scorecardresearch
 

कोटा में जेईई छात्र ने की आत्महत्या, दिल्ली–मुंबई रेल लाइन पर कूदकर दी जान

कोचिंग नगरी कोटा में 12वीं के छात्र और JEE उम्मीदवार सरताज सिंह ने दिल्ली–मुंबई रेल लाइन पर ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी. छात्र पिछले दो साल से कोटा में JEE की तैयारी कर रहा था. पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है.

Advertisement
X
छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और दबाव को गंभीरता से लेना जरूरी है. ( Photo: Pixabay)
छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और दबाव को गंभीरता से लेना जरूरी है. ( Photo: Pixabay)

कोचिंग नगरी कोटा से एक और दर्दनाक खबर सामने आई है. इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (JEE) की तैयारी कर रहे 12वीं के छात्र ने दिल्ली–मुंबई रेल लाइन पर ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी. यह घटना रविवार रात करीब 8:30 बजे उद्योग नगर थाना क्षेत्र में हुई. मृतक छात्र की पहचान हरियाणा के सिरसा जिले के गांव हिमायूं खेड़ा निवासी सरताज सिंह के रूप में हुई है. सरताज पिछले दो वर्षों से कोटा में रहकर JEE की तैयारी कर रहा था और राजीव गांधी नगर स्थित एक हॉस्टल में रहता था.

घटना की जानकारी
उद्योग नगर थाना अधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि ट्रेन के सामने कूदने की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. मृतक का शव एमबीएस अस्पताल के पोस्टमॉर्टम रूम में भेजा गया. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सरताज उसी रात अपने घर हरियाणा लौटने वाली ट्रेन में जाना चाहता था. परिवार के अनुसार, रात को सरताज ने अपने परिजनों से आखिरी बातचीत की थी. उसने कहा कि ट्रेन लगभग तीन घंटे लेट है और वह तब तक रेलवे स्टेशन पर ही रहेगा. हालांकि बाद में परिजनों ने बताया कि ट्रेन असल में लेट नहीं थी। यह कथन उसने बहाने के रूप में कहा था.

कहां का रहने वाला था छात्र
सरताज 12वीं कक्षा का छात्र था और अप्रैल में उसके बोर्ड एग्जाम होने थे. उसने दो साल का JEE कोर्स भी पूरा कर लिया था. उसके पिता कुलदीप सिंह गांव में खेती करते हैं. सरताज परिवार का इकलौता बेटा था. घटना के बाद पूरे परिवार में गहरा मातम पसरा हुआ है. सोमवार को परिजन कोटा पहुंचे, जिनकी मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की गई और शव उन्हें सौंपा गया.

Advertisement

पुलिस कर रही हर पहलू से जांच
पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है. जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि आत्महत्या के पीछे क्या कारण थे. अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि छात्र ने यह कदम अचानक लिया या इसके पीछे कोई मानसिक तनाव या अन्य कारण था.

मानसिक स्वास्थ्य और कोचिंग दबाव
कोटा, जो भारत की कोचिंग नगरी के रूप में जाना जाता है, वहां छात्रों पर अत्यधिक दबाव होता है. JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान छात्र अक्सर मानसिक और भावनात्मक तनाव में रहते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना और समय पर सहारा देना अत्यंत आवश्यक है, ताकि इस तरह के दुखद मामलों को रोका जा सके.

---- समाप्त ----

Advertisement
Advertisement