साल 1592 में आज ही के दिन मुगल शासक शाहजहां का लाहौर (जो अब पाकिस्तान में है) में जन्म हुआ था. शाहजहां को अधिकतर लोग दुनिया के अजूबों में से एक ताजमहल को लेकर ही जानते हैं. लेकिन कई ऐसी बातें हैं जो आप ताजमहल के बारे में नहीं जानते होंगे...
दुनिया के 8 अजूबों में एक ताजमहल की खूबसूरती की लोग मिसाल देते हैं. यह एक ऐसा अजूबा है जो अपनी खूबसूरती के साथ प्यार के एहसास के लिए भी जाना जाता है.
यह सब जानते हैं कि शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज की याद में इसका निर्माण करवाया था. दरअसल शाहजहां के 14वें संतान को जन्म देते समय उनका निधन हो गया था और उनकी याद में ही शाहजहां ने ताजमहल बनवाया.
कई जानकारों का कहना है कि आगरा में मुमताज के शव को ममी बनाकर रखा गया था और ताजमहल तैयार होने के बाद ही उन्हें वहां दफनाया गया.
ताजमहल का निर्माण 22 साल में पूरा किया गया था और बताया जाता है कि उसके बाद शाहजहां ने मजूदरों के हाथ कटवा दिए थे. जिसके चलते मजदूरों ने उसकी छत में एक छेद छोड़ दिया है, जहां से पानी टपकता है.
आपको ये जानकार अजीब लगेगा, लेकिन यह सच है कि ताजमहल को तीन बार बेचा गया है और यह काम किया था बिहार के ठग नटवरलाल ने. नटवरलाल ने एक दो बार नहीं बल्कि तीन बार धोखे से ताजमहल को बेच दिया था.
इस ठग ने ताजमहल ही नहीं लाल किले को दो बार और एक बार राष्ट्रपति भवन को बेच दिया था. उसके खिलाफ ठगी के कई मामले दर्ज थे और कई राज्यों की पुलिस उसका पीछा कर रही है.
ताजमहल की नींव में एक विशेष प्रकार की लकड़ी का प्रयोग हुआ है, जिसको नमी में रहना आवश्यक है. यमुना के किनारे बसे होने की वजह से इन लकड़ियों को नमी मिलती रहती है. हाल ही में यमुना का जल-स्तर कम होने से ताजमहल पर भी संकट नजर आने लगा था.
यह सुनकर आपको थोड़ा अजीब लगेगा, लेकिन यह कहा जाता है कि ताजमहल कुतुब मीनार से लंबा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ताजमहल की ऊंचाई 73 मीटर है जबकि कुतुब मीनार की ऊंचाई 72.5 मीटर है. वहीं विकिपीडिया के अनुसार भी ताजमहल की ऊंचाई कुतुब मीनार से ज्यादा है.