राजस्थान में शिक्षा विभाग ने महाराणा प्रताप का राज्य रोहण दिवस बनाने को लेकर स्कूलों को एक आदेश जारी किया है. शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार आगामी 28 फरवरी को प्रदेश के सभी विद्यालयों में महाराणा प्रताप का राज्य रोहण दिवस मनाया जाएगा. शिक्षा विभाग की ओर से शिविरा पंचांग में महाराणा प्रताप राज्यारोहण दिवस 28 फरवरी 2026 को मनाए जाने को लेकर पूर्व में ही उल्लेख किया गया है ताकि बच्चों को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के जीवन को आत्मसात करने की प्रेरणा मिल सके.
शिक्षा विभाग की ओर से जारी किए गए निर्देशों के अनुसार, कक्षा 5, 8,10 एवं 12 के बोर्ड परीक्षा कार्यक्रमों को प्रभावित किए बिना महाराणा प्रताप राज्यारोहण दिवस का आयोजन राज्य के सभी सरकारी गैर सरकारी विद्यालयों में 28 फरवरी को किया जाएगा. इस दिन प्रार्थना सभा में महाराणा प्रताप जी की जीवनी पर प्रेरक प्रसंग, देशभक्ति गीत इत्यादि का आयोजन कराया जाना सुनिश्चित किया जाएगा. बता दें कि राज्यारोहण मतलब जिस दिन मेवाड़ की गद्दी पर महाराणा प्रताप बैठाए गए थे.
इस अवसर पर महाराणा प्रताप जी के जीवन पर आधारित निबंध, प्रश्नोत्तरी, पोस्ट इत्यादि प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों का आयोजन विद्यालय स्तर पर कराए जाएंगे ताकि विद्यार्थी महाराणा प्रताप की जीवन से प्रेरणा ले सकें. इस दौरान कक्षा 3, 4, 6,7, 9 एवं 11 के विद्यार्थियों को ही सम्मिलित किया जाएगा. इन एक्टिविटी का इस तरह आयोजित किया जाएगा कि बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम और बोर्ड परीक्षा ड्यूटी में लगे शिक्षक प्रभावित नहीं हो.
बता दें कि कुछ दिनों पहले चित्तौड़गढ़ जिले में आयोजित राष्ट्रीय स्वदेशी मेले में स्थानीय निवासियों एवं जनप्रतिनिधियों ने चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी के नेतृत्व में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर से मांग की थी कि राज्य के विद्यालयों में महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेने के लिए राज्यारोहण दिवस मनाया जाए. जिस पर शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने सांसद सीपी जोशी की मांग से सहमति प्रकट करते हुए राज्य रोहन दिवस मनाने की घोषणा की थी.