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एजुकेशन

बेहद खास है भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों की कहानी, ऐसे बने देश की शान

बेहद खास है भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों की कहानी, ऐसे बने देश की शान
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भारत 26 जनवरी का जश्न मनाने की तैयारी कर रहा है. भारत में कई ऐसी खास बातें हैं, जिन्हें हर भारतीय पर गर्व है और उनमें भारत के राष्ट्रीय प्रतीक भी शामिल है. लेकिन क्या आप जानते हैं भारत के कौन-कौन से राष्ट्रीय प्रतीक हैं और उनके राष्ट्रीय प्रतीक बनाए जाने की क्या कहानी है...
बेहद खास है भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों की कहानी, ऐसे बने देश की शान
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राष्‍ट्रीय ध्‍वज- तिरंगा
राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे में तीन पट्टियों से मिलकर बना है, जिसमें गहरा केसरिया रंग सबसे ऊपर, सफेद बीच में और हरा रंग सबसे नीचे होता है. वहीं सफेद पट्टी के बीच में नीले रंग का चक्र है. झंडे की लंबाई-चौड़ाई का अनुपात 3:2 है. इसमें केसरिया रंग देश की ताकत और साहस, सफेद रंग धर्म चक्र के साथ शांति और सत्य, हरा रंग शुभ, विकास और उर्वरता को दिखाता है. वहीं बीच का चक्र सारनाथ में अशोक के सिंह स्तंभ पर बने चक्र से लिया गया है.

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राजकीय प्रतीक- अशोक स्तंभ
भारत का राजकीय प्रतीक सारनाथ स्थित अशोक के सिंह स्तंभ की अनुकृति है, जो सारनाथ के संग्रहालय में सुरक्षित है. मूल स्तंभ में शीर्ष पर चार सिंह हैं, जो एक-दूसरे की ओर पीठ किए हुए हैं. इसके नीचे घंटे के आकार के पदम के ऊपर एक चित्र वल्लरी में एक हाथी, चौकड़ी भरता हुआ एक घोड़ा, एक सांड और एक सिंह की उभरी हुई मूर्तियां हैं, इसके बीच-बीच में चक्र बने हुए हैं. एक ही पत्थर को काट कर बनाए गए इस सिंह स्तंभ के ऊपर 'धर्मचक्र' रखा हुआ है.
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राष्‍ट्रीय पशु- बाघ
भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ धारीदार जानवर है. ताकत, फुर्तीलापन और अपार शक्ति के कारण बाघ को भारत के राष्‍ट्रीय जानवर के रूप में गौरवान्वित किया है.
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राष्‍ट्रीय गीत- वंदे मातरम्
वन्‍दे मातरम् गीत बंकिम चन्‍द्र चटर्जी की ओर से संस्‍कृत में लिखा गया है. यह आाजादी की लड़ाई में लोगों के लिए प्ररेणा का स्रोत था. इसका स्‍थान जन-गण-मन के बराबर है. इसे पहली बार 1896 में भारतीय राष्‍ट्रीय कांग्रेस के सत्र में गाया गया था.
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राष्‍ट्रीय पक्षी- मोर
भारत का राष्‍ट्रीय पक्षी मोर है. इस प्रजाति का नर मादा से अधिक रंगीन होता है, जिसका चमकीला नीला सीना और गर्दन होती है और अति मनमोहक कांस्‍य हरा 200 लम्‍बे पंखों का गुच्‍छा होता है. मादा भूरे रंग की होती है, नर से थोड़ा छोटा और इसमें पंखों का गुच्‍छा नहीं होता है.

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राष्‍ट्रीय पुष्‍प- कमल
कमल (निलम्‍बो नूसीपेरा गेर्टन) भारत का राष्‍ट्रीय फूल है. यह पवित्र पुष्‍प है और इसका प्राचीन भारत की कला और गाथाओं में विशेष स्‍थान है और यह अति प्राचीन काल से भारतीय संस्‍कृति का मांगलिक प्रतीक रहा है. मौजूदा उपलब्‍ध डेटा के अनुसार, वनस्‍पति विविधता में इसका विश्‍व में दसवां और एशिया में चौथा स्‍थान है.
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राष्‍ट्रीय पेड़- बरगद
भारत का राष्ट्रीय पेड़ बरगद का पेड़ (फाइकस बैंगा‍लेंसिस) है, जिसकी शाखाएं और जड़ें एक बड़े हिस्‍से में एक नए पेड़ के समान लगने लगती हैं. आज भी बरगद के पेड़ को ग्रामीण जीवन का केंद्र बिन्‍दु माना जाता है और गांव की परिषद इसी पेड़ की छाया में बैठक करती है.
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राष्‍ट्र-गान- जन गण मन
भारत का राष्‍ट्र गान जन-गण-मण हैं. कवि रविन्‍द्र नाथ टैगोर द्वारा लिखे गए "जन गण मन" के नाम से प्रख्‍यात शब्‍दों और संगीत की रचना भारत का राष्‍ट्र गान है.
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मुद्रा चिन्ह-
भारतीय रुपये का प्रतीक चिन्ह देवनागरी लिपि के 'र' और रोमन लिपि के अक्षर 'आर' को मिला कर बना है, जिसमें एक क्षैतिज रेखा भी बनी हुई है. भारत सरकार ने 15 जुलाई 2010 को इस चिन्ह को स्वीकार कर लिया है. यह चिन्ह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मुम्बई के पोस्ट ग्रेजुएट डिजाइन श्री डी. उदय कुमार ने बनाया है.

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