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सिर्फ नंबर नहीं, लीडरशिप भी जरूरी, वसंत वैली स्कूल के टॉपर्स ने Gen Z को दी सीख

वसंत वैली स्कूल के 12वीं के टॉपर्स ने साबित कर दिया है कि कामयाबी का मतलब सिर्फ रट्टा मारना नहीं, बल्कि पढ़ाई और व्यक्तित्व विकास के बीच संतुलन बनाना है. इन छात्रों ने नंबरों की रेस से आगे निकलकर सफलता की एक नई परिभाषा लिखी है.

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नंबरों से आगे निकलकर वसंत वैली के छात्रों ने रचा इतिहास (Photo-ITG)
नंबरों से आगे निकलकर वसंत वैली के छात्रों ने रचा इतिहास (Photo-ITG)

दिल्ली के वसंत वैली स्कूल के 12वीं के टॉपर्स ने Gen Z के लिए कामयाबी की एक नई मिसाल पेश की है, उन्होंने साबित कर दिया है कि बेहतरीन नंबर लाने के लिए किताबी कीड़ा होना ज़रूरी नहीं है. आप पढ़ाई के साथ-साथ दूसरी गतिविधियों में माहिर होकर भी टॉप कर सकते हैं.

99.5% अंकों के साथ स्कूल टॉप करने वाली रीतिका पंवार ने पढ़ाई के साथ-साथ 'हेड गर्ल' की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई और स्कूल के हर प्रोग्राम में आगे रहीं. वहीं, 99% अंक पाने वाली माहिरा वोहरा भी पढ़ाई के साथ-साथ दूसरी एक्टिविटीज में काफी एक्टिव रहीं. कमाल की बात तो यह है कि इस बार बोर्ड टॉपर्स की लिस्ट में स्कूल के स्पोर्ट्स कैप्टन ने भी बाजी मारी है. इन बच्चों ने दिखा दिया कि खेल-कूद और स्कूल की दूसरी जिम्मेदारियों को निभाते हुए भी टॉपर बना जा सकता है.

छात्रों का कहना है कि उनकी पीढ़ी मल्टीटास्किंग और किताबी ज्ञान से हटकर कुछ नया सीखने में विश्वास रखती है. हालांकि, 'जेन ज़ी' के लिए डिजिटल भटकाव एक बड़ी चुनौती है, लेकिन इन छात्रों ने अनुशासन, समय प्रबंधन और पढ़ाई-लिखाई के बीच एक स्वस्थ संतुलन बनाए रखने पर ध्यान दिया.

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करीब 49% छात्र ऐसे हैं जिन्होंने 90% से भी ज्यादा नंबर पाए हैं

इंडिया टुडे से बात करते हुए रीतिका पंवार ने कहा कि वह उच्च शिक्षा केवल एक सफल करियर बनाने के लिए नहीं, बल्कि समाज और समुदाय के विकास में अपना सार्थक योगदान देने के लिए भी प्राप्त करना चाहती हैं. स्कूल की प्रिंसिपल शर्मिला बख्शी ने समावेशी शिक्षा और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया. उन्होंने बताया कि वसंत वैली स्कूल पिछले 14 वर्षों से आरटीई (RTE) कार्यक्रम के तहत ईडब्ल्यूएस (EWS) छात्रों का दाखिला ले रहा है, जिससे सभी को समान अवसर और सामूहिक सफलता का माहौल मिल रहा है.

वसंत वैली स्कूल ने इस साल सीबीएसई 12वीं के रिजल्ट में कमाल कर दिया है. स्कूल का औसत रिजल्ट 87% रहा है, वहीं 43% स्टूडेंट्स ने 'A1' ग्रेड हासिल किया है.  इतना ही नहीं, करीब 49% छात्र ऐसे हैं जिन्होंने 90% से भी ज्यादा नंबर पाए हैं. ये आंकड़े बताते हैं कि स्कूल में पढ़ाई का स्तर कितना शानदार रहा है.

CBSE Class 12 Toppers 2026

इस साल के  रिजल्ट इसलिए भी खास हैं क्योंकि इसमें RTE  के तहत आने वाले उन 25% छात्रों का पहला बैच शामिल है, जिन्होंने 2012 में स्कूल में दाखिला लिया था. कुछ छात्रों के सामने कई चुनौतियां होने के बावजूद, उन्होंने सराहनीय प्रदर्शन किया है. यह स्कूल के समावेशी शैक्षिक माहौल और सभी को समान अवसर देने की प्रतिबद्धता को उजागर करता है.

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इन छात्रों की उपलब्धियां युवा अचीवर्स की बदलती सोच को दर्शाती हैं, जहां सफलता को अब केवल नंबरों से नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी और सामाजिक जागरूकता से भी मापा जाता है.

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