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एजुकेशन

अशांत राज्य, इंटरनेट बैन, कठिन हालात में J-K के युवाओं ने निकाला UPSC

अशांत राज्य, इंटरनेट बैन, कठिन हालात में J-K के युवाओं ने निकाला UPSC
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जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाला अनुच्छेद 370 आज ही के दिन (5 अगस्त) हटाया गया था. इसके बाद राज्य में लॉकडाउन कर इंटरनेट की सेवाएं बंद कर दी कर गई थीं, स्कूल- कॉलेज लंबे समय तक बंद रहे थे. ऐसे में यहां के छात्रों को परीक्षा की तैयारी करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, लेकिन कहते हैं जहां राह है वहां चाह है. मुश्किल हालात के दौरान भी जम्मू- कश्मीर के कई छात्रों ने देश की सबसे मुश्किल परीक्षा UPSC पास की है. बता दें, J-K के 16  युवाओं ने सिविल सेवा परीक्षा  पास कर इतिहास रच दिया है जिसमें लद्दाख के छात्र भी शामिल हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में.
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सबसे पहले बात करते हैं करगिल के 29 साल के मोहम्मद नवाज शराफ उद्दीन  के बारे में, जिन्होंने बरेली के Indian   Veterinary Research Institute में पढ़ते हुए सिविल सर्विसेज परीक्षा पास की है. ये उनका पांचवां प्रयास था.  उन्होंने बताया  वह  शाह फैसल से प्रेरित हुए थे, 2009 में, भारतीय सिविल सेवा परीक्षा में प्रथम स्थान पाने वाले फैसल पहले कश्मीरी बने थे. हालांकि अब उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

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जम्मू-कश्मीर के Trehgam में रहने वाले 29 साल के आफताब रसूल मलिक ने यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली है. मलिक का कहना है कि मेरा गांव लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) के पास है,  वह अपने गांव के पहले ऐसे शख्स हैं जिन्होंने अपने यूपीएससी की परीक्षा पास की है.


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मलिक ने दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) से एमए इतिहास, एम फिल और पीएचडी और जेएनयू से बीए ऑनर्स  की डिग्री ली है.

उन्होंने कई बार NET भी क्रैक किया है. उन्होंने बताया जब मैंने कक्षा छठी में  जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश लिया, उसके बाद मेरी जिंदगी बदल गई. यहां की शिक्षा प्रणाली सबसे बेहतर है. उन्होंने कहा, 'मेरे शिक्षकों ने मुझे यूपीएससी के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित किया.'

आज इस परीक्षा के पीछे शिक्षकों की सलाह और कड़ी मेहनत है. उन्होंने कहा कि वह  जम्मू एंड कश्मीर कैडर पसंद करेंगे, लेकिन कहीं और भी सेवा करने के लिए तैयार हैं.  बता दें, वह करीब दो हफ्ते पहले गांव लौटे हैं.  मलिक ने कहा, रिजल्ट आने के बाद सभी खुश हैं. इस साल हमारे घर में दोहरी ईद मनाई जा रही है.
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जम्मू एंड कश्मीर की एक लड़की नादिया बेग ने अपने दूसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास की है. उन्होंने बताया, "मैं 2018 में प्रारंभिक परीक्षा को पास करने में असफल रही,  लेकिन मैंने 2019 में इसे  पास किया. मैं सिर्फ यह कहना चाहती हूं कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए हर संभव कोशिश करो."


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आतंकवाद से प्रभावित दक्षिण कश्मीर से, आसिफ यूसुफ तांत्रे ने यूपीएससी परीक्षा में 328वीं रैंक हासिल की है. उन्होंने 2016 में बीटेक  की डिग्री लेने के बाद यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी शुरू की थी.
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गुरेज बांदीपोरा के रईस अहमद ने यूपीएससी 2019 में 747वीं रैंक हासिल की है. उन्होंने बताया, "वह दिन में 4-5 घंटे पढ़ाई किया करते थे. बाकी समय क्रिकेट और अन्य एक्टिविटी किया करते थे."


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जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के उन उम्मीदवारों के नाम, जिन्होंने पास की UPSC 2019 परीक्षा

-अभिषेक अगस्त्य 38 वें स्थान पर

- सनी गुप्ता (148)

-जम्मू से देव अहुति (177)

- पार्थ गुप्ता (240)

-असर अहमद किचलू (248)

- आसिफ यूसुफ तांत्रे (328)

- नामग्याल अंग्मो (323)

-नादिया बेग (350) कुपवाड़ा

- आफताब रसूल (412) - त्रेगमगम कुपवाड़ा

- सबीर अहमद गनी (628)

- माजिद इकबाल खान (638) -ए निवासी शेंगस अनंतनाग

- स्टैनज़िन वांग्याल , रईस हुसैन (747)
 
- मोहम्मद नवास शराफ उद्दीन शराफुद्दीन (778)

-  सैयद जुनैद आदिल (822)