए जाते हैं.
अंपायर बनने के लिए योग्यता:- अंपायर बनने के लिए क्रिकेट के 42 नियमों को जानना आवश्यक है. क्रिकेट की बेहतरीन समझ होनी चाहिए. साथ ही अंपायर का व्यवहार भी काफी मायने रखता है.
कैसे बनें अंपायर:- अंपायर बनने के लिए राज्य स्तरीय स्पोर्ट बॉडियों द्वारा समय-समय पर
प्रयोगात्मक और लिखित परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं. अगर व्यक्ति इस परीक्षा में पास हो जाता है तब वह बीसीसीआई के द्वारा आयोजित की जाने वाली अंपायरिंग परीक्षा में बैठने के लिए योग्य माना जाता है.
अगर व्यक्ति इस दूसरे स्तर की परीक्षा को पास कर लेता है तो उसे बीसीसीआई पैनल के लिए चुन लिया जाता है और कुछ दिनों तक राष्ट्रीय मैचों में अंपायरिंग करने के बाद व्यक्ति को अंतरराष्ट्रीय मैचों में अंपायरिंग करने का मौका दिया जाता है.
वहीं अंपायरिंग एक जिम्मेदारी वाली नौकरी है. कभी-कभार अगर आपने एक बड़े खिलाड़ी को गलती से आउट दे दिया तो आपको दर्शकों की कड़वी बातों को भी सुनना पड़ता है.