आज भाजपा का स्थापना दिवस है. 6 अप्रैल 1980 में भाजपा की स्थापना हुई थी. भाजपा को पूरे 38 साल हो गए हैं. आज इस अवसर पर हम आपको भाजपा के उन नेताओं के एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के बारे में बता रहे हैं, जो राजनीति की दुनिया में अपनी अलग पहचान रखते हैं. संभवत: इनके दम पर ही भाजपा आज देश की आज सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर पाई है...
नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडनगर से अपनी हायर सेकेंडरी एजुकेशन को पूरा किया. उनके शिक्षक उन्हें औसत छात्र का दर्जा देते थे. हां बचपन से ही उनकी दिलचस्पी डिबेट और थिएटर में जरूर थी. साल 1978 में उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डिस्टेंस एजुकेशन प्रोग्राम से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया और फिर 5 साल बाद गुजरात यूनिवर्सिटी से साल 1982 में पॉलिटिकल साइंस में मास्टर डिग्री हासिल की.
नरेंद्र मोदी के राइट हैंड माने जाने वाले और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की पॉलिटिकल लाइफ को तो आप बखूबी जानते हैं, पर क्या आपको पता है कि राजनीति की दुनिया के बादशाह अमित शाह पहले बैंक में काम करते थे. उनकी शुरुआती पढ़ाई मेहसाणा में हुई. फिर बायोकेमिस्ट्री में ग्रेजुएशन करने के लिए उन्होंने अहमदाबाद के सीयू शाह साइंस कॉलेज में एडमिशन लिया. बायोकेमिस्ट्री में बीएससी की डिग्री लेने के बाद अमित शाह ने अपने पिता के बिजनेस को ज्वाइन कर लिया. यहां तक कि स्टॉक ब्रोकर के तौर पर भी उन्होंने काम किया और अहमदाबाद के को-ऑपरेटिव बैंक में नौकरी भी की.
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ पढ़ाई में बेहद होशियार थे. उनकी शुरुआती शिक्षा प्राथमिक विद्यालय ठंगर में हुई थी. इसके बाद योगी ने गढ़वाल यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया, जहां से उन्होंने गणित में बीएससी की डिग्री हासिल की. हालांकि कॉलेज के दिनों में तब उन्हें लोग योगी आदित्यनाथ के नाम से नहीं जानते थे. उनका असली नाम है अजय सिंह बिष्ट. कॉलेज में अजय अपनी कक्षा के सबसे होशियार छात्रों में एक थे और यही नहीं, योगी बहुत ही अच्छे वक्ता हैं और अपने भाषण से किसी भी व्यक्ति को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं. कॉलेज के समय से ही अपनी स्पीच क्वालिटी के लिए वे खूब मशहूर थे.
अरुण जेटली देश के सबसे पढ़े-लिखे राजनेताओं में से एक अरुण जेटली के फैसलों और अर्थशास्त्र की गहरी समझ को देखकर आप इस बात का अंदाजा तो लगा सकते हैं कि उन्होंने अर्थशास्त्र की पढ़ाई जरूर की होगी. देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली दिल्ली हाई कोर्ट के वरिष्ठ एडवोकेट हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली के सेंट जेवियर्स स्कूल से हुई. दिल्ली के प्रसिद्ध कॉलेज श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से ग्रेजुएट होने के बाद अरुण जेटली ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से साल 1977 में लॉ डिग्री हासिल की. अपने कॉलेज के दिनों में जेटली कॉलेज प्रेसिडेंट भी रहे. वाद-विवाद में हिस्सा लेना, क्रिकेट खेलना और पढ़ाई करना जेटली के पसंदीदा काम थे. अरुण जेटली के परिवार में कई लोग वकील थे. उनके पिता महाराज किशन जेटली भी पेशे से वकील ही थे. शायद यही वजह है कि जेटली का रुझान वकालत की ओर अपने आप हो गया.
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज राजनीति की दुनिया में आने से पहले कानून की पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं. सुप्रीम कोर्ट में बतौर वकील प्रैक्टिस कर रही थीं. उन्होंने अंबाला के एसडी. कॉलेज से संस्कृत और पॉलिटिकल साइंस में बीए की डिग्री हासिल की और फिर पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से LL.B किया. पढ़ाई के दौरान हरियाणा के भाषा विभाग द्वारा राज्य स्तर पर आयोजित होने वाली प्रतियागिता में सुषमा स्वराज लगातार तीन साल बेस्ट हिन्दी स्पीकर विनर रहीं. उनके भाषण को सुनकर आपको इस बात का अंदाजा लग गया होगा कि सुषमा स्वराज कितनी अच्छी वक्ता हैं.
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने दिल्ली के होली चाइल्ड ऑक्सिलियम स्कूल से 12वीं की है. इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से कॉरेस्पोंडेंस के जरिये उन्होंने बीए डिग्री हासिल की. हालांकि साल 2011 के विधानसभा चुनाव में गुजरात से नोमिनेशन पेपर फाइल करने के दौरान स्मृति ईरानी ने खुलासा किया कि उनकी उच्चतम शिक्षा बी.कॉम पार्ट-1 तक हुई है. बता दें, उनकी शैक्षणिक योग्यता और डिग्री को लेकर काफी विवाद हुआ था.