संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ओर से आयोजित भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों की अब परीक्षा केंद्रों पर चेहरे से पहचान की जाएगी. यह कदम परीक्षा की सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है जिससे धोखाधड़ी की संभावना भी कम होगी. इतना ही नहीं इसका मकसद केंद्रों पर वेरिफिकेशन प्रोसेस को तेज और आधुनिक बनाना है.
आयोग की वेबसाइट पर जारी नोटिस में कहा गया कि UPSC परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों की पहचान चेहरे से की जाएगी. बता दें कि UPSC कई अलग-अलग सरकारी नौकरियों के लिए परीक्षाओं का आयोजन करता है.
इन परीक्षाओं का करता है आयोजन
UPSC जिन परीक्षाओं का आयोजन करता है उनमें सिविल सेवा परीक्षा भी शामिल है, जिसके जरिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) आदि के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है.
AI फेस ऑथेंटिकेशन का होगा यूज
बता दें कि यह फैसला पिछले साल 14 सितंबर को हुई एनडीए, एनए पेपर 2 एग्जाम 2025 और सीडीएस पेपर 2 एग्जाम 2025 के दौरान किए गए पायलय प्रोजेक्ट की सफलता के बाद लिया गया है. इस प्रोजेक्ट के तहत AI से चलने वाले चेहरे की पहचान प्रणाली की जांच की गई थी. यह टेस्ट गुरुग्राम के कुछ परीक्षा केंद्रों पर किया गया था.
इस तरह करेगा काम
इस सिस्टम के जरिए परीक्षा केंद्रों पर ली गई उम्मीदवारों की फोटो को फॉर्म में दी गई फोटो से मिलाया गया. इसे लेकर UPSC के अध्यक्ष अजय कुमार का कहना है कि नए सिस्टम से अब एक उम्मीदवार की पहचान केवल 8-10 सेकंड में हो जा रही है. इससे फर्जी उम्मीदवारों को रोकने में भी मदद मिलेगी और परीक्षा की सुरक्षा बढ़ जाएगी.