School Reopen: दिल्ली में पिछले 18 महीने से बंद स्कूलों को खोलने की मांग को लेकर दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों के अभिभावक, बच्चे शिक्षक और प्रबंधक मुख्यमंत्री आवास पर 25 सितंबर को सुबह 11 बजे प्रदर्शन करेंगे. प्रदर्शनकारी चंदवी राम अखाड़े के सामने ट्रामा सेन्टर पर इकट्ठे होकर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ेंगे. इस प्रदर्शन के जरिये शान्तिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाएंगे.
दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल्स मैनेजमेंट असोसिएशन के प्रेजिडेंट आर सी जैन ने मांग की है कि अब कोरोना महामारी का प्रभाव कम होने के बाद स्कूलों को खोलना चाहिए. आर सी जैन ने कहा कि जुलाई में सरकारी स्कूलों की पीटीएम में 8 लाख बच्चों के अभिभावकों ने सरकार से एक राय में मांग की थी कि स्कूल खुल जाने चाहिए. साथ ही ऑनलाइन भी 68 प्रतिशत अभिभावकों ने मांग की थी कि स्कूल खुल जाने चाहिए क्योंकि अब दिल्ली में कोरोना का रेट नगण्य हो चुका है. ऐसी स्थिति में बच्चों को स्कूलों से दूर रखना बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है.
उन्होंने कहा कि दिल्ली में सरकार शराब की दुकानें, मॉल, सिनेमा हॉल और वीकली बाजार आदि खुल चुके हैं. इन सभी जगहों पर भीड़ पहुंचती है. साथ ही सरकार को पता होना चाहिए कि एक सितंबर से दिल्ली में स्कूलों को खोलने के बाद किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना सुनने को अभी तक नहीं मिली है. जहां देश के अधिकतर राज्यों में नर्सरी से लेकर 12वीं तक के स्कूल खुल चुके हैं. वहां पर अभी तक कोई अप्रिय घटना सुनने को नहीं मिली. फिर दिल्ली के बच्चों से क्यों भेदभाव करते हुए उनको स्कूल से दूर रखा जा रहा है.
खासतौर से वो बच्चे और अभिभावक दुखी हैं जो अपने बच्चों को ऑनलाइन क्लास की सुविधा नहीं दे पा रहे हैं. ऐसे बहुत सारे अभिभावक जो गांव में है जिनके बच्चों के नाम अभी भी दिल्ली के स्कूलों में चल रहे हैं चाहे वह ईडब्ल्यूएस श्रेणी के बच्चे हैं, सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे हों या एक ही अभिभावक के जिनके तीन चार बच्चे हैं वह ऑनलाइन क्लास लेने की स्थिति में नहीं है. ऐसे में इन बच्चों को स्कूलों से दूर रखना गरीब बच्चों और अमीर बच्चों के भेद को बढ़ाना होगा.
आरसी जैन ने बताया कि जहां आईसीएमआर, एम्स, यूनेस्को और बड़े-बड़े डॉक्टर इस बात को कह चुके हैं कि स्कूल खोल देने चाहिए. ऐसी स्थिति में दिल्ली सरकार का दिल्ली के बच्चों के प्रति रवैया किसी भी हालत में उचित नहीं ठहराया जा सकता. सरकार ने पहले कहा था एक हफ्ता देखने के बाद हम छठी से 8वीं तक के स्कूल 8 सितंबर से खोल देंगे. फिर उसके बाद हम छठी कक्षा से नीचे के स्कूल भी खोल देंगे. लेकिन, आज 25 दिन हो चुके हैं सरकार स्कूल खोलने के प्रति पूरी तरह से उदासीन है.