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LU कैंपस में पान-मसाला खाया तो खैर नहीं! कर्मचारियों और शिक्षकों पर लगेगा भारी जुर्माना, चौथी बार पकड़े गए तो जाएगी नौकरी?

लखनऊ विश्वविद्यालय ने अपने कैंपस को नशा मुक्त बनाने के लिए धूम्रपान, पान-मसाला और गुटखा के सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. यह नियम छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी लागू होगा. तीन बार उल्लंघन करने पर ₹500 का जुर्माना होगा और चौथी बार से अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

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लखनऊ व‍िश्वव‍िद्यालय कैंपस में लागू होंगे नये रूल
लखनऊ व‍िश्वव‍िद्यालय कैंपस में लागू होंगे नये रूल

उत्तर प्रदेश की राजधानी के प्रतिष्ठित लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) ने कैंपस को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक सख्त कदम उठाया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर के भीतर धूम्रपान, पान-मसाला और गुटखा के सेवन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. खास बात यह है कि यह नियम केवल छात्रों पर ही नहीं, बल्कि शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी समान रूप से लागू होगा.

विश्वविद्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, कैंपस की गरिमा बनाए रखने के लिए अब जेब ढीली करनी पड़ सकती है. पहली तीन बार यदि कोई कर्मचारी, शिक्षक या अधिकारी कैंपस में धूम्रपान या पान-मसाला खाते पकड़ा जाता है, तो उसे ₹500 का जुर्माना देना होगा.

चौथी बार और उसके बाद यानी तीन बार से अधिक उल्लंघन करने पर इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी.

क्यों जरूरी था यह फैसला?
कैंपस में स्वच्छता और शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है. अक्सर देखा गया है कि प्रॉक्टोरियल बोर्ड की सख्ती के बावजूद परिसर के कोनों में गंदगी और तंबाकू के निशान मिलते थे. प्रशासन का मानना है कि जब शिक्षक और कर्मचारी स्वयं उदाहरण पेश करेंगे, तभी छात्रों के बीच एक सकारात्मक संदेश जाएगा.

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इस खबर की पुष्टि लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर कार्यालय द्वारा जारी यह आधिकारिक सर्कुलर से होती है. विश्वविद्यालय अधिनियम की अनुशासन नियमावली के तहत प्रशासन को परिसर में स्वास्थ्य और स्वच्छता बनाए रखने के लिए ऐसे दंड निर्धारित करने का अधिकार है.

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